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बुखार, खांसी हीं नहीं अब कोरोना का बदला स्ट्रैन, दूसरे लक्षण से भी रहें सावधान
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मऊ। जिले में कोरोना संक्रमण का ग्राफ बीते तीन दिन से बढ़ता जा रहा है। 72 घंटे में 453 नए मरीज मिले है। यह मरीजों की संख्या अभी और बढ़ सकती थी, अगर लोग जागरूकता दिखाते हुए जांच कराने न पहुंचते। इसके पीछे जागरूकता के साथ कोरोना संक्रमण के नए लक्षणों से अवगत न होना भी एक प्रमुख वजह है। कोरोना की दूसरी लहर इसलिए खतरनाक साबित हो रही है, क्योंकि कोरोना का नय स्ट्रैन धीमे वायरस के रूप में लोगों के घर तक पहुंच रहा है।
चिकित्सकों की माने तो शुरुआती दौर में कोरोना के जो लक्षण थे उनमें बुखार आना, लगातार खांसी होना और स्वाद के साथ-साथ गंध खोने की शिकायत शामिल थे, लेकिन कोरोना के नए स्ट्रेन के लक्षण इससे अलग हैं। खासकर अब बच्चों और युवाओं में उल्टी, दस्त और डायरिया की शिकायत सबसे अधिक मिल रही है। संक्रमित मरीजों की मौत में अधिकांश कारण अधिक सांस की बीमारी या सांस की कमी होना है। सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण का लक्षण अब केवल बुखार, सूखी खांसी, गले में खराश, सुगंध का गायब होना ही नहीं रह गया है। दूसरी लहर में कई मामलों में डायरिया का लक्षण होना, पूरे शरीर या पीठ या फिर पीठ पर दर्द, गले में खराश और थोड़ी-थोड़ी खांसी आना के अलावा आंख आना या आंखों का लाल हो जाना भी देखने को मिल रहा है। कहा कि किसी को भी अगर लगता है वो संदिग्ध है तो नजदीकि अस्पताल में जाकर कोविड-19 की जांच कराए। जिससे उसके संक्रमित होने का पता चल सके। कहा कि संक्रमण से बचाव के लिए बाहर निकलने से बचे, आवश्यक होने पर बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग अनिवार्य रूप से करे। भीड़ भाड़ वाली जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना न भूले, साथ ही हाथों को समय समय पर धोते रहे।
इनसेट
जांच कराने में आना कानी, कहीं पूरे परिवार को न कर दें संक्रमित
मऊ। बीते एक अप्रैल से जिले में 51 अस्पतालों पर 45 वर्ष से ज्यादा आयु के लोगों के लिए टीकाकरण चालू है, लेकिन लोग टीकाकरण कराने को लेकर अब भी जागरूक नहीं दिख रहे है। इतना ही नहीं कहीं जगहों पर मेडिकल टीमों के पहुंचने पर लोग कोविड-19 की जांच कराने में आनाकानी कर रहे है। दबाव देने पर मेडिकल टीम से कुछ जगहों पर अभद्रता भी की जा रही है। लोगों की यह लापरवाही न केवल उनके लिए खतरनाक है बल्कि अनजाने में वो अपने परिवार के साथ आस पास के लोगों को भी संक्रमण की जद में ला सकते है।
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इनसेट
होम आइसोलेशन में भी बरते सतर्कता
मऊ। सीएमओ ने कहा कि होम आइसोलेशन में मरीज दरवाजे के बाहर से ही खाना लें। घर में शौचालय अलग से इस्तेमाल करें। घर को सैनिटाइज करते रहे, साथ ही मास्क का प्रयोग अनिवार्य रूप से करे। कहा कि यदि जांच में कोई लक्षण मिलता है तो सबसे पहले चिकित्सक से संपर्क करें। कहा कि जिनके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा होती है जो उनको लक्षण कम रहते हैं। ऐसे में वे अपने परिवार के उन लोगों से दूर रहें जिनकी प्रतिरोधक क्षमता कम है। खासकर बच्चों, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं से दूर रहें और उन्हें संक्रमण से बचाएं।
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चिकित्सकों की माने तो शुरुआती दौर में कोरोना के जो लक्षण थे उनमें बुखार आना, लगातार खांसी होना और स्वाद के साथ-साथ गंध खोने की शिकायत शामिल थे, लेकिन कोरोना के नए स्ट्रेन के लक्षण इससे अलग हैं। खासकर अब बच्चों और युवाओं में उल्टी, दस्त और डायरिया की शिकायत सबसे अधिक मिल रही है। संक्रमित मरीजों की मौत में अधिकांश कारण अधिक सांस की बीमारी या सांस की कमी होना है। सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण का लक्षण अब केवल बुखार, सूखी खांसी, गले में खराश, सुगंध का गायब होना ही नहीं रह गया है। दूसरी लहर में कई मामलों में डायरिया का लक्षण होना, पूरे शरीर या पीठ या फिर पीठ पर दर्द, गले में खराश और थोड़ी-थोड़ी खांसी आना के अलावा आंख आना या आंखों का लाल हो जाना भी देखने को मिल रहा है। कहा कि किसी को भी अगर लगता है वो संदिग्ध है तो नजदीकि अस्पताल में जाकर कोविड-19 की जांच कराए। जिससे उसके संक्रमित होने का पता चल सके। कहा कि संक्रमण से बचाव के लिए बाहर निकलने से बचे, आवश्यक होने पर बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग अनिवार्य रूप से करे। भीड़ भाड़ वाली जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना न भूले, साथ ही हाथों को समय समय पर धोते रहे।
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जांच कराने में आना कानी, कहीं पूरे परिवार को न कर दें संक्रमित
मऊ। बीते एक अप्रैल से जिले में 51 अस्पतालों पर 45 वर्ष से ज्यादा आयु के लोगों के लिए टीकाकरण चालू है, लेकिन लोग टीकाकरण कराने को लेकर अब भी जागरूक नहीं दिख रहे है। इतना ही नहीं कहीं जगहों पर मेडिकल टीमों के पहुंचने पर लोग कोविड-19 की जांच कराने में आनाकानी कर रहे है। दबाव देने पर मेडिकल टीम से कुछ जगहों पर अभद्रता भी की जा रही है। लोगों की यह लापरवाही न केवल उनके लिए खतरनाक है बल्कि अनजाने में वो अपने परिवार के साथ आस पास के लोगों को भी संक्रमण की जद में ला सकते है।
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होम आइसोलेशन में भी बरते सतर्कता
मऊ। सीएमओ ने कहा कि होम आइसोलेशन में मरीज दरवाजे के बाहर से ही खाना लें। घर में शौचालय अलग से इस्तेमाल करें। घर को सैनिटाइज करते रहे, साथ ही मास्क का प्रयोग अनिवार्य रूप से करे। कहा कि यदि जांच में कोई लक्षण मिलता है तो सबसे पहले चिकित्सक से संपर्क करें। कहा कि जिनके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा होती है जो उनको लक्षण कम रहते हैं। ऐसे में वे अपने परिवार के उन लोगों से दूर रहें जिनकी प्रतिरोधक क्षमता कम है। खासकर बच्चों, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं से दूर रहें और उन्हें संक्रमण से बचाएं।