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डी-नाइन गैंग के निशाने पर अगला कौन
ब्यूरो/अमर उजाला, मऊ
Updated Thu, 12 May 2016 12:09 AM IST
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डी-नाइन गिरोह का बढ़ रहा आतंक
दो लाख का ईनामी बदमाश धर्मेंद्र सिंह का नाम इन दिनों अपराध जगत में इस कदर छाया है कि इस पर पुलिस और एसटीएफ भी हाथ डालने से कतरा रही है। यही कारण है कि धर्मेंद्र सिंह के गुर्गे भले ही पकड़े जा रहे हों लेकिन अभी तक वह पुलिस की पकड़ से दूर है। ताबड़तोड़ रंगदारी न देने वाले विनोद सेठ की हत्या के एक माह बाद दवा व्यवसायी घूरा गुप्ता की हत्या कर धर्मेंद्र सिंह ने पुलिस को चुनौती दिया है। अब धर्मेंद्र सिंह के डी-नाइन गैंग का अगला निशाना कौन है, इसे लेकर आम लोगों में चर्चा तेज हो गई है।
दो लाख के ईनामी बदमाश धर्मेंद्र सिंह की तलाश मऊ जनपद की ही पुलिस को नहीं बल्कि आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर सहित पूर्वांचल के अधिकांश जनपदों की पुलिस को है। इसका कारण कई जनपदों में अपराध की गतिविधियों में उसका नाम आने प्रमुखता से आने पर है। उसके पीछे कई महीनों से एसटीएफ की टीम भी लगी है। गत 22 मार्च को रंगदारी मांगने पर इंकार करने वाले चिरैयाकोट निवासी बाइक एजेंसी संचालक विनोद सेठ की हत्या धर्मेंद्र सिंह ने स्वयं अपने साथियों के साथ एके 47 से की तो पूरा पूर्वांचल दहल उठा था। इसके बाद उसकी पुलिस को सरगर्मी से तलाश थी। उसके छह से अधिक साथी पकड़े भी जा चुके हैं लेकिन उसे पकड़ने में पुलिस अभी तक विफल है।
बताया जाता है कि धर्मेंद्र सिंह कई बार पुलिस और एसटीएफ पर भी फायरिंग कर भाग चुका है। धर्मेंद्र सिंह के ऊपर विभिन्न जनपदों में 30 से अधिक गंभीर अपराध के दर्ज हैं। विनोद सेठ की हत्या धर्मेंद्र सिंह ने जुुलाई में रंगदारी न देने पर की। रंगदारी देने के लिए पहले उसके साथियों ने जुलाई में ही उसके शो रूम पर दहशत फैलाने के लिए फायरिंग की थी ताकि डर के मारे वह पैसा दे सके। घटना के तीन दिन बाद ही दवा व्यवसायी घूरा गुप्ता से भी बदमाशों ने पांच लाख की रंगदारी मांगे जाने पर ना देने पर फायरिंग की थी।
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दोनों घटनाओं को धर्मेंद्र सिंह ने अपना रुतबा कायम करने के लिए पहले विनोद सेठ की हत्या कराई। इसके बाद घूरा गुप्ता की हुई हत्या के बाद इसे सीधे रूप से धर्मेंद्र सिंह के गैंग से ही जोड़ करके देखा जा रहा है। क्यों की इसके अलावा घूरा गुप्ता की कोई अन्य दुश्मनी नहीं है। दो हत्याएं रंगदारी को लेकर होने के बाद जिले में ऐसे लोगों में खलबली मची हुई है। जिससे धर्मेंद्र सिंह ने रंगदारी मांगी है, इसमें मुहम्मदाबाद गोहना के एक चिकित्सक सहित अल्देमऊ के ग्राम प्रधान सहित कई लोग शामिल है।
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दो लाख के ईनामी बदमाश धर्मेंद्र सिंह की तलाश मऊ जनपद की ही पुलिस को नहीं बल्कि आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर सहित पूर्वांचल के अधिकांश जनपदों की पुलिस को है। इसका कारण कई जनपदों में अपराध की गतिविधियों में उसका नाम आने प्रमुखता से आने पर है। उसके पीछे कई महीनों से एसटीएफ की टीम भी लगी है। गत 22 मार्च को रंगदारी मांगने पर इंकार करने वाले चिरैयाकोट निवासी बाइक एजेंसी संचालक विनोद सेठ की हत्या धर्मेंद्र सिंह ने स्वयं अपने साथियों के साथ एके 47 से की तो पूरा पूर्वांचल दहल उठा था। इसके बाद उसकी पुलिस को सरगर्मी से तलाश थी। उसके छह से अधिक साथी पकड़े भी जा चुके हैं लेकिन उसे पकड़ने में पुलिस अभी तक विफल है।
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बताया जाता है कि धर्मेंद्र सिंह कई बार पुलिस और एसटीएफ पर भी फायरिंग कर भाग चुका है। धर्मेंद्र सिंह के ऊपर विभिन्न जनपदों में 30 से अधिक गंभीर अपराध के दर्ज हैं। विनोद सेठ की हत्या धर्मेंद्र सिंह ने जुुलाई में रंगदारी न देने पर की। रंगदारी देने के लिए पहले उसके साथियों ने जुलाई में ही उसके शो रूम पर दहशत फैलाने के लिए फायरिंग की थी ताकि डर के मारे वह पैसा दे सके। घटना के तीन दिन बाद ही दवा व्यवसायी घूरा गुप्ता से भी बदमाशों ने पांच लाख की रंगदारी मांगे जाने पर ना देने पर फायरिंग की थी।
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दोनों घटनाओं को धर्मेंद्र सिंह ने अपना रुतबा कायम करने के लिए पहले विनोद सेठ की हत्या कराई। इसके बाद घूरा गुप्ता की हुई हत्या के बाद इसे सीधे रूप से धर्मेंद्र सिंह के गैंग से ही जोड़ करके देखा जा रहा है। क्यों की इसके अलावा घूरा गुप्ता की कोई अन्य दुश्मनी नहीं है। दो हत्याएं रंगदारी को लेकर होने के बाद जिले में ऐसे लोगों में खलबली मची हुई है। जिससे धर्मेंद्र सिंह ने रंगदारी मांगी है, इसमें मुहम्मदाबाद गोहना के एक चिकित्सक सहित अल्देमऊ के ग्राम प्रधान सहित कई लोग शामिल है।