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सीएम का आदेश बेअसर:
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शासन की तरफ से नगर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रोंसे छुट्टा गोवंशों को पकड़ कर पशु आश्रय स्थलों तक पहुंचाए जाने का आदेश हवा हवाई साबित हो रहा है। नगर के मुख्य मार्ग सहित विभिन्न वार्डो में छुट्टा पशु घूम रहे हैं। मुख्य मार्ग पर चलना खतरे से खाली नही है। राह चलते लोगों से कब छुट्टा पशु आकर टकरा जाए कहां नही कहा जा सकता। छुट्टा पशुओं की चपेट में आकर राह चलते आए दिन लोग चुटहिल हो रहे हैं। यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती रहती है। शासन की तरफ से जिले में घूम रहे छुट्टा पशुओं को पशु आश्रय स्थल भेजने के लिए 31 मार्च 2023 समय सीमा तय की गई थी। इसके बावजूद
नगरपालिका क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग, गाजीपुर तिराहा, जिला अस्पताल के पास, आजमगढ़ मोड़, रोडवेज, बाल निकेतन, चौक, मिर्जाहादीपुरा, ब्रह्मस्थान, यूनियन बैंक के पास, भीटी, मुुंशीपुरा सहित जिले के विभिन्न प्रमुख मार्गो तथा बाजारों में छुट्टा पशुुओं के जमघट लग जाने से आम लोगों की मुुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। छुट्टा पशुओं को पकड़ कर रखने के लिए नगर क्षेेत्र में पशु आश्रय स्थल तो है जिसकी क्षमता मात्र 65 ही है। आंकड़ों पर नजर डाला जाए तो जिले में 52 पशु आश्रय स्थल में 5347 छुट्टा पशु संरक्षित किए गए हैं। हालत यह है कि नगर सहित जिले के मुख्य मार्गो पर छुट्टा पशुओं का जमघट लगा रहता है।नगर क्षेत्र के मुख्य सड़कों पर विचरण करते छुट्टा पशु लोगों के लिए मुसीबत का सबब बने हुए हैं। पशुओं के आपस में भिड़ते रहने से सड़क पर भगदड़ की स्थिति बन जाती है। बचाव में लोग वाहनों से गिरकर चुटहिल होते रहते हैं। सब कुछ जानकर विभागीय अधिकारी खानापूर्ति कर इतिश्री कर ले रहे हैं।
कोट
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नगरपालिका क्षेत्र मेें 500 पशुओं की क्षमता वाली गो आश्रय स्थल के लिए बजट मिल गया है। नगर क्षेत्र में ताजोपुर स्थित गो आश्रय स्थल का विस्तार करने के लिए नगरपालिका प्रशासन को कहा गया है।
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छुट्टा पशुओं को गो आश्रय स्थल भेजा जा रहा है।
डॉ. एम प्रसाद
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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नगरपालिका क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग, गाजीपुर तिराहा, जिला अस्पताल के पास, आजमगढ़ मोड़, रोडवेज, बाल निकेतन, चौक, मिर्जाहादीपुरा, ब्रह्मस्थान, यूनियन बैंक के पास, भीटी, मुुंशीपुरा सहित जिले के विभिन्न प्रमुख मार्गो तथा बाजारों में छुट्टा पशुुओं के जमघट लग जाने से आम लोगों की मुुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। छुट्टा पशुओं को पकड़ कर रखने के लिए नगर क्षेेत्र में पशु आश्रय स्थल तो है जिसकी क्षमता मात्र 65 ही है। आंकड़ों पर नजर डाला जाए तो जिले में 52 पशु आश्रय स्थल में 5347 छुट्टा पशु संरक्षित किए गए हैं। हालत यह है कि नगर सहित जिले के मुख्य मार्गो पर छुट्टा पशुओं का जमघट लगा रहता है।नगर क्षेत्र के मुख्य सड़कों पर विचरण करते छुट्टा पशु लोगों के लिए मुसीबत का सबब बने हुए हैं। पशुओं के आपस में भिड़ते रहने से सड़क पर भगदड़ की स्थिति बन जाती है। बचाव में लोग वाहनों से गिरकर चुटहिल होते रहते हैं। सब कुछ जानकर विभागीय अधिकारी खानापूर्ति कर इतिश्री कर ले रहे हैं।
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कोट
नगरपालिका क्षेत्र मेें 500 पशुओं की क्षमता वाली गो आश्रय स्थल के लिए बजट मिल गया है। नगर क्षेत्र में ताजोपुर स्थित गो आश्रय स्थल का विस्तार करने के लिए नगरपालिका प्रशासन को कहा गया है।
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छुट्टा पशुओं को गो आश्रय स्थल भेजा जा रहा है।
डॉ. एम प्रसाद
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी