{"_id":"598b53564f1c1b55488b4689","slug":"child-care-death-due-to-negligence-in-treatment","type":"story","status":"publish","title_hn":"इलाज में लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इलाज में लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत
mau news
Updated Wed, 09 Aug 2017 11:54 PM IST
विज्ञापन
नर्सिंग होम में जच्चा-बच्चा दोनों की मौत के बाद मुआवजा और डाक्टर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मधुबन-बेल्थरा मार्ग को जाम करते ग्रामीण।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मधुबन (मऊ)।बाजार स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की मंगलवार शाम मौत होने से गुस्साए परिवार के सदस्यों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर बुधवार को अस्पताल परिसर में हंगामा किया। साथ ही मधुबन-बेल्थरा रोड मार्ग जाम कर मुआवजे की मांग की। इस दौरान अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी फरार हो गए। थोड़ी देर बाद पहुंची पुलिस ने पीड़ित परिवार को आश्वासन देकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पति की तहरीर पर पुलिस ने डाक्टर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया।
मधुबन थाना क्षेत्र के लौवासाथ निवासी संजय साहनी ने बताया कि उसकी पत्नी मुन्नी को मंगलवार देर शाम प्रसव पीड़ा हुई तो वह उसे लेकर मधुबन स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद नर्सों ने बच्चा होने में अभी और समय होने की बात कहकर घर ले जाने के लिए कहा लेकिन परिवार के सदस्यों ने मुन्नी को घर न ले जाकर कटघरा शंकर में रौजा के पास स्थित निजी अस्पताल खुशी सेवा सदन में भर्ती करा दिया।
संजय के अनुसार अस्पताल के डॉक्टर ने कहा कि समय पूरा हो गया है और बच्चेदानी में बच्चा फंसा है। इसलिए जान बचाने के लिए प्रसूता का आपरेशन करना आवश्यक है। संजय ने डाक्टर के कहने पर 25 हजार रुपये अस्पताल में जमा करा दिए। परिवार के सदस्यों की मानें तो आपरेशन के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ने लगी। इस पर डॉक्टर ने मुन्नी को मऊ रेफर कर दिया। परिवार के सदस्य प्रसूता और नवजात को लेकर मुख्यालय के लिए रवाना हुए लेकिन रास्ते में जच्चा और बच्चा की ही मौत हो गई। अगले दिन बुधवार को पीड़ित परिवार के सदस्य सुबह अस्पताल पहुंचकर हंगामा करने लगे। इसके बाद मधुबन-बेल्थरा रोड मार्ग जाम कर मुआवजे की मांग की। तब तक मौका देखकर अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी फरार हो गए। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ मधुबन श्वेता आशुतोष ओझा ने बताया कि पति की तहरीर पर डॉक्टर रामबाबू उर्फ अमन चौहान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मधुबन थाना क्षेत्र के लौवासाथ निवासी संजय साहनी ने बताया कि उसकी पत्नी मुन्नी को मंगलवार देर शाम प्रसव पीड़ा हुई तो वह उसे लेकर मधुबन स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद नर्सों ने बच्चा होने में अभी और समय होने की बात कहकर घर ले जाने के लिए कहा लेकिन परिवार के सदस्यों ने मुन्नी को घर न ले जाकर कटघरा शंकर में रौजा के पास स्थित निजी अस्पताल खुशी सेवा सदन में भर्ती करा दिया।
विज्ञापन
संजय के अनुसार अस्पताल के डॉक्टर ने कहा कि समय पूरा हो गया है और बच्चेदानी में बच्चा फंसा है। इसलिए जान बचाने के लिए प्रसूता का आपरेशन करना आवश्यक है। संजय ने डाक्टर के कहने पर 25 हजार रुपये अस्पताल में जमा करा दिए। परिवार के सदस्यों की मानें तो आपरेशन के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ने लगी। इस पर डॉक्टर ने मुन्नी को मऊ रेफर कर दिया। परिवार के सदस्य प्रसूता और नवजात को लेकर मुख्यालय के लिए रवाना हुए लेकिन रास्ते में जच्चा और बच्चा की ही मौत हो गई। अगले दिन बुधवार को पीड़ित परिवार के सदस्य सुबह अस्पताल पहुंचकर हंगामा करने लगे। इसके बाद मधुबन-बेल्थरा रोड मार्ग जाम कर मुआवजे की मांग की। तब तक मौका देखकर अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी फरार हो गए। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ मधुबन श्वेता आशुतोष ओझा ने बताया कि पति की तहरीर पर डॉक्टर रामबाबू उर्फ अमन चौहान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन