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छोटी सरयू नदी की खुदाई के लिए दिया जाए बजट
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मऊ। जनपद में 49 किलोमीटर लंबी छोटी सरयू नदी की खुदाई न होने से बहाव बंद हो गया है। इससे तटवर्ती गांवों की कई हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल की भूमि पर खेती नहीं हो पाती है। जबकि स्थाई संचालन समिति से इसकी खुदाई का प्रस्ताव चार पहले ही पास हो गया था। अगर इसके लिए सरकार से बजट मिल जाता तो हजारों किसानों की खेती बच जाती है।
आजमगढ़ जिले के अजमतगढ़ के पास ताल से निकलने वाली छोटी सरयू नदी की की कुल लंबाई 59 किलोमीटर है। इसमें मऊ जनपद में नदी 49 किलोमीटर की लंबाई में प्रवाहित होती है। इस नदी की खुदाई करने के लिए पिछली सपा सरकार के शासन काल में वर्ष 2016 में स्थाई संचालन समिति की ओर से प्रोजेक्ट पास कर दिया गया था। लेकिन धन का आवंटन नहीं हो पाया इसके बाद सरकार बदल गई , भाजपा शासन में आ गई लेकिन वह प्रोजेक्ट अधर में ही लटका रह गया। जनपद के 49 किलोमीटर की लंबाई में छोटी सरयू नदी की खुदाई न होने से बहाव अवरुद्ध हो जाता है जिससे 50 गांवों के किसानों की दोनों फसलें नहीं हो पातीं।
इससे तटवर्ती गांव चिस्तीपुर , काछी, चकरा, सोड़सर, फतेहपुर मसीना, भिखारीपुर , इटौरा, हरदासपुर, पिउवाताल सहित लगभग 50 गांवों का कई हजार हेक्टेएयर क्षेत्रफल पानी से डूबा रह जाता है। नदी के तटठवर्ती इलाकों में धान की फसल नहीं हो पाती है। जलजमाव होने से इन गांवों के किसान रबी की फसल भी नहीँ बो पाते हैं।
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किसान नेता देवप्रकाश राय की पहल पर साल 2016 में इस नदी की खुदाई का सर्वे कराया गया था। स्थाई संचालन समिति ने भी इस नदी की खुदाई के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी थी। लेकिन इस बीच सरकार बदल जाने से यह योजना अधर में लटकी रह गई। किसान नेता देवपकाश सहित क्षेत्रवासियों का कहना है कि मुख्यमंत्री जी तटवर्ती गांवों के किसानों की इस पीड़ा को समझकर इस नदी की खुदाई के प्रस्ताव के अनुसार बजट उपलब्ध करा दें तो क्षेत्र के किसानों को खेती करने में सुविधा होती ।
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आजमगढ़ जिले के अजमतगढ़ के पास ताल से निकलने वाली छोटी सरयू नदी की की कुल लंबाई 59 किलोमीटर है। इसमें मऊ जनपद में नदी 49 किलोमीटर की लंबाई में प्रवाहित होती है। इस नदी की खुदाई करने के लिए पिछली सपा सरकार के शासन काल में वर्ष 2016 में स्थाई संचालन समिति की ओर से प्रोजेक्ट पास कर दिया गया था। लेकिन धन का आवंटन नहीं हो पाया इसके बाद सरकार बदल गई , भाजपा शासन में आ गई लेकिन वह प्रोजेक्ट अधर में ही लटका रह गया। जनपद के 49 किलोमीटर की लंबाई में छोटी सरयू नदी की खुदाई न होने से बहाव अवरुद्ध हो जाता है जिससे 50 गांवों के किसानों की दोनों फसलें नहीं हो पातीं।
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इससे तटवर्ती गांव चिस्तीपुर , काछी, चकरा, सोड़सर, फतेहपुर मसीना, भिखारीपुर , इटौरा, हरदासपुर, पिउवाताल सहित लगभग 50 गांवों का कई हजार हेक्टेएयर क्षेत्रफल पानी से डूबा रह जाता है। नदी के तटठवर्ती इलाकों में धान की फसल नहीं हो पाती है। जलजमाव होने से इन गांवों के किसान रबी की फसल भी नहीँ बो पाते हैं।
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किसान नेता देवप्रकाश राय की पहल पर साल 2016 में इस नदी की खुदाई का सर्वे कराया गया था। स्थाई संचालन समिति ने भी इस नदी की खुदाई के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी थी। लेकिन इस बीच सरकार बदल जाने से यह योजना अधर में लटकी रह गई। किसान नेता देवपकाश सहित क्षेत्रवासियों का कहना है कि मुख्यमंत्री जी तटवर्ती गांवों के किसानों की इस पीड़ा को समझकर इस नदी की खुदाई के प्रस्ताव के अनुसार बजट उपलब्ध करा दें तो क्षेत्र के किसानों को खेती करने में सुविधा होती ।