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सावधान: शहर में लोग बिना ट्रैवल हिस्ट्री के हो रहें कोरोना संक्रमित
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मऊ। नगर के महमूदपुरा निवासी मुस्लिम वृद्ध की मौत के बाद उसकी रिपोर्ट पॉजीटिव आई। लेकिन दफन से पूर्व पार्थिव शरीर को पाक करने वाले व्यक्ति की रिपोर्ट निगेटिव आई। यहीं नहीं मृतक के परिवार वालों या उसके इलाज में वाराणसी तक जाने वालो की भी रिपोर्ट निगेटिव आई। लेकिन जनाजे में शामिल होने वाले मुहल्ले के दो लोगों की रिर्पोट पॉजटिव आई। चौकानें वाली बात है कि दोनों पॉजीटिव मरीजों की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। इसी तरह से संक्रमित आटो चालक, कारोबारी, रौजा निवासी दवा व्यवसायी युवक की भी कोई ट्रेवेल हिस्ट्री नहीं है। फिर भी सभी संक्रमित हुए।
बता दें कि जिले में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 134 है, इसमें अकेले 67 मरीज नगर क्षेत्र में मिले हैं। संक्रमित अधिकांश मरीजों की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं मिली हैं। शहर में फैले संक्रमण केसों पर एक नजर डाले तो बीते 19 जून को पहाड़पुरा निवासी एक व्यक्ति की मौत हो गई। जिनकी जांच रिपोर्ट 20 को पॉजिटिव आई, रिपोर्ट आने से पूर्व दिवंगत के पार्थिव शरीर को सुपुर्दे खाक कर दिया गया था। अब केस स्टडी की गई तो मृतक के परिवार के सभी लोग निगेटिव मिले, यहां तक की सुपुर्दे खाक से पूर्व पार्थिव शरीर को पाक करने वाले की भी रिपोर्ट भी निगेटिव आई। लेकिन जनाजे में भाग लेने वाले एक पुरुष के साथ घर में रहने वाली महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। दोनों सदैव घर में रहते हैं।
दूसरा उदाहरण 24 जून को दिवंगत हुए पहाड़पुरा निवासी हाजी अजीजुर्र हक की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल लिया। इस दौरान मृतक की रिपोर्ट निगेटिव आई, लेकिन जनाजे को पाक कराने वाले के साथ उसके परिवार के चार लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसीक्रम में 24 जून को डोमनपुरा निवासी हाजी इब्राहिम की मौत के बाद सैंपलिंग हुई। मृतक की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई, लेकिन पत्नी की रिपोर्ट निगेटिव और पोता पॉजिटिव आया है। इसी तरह से रौजा निवासी युवक जिसकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं थी, बावजूद 27 जून को आई रिपोर्ट में वो पॉजीटिव पाया गया। 26 जून को छित्तरपुरा मुहल्ले में एक महिला की मौत हुई, जांच के बाद मृतका की रिपोर्ट निगेटिव, लेकिन पति और बेटी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
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इसी क्रम में 27 जून को मरे मुन्नवर की रिपोर्ट निगेटिव मिली, लेकिन उनकी पत्नी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। अधिकांश ऐसे कई संक्रमित है, जिनकी कोई ट्रेवेल हिस्ट्री नहीं है, लेकिन जांच रिपोर्ट में वो संक्रमित मिले हैं। ये केस इस बात को दर्शाते है कि बिना ट्रैवल हिस्ट्री के मिलने वाले संक्रमित सामुदायिक प्रसारण को बढावा दें रहें। तभी लोग कांट्रेक्ट ट्रेसिंग की जद में आकर संक्रमित हो रहें। कासिमपुर पोखरी मुहल्ला इस बात का बड़ा उदाहरण है, जहां एक व्यक्ति के संक्रमित मिलने और उसके एहतियात न बरतने से मुहल्ले में नौ लोग संक्रमति मिले।
इसी तरह से हठ्ठीमदारी, महमूदपुरा, अहिलाद, डुमराव आदि जगहों पर कई मरीज ऐेसे मिले जो कि कोरोना संक्रमित मरीजों के संपर्क में किसी तरह से आए हो। बात करने पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. पीके राय ने बताया कि अभी कम्युनिटी स्प्रीट तो नहीं कह सकते, लेकिन कांक्ट्रेट ट्रेसिंग से इंकार नहीं किया जा सकता। इसका उपाय सभी लोग सावधानी बरते। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के साथ ज्यादा से ज्यादा हैंडवास करें।
क्या है सामुदायिक प्रसारण
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, सामुदायिक प्रसारण किसी भी रोग या वायरस के प्रसारण का एक चरण होता है।सरल शब्दों में कहें तो सामुदायिक प्रसारण का अर्थ उस स्थिति से होता है जब वायरस समस्त समुदाय के स्तर पर पहुँच जाता है और इसके कारण वे लोग भी प्रभावित होते हैं जिन्होंने न तो इस अवधि में कोई यात्रा की है और न ही किसी ऐसे व्यक्ति के प्रत्यक्ष संपर्क में आए हैं जो कोरोनावायरस से संक्रमित हैं।
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बता दें कि जिले में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 134 है, इसमें अकेले 67 मरीज नगर क्षेत्र में मिले हैं। संक्रमित अधिकांश मरीजों की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं मिली हैं। शहर में फैले संक्रमण केसों पर एक नजर डाले तो बीते 19 जून को पहाड़पुरा निवासी एक व्यक्ति की मौत हो गई। जिनकी जांच रिपोर्ट 20 को पॉजिटिव आई, रिपोर्ट आने से पूर्व दिवंगत के पार्थिव शरीर को सुपुर्दे खाक कर दिया गया था। अब केस स्टडी की गई तो मृतक के परिवार के सभी लोग निगेटिव मिले, यहां तक की सुपुर्दे खाक से पूर्व पार्थिव शरीर को पाक करने वाले की भी रिपोर्ट भी निगेटिव आई। लेकिन जनाजे में भाग लेने वाले एक पुरुष के साथ घर में रहने वाली महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। दोनों सदैव घर में रहते हैं।
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दूसरा उदाहरण 24 जून को दिवंगत हुए पहाड़पुरा निवासी हाजी अजीजुर्र हक की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल लिया। इस दौरान मृतक की रिपोर्ट निगेटिव आई, लेकिन जनाजे को पाक कराने वाले के साथ उसके परिवार के चार लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसीक्रम में 24 जून को डोमनपुरा निवासी हाजी इब्राहिम की मौत के बाद सैंपलिंग हुई। मृतक की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई, लेकिन पत्नी की रिपोर्ट निगेटिव और पोता पॉजिटिव आया है। इसी तरह से रौजा निवासी युवक जिसकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं थी, बावजूद 27 जून को आई रिपोर्ट में वो पॉजीटिव पाया गया। 26 जून को छित्तरपुरा मुहल्ले में एक महिला की मौत हुई, जांच के बाद मृतका की रिपोर्ट निगेटिव, लेकिन पति और बेटी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
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इसी क्रम में 27 जून को मरे मुन्नवर की रिपोर्ट निगेटिव मिली, लेकिन उनकी पत्नी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। अधिकांश ऐसे कई संक्रमित है, जिनकी कोई ट्रेवेल हिस्ट्री नहीं है, लेकिन जांच रिपोर्ट में वो संक्रमित मिले हैं। ये केस इस बात को दर्शाते है कि बिना ट्रैवल हिस्ट्री के मिलने वाले संक्रमित सामुदायिक प्रसारण को बढावा दें रहें। तभी लोग कांट्रेक्ट ट्रेसिंग की जद में आकर संक्रमित हो रहें। कासिमपुर पोखरी मुहल्ला इस बात का बड़ा उदाहरण है, जहां एक व्यक्ति के संक्रमित मिलने और उसके एहतियात न बरतने से मुहल्ले में नौ लोग संक्रमति मिले।
इसी तरह से हठ्ठीमदारी, महमूदपुरा, अहिलाद, डुमराव आदि जगहों पर कई मरीज ऐेसे मिले जो कि कोरोना संक्रमित मरीजों के संपर्क में किसी तरह से आए हो। बात करने पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. पीके राय ने बताया कि अभी कम्युनिटी स्प्रीट तो नहीं कह सकते, लेकिन कांक्ट्रेट ट्रेसिंग से इंकार नहीं किया जा सकता। इसका उपाय सभी लोग सावधानी बरते। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के साथ ज्यादा से ज्यादा हैंडवास करें।
क्या है सामुदायिक प्रसारण
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, सामुदायिक प्रसारण किसी भी रोग या वायरस के प्रसारण का एक चरण होता है।सरल शब्दों में कहें तो सामुदायिक प्रसारण का अर्थ उस स्थिति से होता है जब वायरस समस्त समुदाय के स्तर पर पहुँच जाता है और इसके कारण वे लोग भी प्रभावित होते हैं जिन्होंने न तो इस अवधि में कोई यात्रा की है और न ही किसी ऐसे व्यक्ति के प्रत्यक्ष संपर्क में आए हैं जो कोरोनावायरस से संक्रमित हैं।