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चारागाह मामले में डीएम के प्रश्नों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए बीडीओ दोहरीघाट

Thu, 22 Jul 2021 10:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jul 2021 10:54 PM IST
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BDO Dohrighat could not give satisfactory answer to DM's questions in pasture case
जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल की अध्यक्षता में अस्थायी गो आश्रय स्थल की स्थापना, क्रियान्वयन, संचालन एवं प्रबंधन की बैठक बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई। इसमें तमाम जगहों की जानकारी के बाद जब डीएम ने दोहरीघाट के बीडीओ से वहां के चारागाह के बारे में जानकारी मांगी तो वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई।
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बैठक में सर्वप्रथम वृहद गो संरक्षण केंद्र कुड़वा तथा बगलीपिजड़ा की समीक्षा की गई। इस अवसर पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.आरएन सिंह ने कहा कि वृहद गो संरक्षण केंद्र कुड़वा के प्रांगण में पानी भर जाता है। जिला पंचायत द्वारा मिट्टी भराव का कार्य किया जाना है। कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। पानी भरने से गोवंश को परेशानी होती है, जिस पर जिलाधिकारी ने जल्द से जल्द इसका निस्तारण करने के निर्देश संबंधित अधिकारी को दिया। इसके उपरांत बताया कि वृहद गो संरक्षण केंद्र बगली पिजड़ा में वैरीकेटिंग प्रापर न होने के कारण संरक्षित गोवंश बाहर निकलकर किसानों के खेतो में चले जाते है, जिससे किसानों द्वारा गोवंश का संरक्षण करना रूकवा दिया गया है। इसलिए गोवंश संरक्षण नहीं हो पा रहा है। जिसपर जिलाधिकारी ने वैरीकेडिंग अच्छे ढंग से करने के सख्त का निर्देश दिया। जिससे गोवंश बाहर न निकल पाए। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी दोहरीघाट से पूछा कि दोहरीघाट में कितने चारागाह बनाया गया है, उसमें घास का क्या स्टेटस है, इसका संतोषजनक जवाब न देने पर नाराजगी व्यक्त की। समस्त खंड विकास अधिकारी को अपने-अपने ब्लाक में चारागाह बनवाने तथा उसमें घास लगाने का सख्त निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिनते भी अधिकारियों को गो संरक्षण का नोडल अधिकारी बनाया गया वह गो आश्रय स्थल का निरीक्षण अवश्य करें। जो भी कमियां पाई जाती है उसका निराकरण कराएं। इसके उपरांत जो पशुओं के लिए चारा खरीदा जाता है उसका लेखा-जोखा एवं गो आश्रय स्थल पर रजिस्टर मेंटेन करने करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी द्वारा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को संरक्षित गोवंश की शत-प्रतिशत टैगिंग, बधियाकरण नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने का सख्त निर्देश दिया।
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इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राम सिंह वर्मा, अपर जिलाधिकारी केहरी सिंह, उप जिलाधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, परियोजना निदेशक, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, अधिशासी अभियन्ता सिंचाई, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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