विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर लाभार्थियों व प्रशिक्षणार्थियों को सोमवार को प्रमाणपत्र एवं प्रशस्तिपत्र दिया गया। प्रधानाचार्य राजकीय आईटीआई अरुण यादव ने बताया कि देश में युवाओं की संख्या विश्व के अन्य देशों से कहीं अधिक है। लेकिन युवा प्राथमिक शिक्षा से भी वंचित हैं, उन्होंने पढ़ाई या तो प्राथमिक शाला के पहले या बाद में ही छोड़ दी है। कोई टेक्निकल डिग्री नहीं होने से युवा कौशल और व्यावसायिक शिक्षा के अभाव में अच्छे रोजगार से वंचित हैं। इसी क्रम में सोमवार को विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर प्रमाणपत्र एवं प्रशस्ति पत्र वितरित किया गया। बताया कि विश्व युवा कौशल दिवस की स्थापना संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 2014 में 15 जुलाई को विश्व युवा दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की। सभी देशों से यह आग्रह किया गया कि सभी अपने देश में युवाओं को कौशल विकास में सहायता प्रदान करें, ताकि ये युवा आगे चलकर बेहतर राष्ट्र के निर्माण में योगदान दे सकें। एमआर प्रजापति जिला सेवायोजन अधिकारी द्वारा लाभार्थियों को प्रमाण पत्र एवं प्रशस्ति पत्र वितरण कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में योगेन्द्र यादव, राम प्रताप मल्ल, रमेश यादव, संजय यादव, हब्बुरर्हमान, राजेश कुमार सिंह, शारदा नंद राय, कुशाग्र सिंह कुशवाहा, सतेन्द्र, अभिषेक शर्मा, मीरा शाशिबाला गंगेस्वर, आदित्य आदि लोग उपस्थित थे।