{"_id":"5f25a97e8ebc3e7e51605d28","slug":"bindtolia-village-katran-victims-hold-an-indefinite-strike-mau-news-vns5392083190","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिंदटोलिया गांव के कटान पीड़़ितों का बेमियादी धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिंदटोलिया गांव के कटान पीड़़ितों का बेमियादी धरना
विज्ञापन
मधुबन (मऊ)। घाघरा के उग्र कटान के चलते बिंदटोलिया गांव के अस्तित्व को लेकर फूलन सेना के तत्वावधान में कटान पीड़ितों ने शासन से स्वीकृत 4 करोड़ 50 लाख के धन का सिंचाई विभाग द्वारा बंदरबाट किए जाने की जांच, रिंग बांध एवं स्थाई ठोकर के निर्माण के साथ ही किसानों के कृषि योग्य भूमि की जांच कराने, मुवावजा देने आदि मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गए।
धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए फूलन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल निषाद ने कहा कि शासन से 4 करोड़ 50 लाख रूपये काबीना काविना मंत्री दारा सिंह चौहान के प्रयास से कटान से राहत व बचाव के लिए स्वीकृत हुआ था । लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों एवं ठेकेदारों के मिली भगत के चलते आवंटित धन की बंदरबाट कर दी गई। घाघरा के उग्र लहरों के थपेडों के बीच सैकड़ों बोरी बालू एवं पत्थर डालकर अपनी कागजी कोरम पूर्ण कर लिया गया। कटान केेे चलते बिंदटोलिया गांव का अस्तित्व समाप्त होने के कगार पर है। जबकि मंत्री दारा सिंह चौहान व जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से ग्रामीणों को कटान से स्थाई ठोकर व रिंग बांध के निर्माण का भरोसा दिया था । रामबली निषाद ने कहा कि शासन प्रशासन ने हमें कई बार झूठा आश्वासन दिया। कटान से बचाव के लिए स्थाई ठोकर एवं रिंग का निर्माण आज तक नहीं हो सका जिससे कृषि योग्य भूमि घाघरा लीलती चली गई।
आज स्थिति यह है कि घरों को छोड़ कर अन्य स्थानों पर जाने की नौबत आ गई है । हमारे ही सामने हमारी गृहस्थी उजड़ रहीं है लेकिन हम लाचार है। आगें कहा कि जब तक सिंचाई विभाग द्वारा कराए कार्यों की जांच, स्थाई ठोकर एवं रिंग बांध निर्माण के साथ ही घाघरा में विलीन कृषि योग्य भूमि का मुवावजा नहीं मिल जाता धरना अनवरत चलता रहेगा। इस अवसर पर डा. गोपाल भारती, पूर्नवासी, पूरन, मेवालाल चौहान, रामसरीख निषाद, हरी, अमरजीत यादव आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए फूलन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल निषाद ने कहा कि शासन से 4 करोड़ 50 लाख रूपये काबीना काविना मंत्री दारा सिंह चौहान के प्रयास से कटान से राहत व बचाव के लिए स्वीकृत हुआ था । लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों एवं ठेकेदारों के मिली भगत के चलते आवंटित धन की बंदरबाट कर दी गई। घाघरा के उग्र लहरों के थपेडों के बीच सैकड़ों बोरी बालू एवं पत्थर डालकर अपनी कागजी कोरम पूर्ण कर लिया गया। कटान केेे चलते बिंदटोलिया गांव का अस्तित्व समाप्त होने के कगार पर है। जबकि मंत्री दारा सिंह चौहान व जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से ग्रामीणों को कटान से स्थाई ठोकर व रिंग बांध के निर्माण का भरोसा दिया था । रामबली निषाद ने कहा कि शासन प्रशासन ने हमें कई बार झूठा आश्वासन दिया। कटान से बचाव के लिए स्थाई ठोकर एवं रिंग का निर्माण आज तक नहीं हो सका जिससे कृषि योग्य भूमि घाघरा लीलती चली गई।
विज्ञापन
आज स्थिति यह है कि घरों को छोड़ कर अन्य स्थानों पर जाने की नौबत आ गई है । हमारे ही सामने हमारी गृहस्थी उजड़ रहीं है लेकिन हम लाचार है। आगें कहा कि जब तक सिंचाई विभाग द्वारा कराए कार्यों की जांच, स्थाई ठोकर एवं रिंग बांध निर्माण के साथ ही घाघरा में विलीन कृषि योग्य भूमि का मुवावजा नहीं मिल जाता धरना अनवरत चलता रहेगा। इस अवसर पर डा. गोपाल भारती, पूर्नवासी, पूरन, मेवालाल चौहान, रामसरीख निषाद, हरी, अमरजीत यादव आदि रहे।
विज्ञापन