{"_id":"5f3025f78ebc3e411c5556b1","slug":"ban-on-privatization-of-public-sector-undertakings-mau-news-vns540597559","type":"story","status":"publish","title_hn":"सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर लगाई जाए रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर लगाई जाए रोक
विज्ञापन
मऊ। अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) एवं हिंद मजदूर सभा के संयुक्त तत्वावधान मे केंद्रीय श्रम संगठनों के संयुक्त देश बचाओ दिवस के आह्वान पर रविवार को एटक के राज्यकारिणी तथा आंगबाड़ी बचाओ संयुक्त मोर्चा के सदस्यों तथा पदाधिकारयों ने रविवार अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया।
धरने को संबोधित करते हुए एटक के राज्य कार्यकारिणी सदस्य एवं जिला मंत्री सूर्यदेव पांडेय ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में एक अध्यादेश के जरिए श्रम कानूनों, मंडी कानूनों को तीन वर्ष के लिए निलंबित किया जाए। केंद्र एवं राज्य कर्मचारियों तथा पेंशनरों के महंगाई सहित समाप्त किए गए आठ अन्य भत्तों को तुरंत बहाल किया जाए। बिजली, बैंक, बीमा के साथ तमाम सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण की कार्यवाही पर रोक लगाई जाए। सभी आयकर न देने वाले परिवारों को प्रतिमाह 7500 रुपया छह माह तक दिया जाए। सभी को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराया जाए। सभी जरूरतमंद व्यक्तियों को दस किग्रा अनाज मुफ्त प्रतिमाह छह माह तक दिया जाए।
मनरेगा में 200 दिन का काम छ: सौ रूपया प्रतिदिन मजदूरी के हिसाब से दिया जाए। बिजली, बैंक, बीमा, रेलवे, कोयला आदि के निजीकरण पर रोक लगाया जाए। पीसीएफ सहित सभी प्रतिष्ठानों की लंबित मांगों को पूरा किया जाए। आंगनबाड़ी बचाओ संयुक्त मोर्चा की जिला मंत्री बीना राय ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को संबोधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की आठ सूत्री ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। इस अवसर पर प्रमोद राय, संजय कुमार, नूरी कहकशा, आशा यादव, शिवपरसन, राकेश आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
धरने को संबोधित करते हुए एटक के राज्य कार्यकारिणी सदस्य एवं जिला मंत्री सूर्यदेव पांडेय ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में एक अध्यादेश के जरिए श्रम कानूनों, मंडी कानूनों को तीन वर्ष के लिए निलंबित किया जाए। केंद्र एवं राज्य कर्मचारियों तथा पेंशनरों के महंगाई सहित समाप्त किए गए आठ अन्य भत्तों को तुरंत बहाल किया जाए। बिजली, बैंक, बीमा के साथ तमाम सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण की कार्यवाही पर रोक लगाई जाए। सभी आयकर न देने वाले परिवारों को प्रतिमाह 7500 रुपया छह माह तक दिया जाए। सभी को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराया जाए। सभी जरूरतमंद व्यक्तियों को दस किग्रा अनाज मुफ्त प्रतिमाह छह माह तक दिया जाए।
विज्ञापन
मनरेगा में 200 दिन का काम छ: सौ रूपया प्रतिदिन मजदूरी के हिसाब से दिया जाए। बिजली, बैंक, बीमा, रेलवे, कोयला आदि के निजीकरण पर रोक लगाया जाए। पीसीएफ सहित सभी प्रतिष्ठानों की लंबित मांगों को पूरा किया जाए। आंगनबाड़ी बचाओ संयुक्त मोर्चा की जिला मंत्री बीना राय ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को संबोधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की आठ सूत्री ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। इस अवसर पर प्रमोद राय, संजय कुमार, नूरी कहकशा, आशा यादव, शिवपरसन, राकेश आदि शामिल रहे।
विज्ञापन