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Mau News: सरयू की बीच धार में नाव का इंजन बंद, साढ़े पांच घंटे तक चला रेस्क्यू, बचाई 25 की जिंदगी

Wed, 13 Aug 2025 12:34 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 13 Aug 2025 12:34 AM IST
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Boat engine stopped in the middle of Saryu river, rescue operation lasted for five and a half hours, 25 lives saved
नाव - फोटो : पुलिस
मऊ/मधुबन। उफनाती सरयू नदी की विपरीत धार में सोमवार की शाम करीब 5:30 बजे इंजन बंद होने से नाव पर सवार 25 लोगों की सांसें अटक गईं। बीच नदी में नाव हिचकोले खा रही थी। कभी इधर तो कभी उधर जा रही थी। चीख-पुकार के बीच करीब तीन घंटे तक इंजन ठीक करने का प्रयास किया गया। खराब मौसम के बीच मोबाइल फोन भी काम नहीं कर रहा था। किसी तरह पुलिस से संपर्क हुआ, लेकिन रात के अंधेरे में सही लोकेशन न मिलने से दो घंटे तक पुलिस नाव को ढूंढती रही। करीब 11 बजे के बाद मदद टीम पहुंचने पर लोगों की जान में जान आई। पीएसी की मोटरबोट से एक बार में चार-पांच लोगों को किनारे पहुंचाया गया। नाव में एक महिला, चार बच्चे भी सवार थे। बचाव अभियान रात 11 बजे से भोर 4.30 तक चला।
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मधुबन तहसील के रसुलपुरपुर निवासी सत्यम बारहवीं के छात्र हैं और उनके चाचा रमेश यादव भी पढ़ाई करते हैं। रमेश और सत्यम ने बताया, सोमवार को दोपहर में वह मोर्चा गांव गए थे। वहां से शाम पांच बजे मवेशी लेकर नाव से लौट रहे थे। करीब 5:30 बजे महज पांच सौ मीटर आगे पहुंचे थे कि नाव का इंजन बंद हो गया। इससे नाव पर सवार सभी लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं लेकिन किसी ने हिम्मत नहीं हारी। नाव पर सवार बृजेश साहनी, राधेश्याम यादव, विनोद यादव और रमेश यादव इंजन को चालू करने का प्रयास करते रहे। इसमें करीब तीन घंटे गुजर चुके थे। जैसे-जैसे वक्त गुजर रहा था, नदी की हिलोरें प्राण सुखा रही थीं। रात हो चुकी थी। नदी का बहाव तेज होने के कारण नाव बरहज की तरफ जाने लगी। चीख-पुकार भी मच रही थी। मौसम भी खराब था। लोगों ने मोबाइल फोन से संपर्क करने का प्रयास किया, मगर नेटवर्क की समस्या थी। करीब नौ बजे पुलिस कंट्राेल रूम को सूचना दी गई।
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पानी बढ़ने पर लोग लौट रहे थे अपने गांव
एसपी इलामारन जी ने बताया कि सूरजपुर गांव के 25 लोग अपने पशुओं के साथ गोरखपुर के दियारा क्षेत्र में रह रहे थे। पानी बढ़ने पर सभी अपने गांव लौट रहे थे। इसी बीच उनकी नाव सूरजपुर घाट से करीब 7 किलोमीटर पहले बीच नदी में रुक गई। घबराए लोगों ने 112 नंबर पर कॉल किया, जिसके बाद कंट्रोल रूम से तत्काल अधिकारियों को सूचना भेजी गई। सीओ मधुबन अभय कुमार सिंह, सीओ घोसी जितेंद्र, एसडीएम मधुबन राजेश अग्रवाल, तहसीलदार घोसी और दोनों थानों के प्रभारी निरीक्षक मौके पर पहुंचे। रात के अंधेरे में पीएसी की मोटरबोट से एक बार में चार से पांच लोगों को लाकर किनारे पहुंचाया गया। इस दौरान एक महिला, चार बच्चे और 20 पुरुषों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। सुबह होते-होते जब सभी सूरजपुर घाट पर पहुंच गए तो राहत की सांस ली गई। ग्रामीणों ने पुलिस और रेस्क्यू टीम की प्रशंसा की।
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तेज बहाव के कारण बदल रही थी नाव की लोकेशन, ढूंढने में लग गए दो घंटे

मऊ। एसपी इलामारन जी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया था लेकिन नदी का बहाव तेज होने के कारण नाव बह रही थी, जिससे उसकी लोकेशन ढूंढने में भी दिक्कत हो रही थी। रात का अंधेरा भी था। मौसम भी खराब था। इन मुश्किल हालात में रेस्क्यू टीम और पुलिस लगातार नाव पर सवार लोगों से संपर्क करने का प्रयास करती रही। करीब 11 बजे इन लोगों से संपर्क हो पाया। इसके बाद बचाव अभियान रात 11 बजे से शुरू हुआ, जो कि भोर में 4.30 बजे तक चला। इस दौरान नाव में सवार लोगों ने सिर्फ दूध पीकर काम चलाया। नाव में काफी मात्रा में दूध भी लदा था।
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