Mau News: मासूम की मौत, परिजनों ने चिकित्सक पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- मौसम के बाद दूसरी जगह भेजा
मऊ जिले में बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि चिकित्सक ने मौत के बाद कहा कि दूसरी जगह जाकर दिखा लो। पीड़ित पिता ने बताया कि तीन निजी अस्पतालों का चक्कर लगाया, लेकिन डॉक्टर बोले कि धड़कन बंद हो गई है।
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मऊ जिले के कोपागंज के सहरोज गांव में अपनी बुआ के लड़की की शादी में आई बलिया जनपद के बेल्थरा रोड बाजार निवासी अनन्या (06) गर्म दूध गिरने से सोमवार की शाम बुरी तरह झुलस गई। परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। मंगलवार की सुबह बच्ची के अचेत होने के बाद चिकित्सक ने उसे दूसरे अस्पताल ले जाकर दिखाने को कहा।
तीन निजी अस्पताल ले जाने पर वहां चिकित्सक ने बच्ची की धड़कन बंद होने की बात कह भर्ती करने से इनकार कर दिया। परिजन दोबारा बच्ची को जिला अस्पताल लेकर आए और चिकित्सक पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
जानकारी के मुताबिक बलिया जनपद के बेल्थरा रोड बाजार निवासी राकेश गुप्ता अपनी बेटी अनन्या के साथ कोपागंज के सहरोज अपनी बुआ के घर शादी में शामिल होने के लिए आया था। सोमवार की शाम को वैवाहिक कार्यक्रम की तैयारी चल रही थी। उसी दौरान दूध गर्म किया जा रहा था।
अचानक गर्म दूध बच्ची की शरीर पर गिर गया और वह बुरी तरह झुलस गई। परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में लाकर भर्ती कराया। पिता ने बताया के उपचार के बाद बच्ची को दो इंजेक्शन दिया गया। शाम को बच्ची ने परिजन से बात की। इसके बाद पूरी रात बच्ची को कोई भी चिकित्सक देखने के लिए नहीं आया।
सोमवार की सुबह बच्ची की हालत गंभीर होने पर इमरजेंसी के चिकित्सक ने कोई परामर्श नहीं दिया। पूछने पर कहा कि किसी दूसरे अस्पताल में ले जाकर दिखाइए। पिता ने रोते हुए बताया कि उसने बच्ची को लेकर तीन निजी अस्पतालों का चक्कर लगाया। तीनों जगह उसे बताया कि बच्ची की धड़कन बंद हो चुकी है। इसके बाद पुन: जिला अस्पताल लेकर आया, लेकिन देखते ही चिकित्सक इमरजेंसी कक्ष से गायब हो गए।
पिता ने बताया कि जिला अस्पताल में सोमवार की शाम को भर्ती कराने के बाद चिकित्सक ने कहा था कि बच्ची सही है। पिता ने कहा कि अगर उसी समय चिकित्सक बता देते कि किसी दूसरे अस्पताल ले जाइए तो मैं उसी समय बच्ची को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया तो मेरी बेटी की जान बच गई होती।
परिजनो ने बच्ची की मौत के बाद जिला अस्पताल में चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह समझाकर मामला शांत कराया। सरायलखंसी थानाध्यक्ष घनश्याम यादव ने बताया कि शव परिजन को समझाकर मामला शांत कराने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अस्पताल में शांति व्यवस्था कायम है।
बच्ची करीब 80 फीसदी जल गई थी। उपचार के दौरान बच्ची की मौत हो गई है। चिकित्सक उपचार के लिए जो भी जरूरी दवा था, सभी बच्ची को दिए थे। सब कुछ आन पेपर है।
-डॉ. सीसी आर्या, प्रभारी सीएमएस जिला अस्पताल