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कब्रिस्तान विवाद हल करने के लिए कमेटी
Sun, 23 Dec 2018 11:14 PM IST
पवन सिंह
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Published by: पवन सिंह
Updated Sun, 23 Dec 2018 11:14 PM IST
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कब्रिस्तान
- फोटो : amar ujala
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क्षेत्र के गाड़ा में स्थित शिया सुन्नी के बीच चल रहे सामूहिक कब्रिस्तान के मुद्दे को अब 22 सदस्यीय समिति मिल बैठकर सुलझाएगी। सीआरओ , एसडीएम, सीओ सिटी, तहसीलदार, राजस्व कर्मी तथा शिया और सुन्नी पक्ष के छह-छह सदस्य इस समिति में शामिल किए गए हैं। एक सप्ताह बाद अगले रविवार को कसबे के एक मदरसे में इस सिमिति की बैठक में इस मुद्दे पर विचार कर अंतिम रूप दिया जाएगा। यह निर्णय रविवार को थाने पर सीआरओ और एसडीएम सदर की मौजदूगी में दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों की हुई बैठक में लिया गया। दोनों पक्षों ने इस पर सहमति जताई।
गाड़ा में स्थित कब्रिस्तान में शव दफनाने को लेकर शिया और सुन्नी समुदाय के बीच दो दशक से भी अधिक समय से विवाद चलता आ रहा है। गाड़ा में 230 नम्बर सरकारी अभिलेख में कब्रिस्तान के रूप में दर्ज है। यहां शिया और सुन्नी समुदाय के लोगों के शव दफनाए जातेेे हैं। शव दफनाने को लेकर दोनों पक्षो में कई बार विवाद हो चुका है। शिया समुदाय की ओर से जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर दूसरे पक्ष पर मिट्टी पाट कर कब्जा किये जाने का आरोप लगाया गया और कब्रिस्तान को दोनों पक्षों के लिए अलग-अलग करने की मांग किया था। जिलाधिकारी ने प्रकरण की गंभीरता को देख मौके पर संबंधित अधिकारियों को पहुंचने का निर्देश दिया था। सीआरओ हंसराज, उपजिलाधिकारी सदर डॉ. अंकुर लाठर, तहसीलदार सदर मिथिलेश त्रिपाठी, राजस्व कर्मियों ने दोनों पक्षो को समझौता के लिए थाने बुलाया। मामले से जुड़े पक्षकारों से वार्ता की गई।
मामले के निस्तारण के लिए पक्षकारों की सहमति से 22 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। जिसमें दोनों अधिकारियों के अलावा सीओ सिटी आलोक जायसवाल और थानाध्यक्ष के साथ ही शिया वर्ग से छह व सुन्नी वर्ग के बारह लोगो को शामिल किया गया। कमेटी की बैठक 30 दिसंबर को मदरसा जाफ़रिया में होगी। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को हिदायत दी है कि इस बीच कोई ऐसा काम न करे जिससे आपसी सौहार्द बिगड़े। इस संबंध में पूर्व में भी मामले को लेकर बैठक हुयी थी लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। बैठक को लेकर दो घंटों तक गहमागहमी बनी रही। शिया समुदाय की ओर से जर्रार अली, हसनैन ,कर्रार अली ,असद रजा ,शमीम, हसन रजा आदि रहे।
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गाड़ा में स्थित कब्रिस्तान में शव दफनाने को लेकर शिया और सुन्नी समुदाय के बीच दो दशक से भी अधिक समय से विवाद चलता आ रहा है। गाड़ा में 230 नम्बर सरकारी अभिलेख में कब्रिस्तान के रूप में दर्ज है। यहां शिया और सुन्नी समुदाय के लोगों के शव दफनाए जातेेे हैं। शव दफनाने को लेकर दोनों पक्षो में कई बार विवाद हो चुका है। शिया समुदाय की ओर से जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर दूसरे पक्ष पर मिट्टी पाट कर कब्जा किये जाने का आरोप लगाया गया और कब्रिस्तान को दोनों पक्षों के लिए अलग-अलग करने की मांग किया था। जिलाधिकारी ने प्रकरण की गंभीरता को देख मौके पर संबंधित अधिकारियों को पहुंचने का निर्देश दिया था। सीआरओ हंसराज, उपजिलाधिकारी सदर डॉ. अंकुर लाठर, तहसीलदार सदर मिथिलेश त्रिपाठी, राजस्व कर्मियों ने दोनों पक्षो को समझौता के लिए थाने बुलाया। मामले से जुड़े पक्षकारों से वार्ता की गई।
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मामले के निस्तारण के लिए पक्षकारों की सहमति से 22 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। जिसमें दोनों अधिकारियों के अलावा सीओ सिटी आलोक जायसवाल और थानाध्यक्ष के साथ ही शिया वर्ग से छह व सुन्नी वर्ग के बारह लोगो को शामिल किया गया। कमेटी की बैठक 30 दिसंबर को मदरसा जाफ़रिया में होगी। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को हिदायत दी है कि इस बीच कोई ऐसा काम न करे जिससे आपसी सौहार्द बिगड़े। इस संबंध में पूर्व में भी मामले को लेकर बैठक हुयी थी लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। बैठक को लेकर दो घंटों तक गहमागहमी बनी रही। शिया समुदाय की ओर से जर्रार अली, हसनैन ,कर्रार अली ,असद रजा ,शमीम, हसन रजा आदि रहे।
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