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समितियों से डीएपी नदारद

Sun, 29 Nov 2015 11:47 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ Updated Sun, 29 Nov 2015 11:47 PM IST
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DAP absent from committees
ऐन रबी के मौसम में उर्वरक की किल्लत से किसान परेशान हैं। अधिकांश साधन सहकारी समितियों पर डीएपी सहित अन्य उर्वरकों का अभाव है।
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समितियों पर खाद और बीज के अभाव के चलते निजी दूकानदार किसानों से मनमाना दाम वसूल रहे हैं। रबी सीजन का दूसरा माह बीतने को है लेकिन अभी तक 11 हजार एमटी के सापेक्ष छह हजार एमटी डीएपी ही भेजी सकी है। कृषि विभाग के अधिकारी किसानों की परेशानी से बेफिक्र होकर चुनाव में लगे हुए हैं।


खाद एवं बीज की उपलब्धता के लिए जिले में 10 पीसीएफ, 10 डीसीएफ, 92 साधन सहकारी समितियां हैं। इसके अलावा 300 से अधिक निजी दुकानों को लाइसेंस जारी किए गए हैं। रबी की बुवाई अक्तूबर से ही शुरू हो गई है लेकिन नवंबर बीतने के बाद भी अधिकांश साधन सहकारी समितियों पर किसानों को भरपूर खाद-बीज नहीं मिल पा रहा है।
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तमाम समितियां के खुलने और बंद होने का समय तक निर्धारित नहीं है। साधन सहकारी समितियों के लिए 11 हजार एमटी डीएपी का लक्ष्य रखा गया है लेकिन अभी उनको बमुश्किल से छह हजार एमटी डीएपी ही उपलब्ध कराया जा सका है।
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इसी तरह गेहूं के 2500 कुंतल में से महज 1600 कुंतल बीज इन केंद्रों से बांटा गा है। जिला मुख्यालय पर 900 कुंतल बीज स्टाक में पड़ा है लेकिन समितियों के सचिव उन्हें मंगा कर किसानों तक पहुंचाने में दिलचस्पी ही नहीं ले रहे हैं। सचिवों की मनमानी का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।


कृषि और सहकारिता विभाग की लापरवाही बेपरवाही का आलम यह है कि किसानों की शिकायत के बाद भी अधिकारियों ने कहीं निरीक्षण करने की जहमत नहीं उठाई। किसान नेता देव प्रकाश राय, राकेश सिंह, देवेंद्र सिंह, किसान शिवाकांत सिंह, संजय सिंह का कहना है कि रबी की बुआई जोरों पर है, लेकिन समितियों पर उर्वरक नदारद है।



 अधिक दाम देेने पर भी गुणवत्तापरक डीएपी सहित अन्य उर्वरक नहीं मिल पा रहा है। शिकायत के बाद भी छापेमारी की कार्रवाई नहीं की जा सकी है। सहायक निबंधक साधन सहकारी समितियां रामनयन सिंह का कहना है कि जिला मुख्यालय पर डीएपी का पर्याप्त स्टाक है। सचिवों की मांग पर डीएपी सहित अन्य उर्वरकों की आपूर्ति की गई है। चुनाव के चलते कहीं दिक्कत आ रही है तो उसे दूर किया जाएगा।
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