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मारपीट के मामले में पिता पुत्र सहित तीन दोषी, परिवीक्षा पर छोड़े गए
Updated Fri, 30 Nov 2018 10:11 PM IST
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मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो आदिल आफताब अहमद ने दलित के साथ मारपीट करने के मामले में नामजद तीन आरोपियों को मारपीट के मामले में दोषी पाया। तीनों को परिवीक्षा अधिनियम का लाभ देते हुए एक वर्ष तक सदाचार बनाए रखने की हिदायत देते हुए बीस-बीस हजार रुपये के मुचलके पर छोड़ दिया गया। वही एससीएसटी एक्ट और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में दोषमुक्त कर दिया। मामला दोहरीघाट थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार फरसरा खुर्द गांव निवासी रामशब्द की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें गांव के ही टिंकू उर्फ संजीव राय पुत्र श्यामनारायन राय, प्रमोद उर्फ प्रवीण पुत्र विंद्रा राय और श्यामनारायन राय पुत्र राजदेव राय को आरोपी बनाया। वादी का कथन है कि आरोपीगण ने रंजिश को लेकर 22 दिसंबर 2000 को श्रीप्रकाश और उसकी पत्नी निशा को मारपीट कर घायल कर दिया। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया।
कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी ने गवाहों को पेशकर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया हे। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण टिंकू उर्फ संजीव राय, प्रमोद उर्फ प्रवीण राय तथा श्यामनारायन राय को मारपीट और गाली देने का दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद सभी को परिवीक्षा अधिनियम का लाभ देते हुए एक वर्ष तक सदाचार बनाए रखने की हिदायत देते हुए छोड़ दिया।
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अभियोजन के अनुसार फरसरा खुर्द गांव निवासी रामशब्द की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें गांव के ही टिंकू उर्फ संजीव राय पुत्र श्यामनारायन राय, प्रमोद उर्फ प्रवीण पुत्र विंद्रा राय और श्यामनारायन राय पुत्र राजदेव राय को आरोपी बनाया। वादी का कथन है कि आरोपीगण ने रंजिश को लेकर 22 दिसंबर 2000 को श्रीप्रकाश और उसकी पत्नी निशा को मारपीट कर घायल कर दिया। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया।
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कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी ने गवाहों को पेशकर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया हे। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण टिंकू उर्फ संजीव राय, प्रमोद उर्फ प्रवीण राय तथा श्यामनारायन राय को मारपीट और गाली देने का दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद सभी को परिवीक्षा अधिनियम का लाभ देते हुए एक वर्ष तक सदाचार बनाए रखने की हिदायत देते हुए छोड़ दिया।
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