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तो क्या ललकू संशोधित - ने ही रेप कर अन्य आरोपियों को फंसाने को रची थी साजिश...
Updated Sun, 24 Sep 2017 11:07 PM IST
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मऊ। थाना दोहरीघाट क्षेत्र के एक गांव में सामूहिक दुष्कर्म के मामले में युवती ने लालबहादुर उर्फ ललकू यादव नामक व्यक्ति के इशारे पर सात लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। युवती ने अपना बयान बदलते हुए पुलिस को बताया कि उसके साथ ललकू ने ही दुष्कर्म किया था। पुलिस ने अब ललकू को उसी मुकदमें में नामजद करके जांच शुरू कर दी है।
बता दें कि पीड़िता की तहरीर के मुताबिक चार सितंबर को उसके गांव के पास युवती को बंधक बनाकर नईबाजार में ले जाया गया वहां उसके साथ कई आरोपियों ने दुष्कर्म किया। युवती ने पुलिस को तहरीर दी तो पुलिस हीला हवाली करने लगी। पीड़िता आठ से 11 सितंबर तक थाने का चक्कर लगाती रही। पुलिस की टालामटोली से परेशान पीड़िता ने 16 सितंबर को लखनऊ में विधान सभा के गेट नंबर तीन पर जाकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस ने आत्मदाह करने से बचा लिया। पीडिता के बयान को संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के आदेश पर रात में मऊ के तत्कालीन एसपी अभिषेक यादव थाना दोहरीघाट आए तथा पीडिता को न्याय दिलाते हुए उसकी तहरीर पर सात लोगों पर मुकदमा पंजीकृत कराया। पुलिस ने आरोपी बनाए गए आरोपी विशाल यादव पुत्र योगेन्द्र यादव निवासी सरहरा नई बाजार थाना दोहरीघाट, सुरेंद्र यादव, कमलेश यादव, राजकुमार यादव, धर्मेंद्र यादव, निवासी खोईया पट्टी, जनपद गोरखपुर, रामदरश ग्राम बेलवा थाना बडहलगंज, गोरखपुर एवं रामचंद्र यादव निवासी जयनपुर, थाना बड़हलगंज गोरखपुर के विरुद्ध अपराध सं. 407/17 धारा 376 , 363 , 366 , 506 , 120 आई पी सी व 3/4 पास्को एक्ट के मुकदमा दर्ज किया गया था।
लेकिन अब पीड़िता के बयान देने के बाद पूरा मामला ही पलट गया। पीड़िता ने बताया कि उसने ललकू के इशारे पर दूसरे पर आरोप लगाया था। जबकि उसके साथ गलत काम ललकू ने ही किया। बयान के बाद विवेचना कर रहे थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने साजिशकर्ता ललकू यादव के खिलाफ उसी मुकदमे में सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया और उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश भी दी लेकिन वह फरार हो गया। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक शिवाजी शुक्ला का कहना है कि युवती के बयान के बाद मामले में अन्य एक अभियुक्त का नाम जोड़ा गया है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में अभी लगी हुई है।
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बता दें कि पीड़िता की तहरीर के मुताबिक चार सितंबर को उसके गांव के पास युवती को बंधक बनाकर नईबाजार में ले जाया गया वहां उसके साथ कई आरोपियों ने दुष्कर्म किया। युवती ने पुलिस को तहरीर दी तो पुलिस हीला हवाली करने लगी। पीड़िता आठ से 11 सितंबर तक थाने का चक्कर लगाती रही। पुलिस की टालामटोली से परेशान पीड़िता ने 16 सितंबर को लखनऊ में विधान सभा के गेट नंबर तीन पर जाकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस ने आत्मदाह करने से बचा लिया। पीडिता के बयान को संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के आदेश पर रात में मऊ के तत्कालीन एसपी अभिषेक यादव थाना दोहरीघाट आए तथा पीडिता को न्याय दिलाते हुए उसकी तहरीर पर सात लोगों पर मुकदमा पंजीकृत कराया। पुलिस ने आरोपी बनाए गए आरोपी विशाल यादव पुत्र योगेन्द्र यादव निवासी सरहरा नई बाजार थाना दोहरीघाट, सुरेंद्र यादव, कमलेश यादव, राजकुमार यादव, धर्मेंद्र यादव, निवासी खोईया पट्टी, जनपद गोरखपुर, रामदरश ग्राम बेलवा थाना बडहलगंज, गोरखपुर एवं रामचंद्र यादव निवासी जयनपुर, थाना बड़हलगंज गोरखपुर के विरुद्ध अपराध सं. 407/17 धारा 376 , 363 , 366 , 506 , 120 आई पी सी व 3/4 पास्को एक्ट के मुकदमा दर्ज किया गया था।
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लेकिन अब पीड़िता के बयान देने के बाद पूरा मामला ही पलट गया। पीड़िता ने बताया कि उसने ललकू के इशारे पर दूसरे पर आरोप लगाया था। जबकि उसके साथ गलत काम ललकू ने ही किया। बयान के बाद विवेचना कर रहे थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने साजिशकर्ता ललकू यादव के खिलाफ उसी मुकदमे में सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया और उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश भी दी लेकिन वह फरार हो गया। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक शिवाजी शुक्ला का कहना है कि युवती के बयान के बाद मामले में अन्य एक अभियुक्त का नाम जोड़ा गया है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में अभी लगी हुई है।
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