{"_id":"5f2068688ebc3e638d295cf9","slug":"asha-will-do-regular-calls-to-know-the-condition-of-newborns-in-the-containment-zone-mau-news-vns538453965","type":"story","status":"publish","title_hn":"कंटेनमेंट जोन क्षेत्र के नवजातों का हाल जानने के लिए नियमित करेंगी फोन आशा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कंटेनमेंट जोन क्षेत्र के नवजातों का हाल जानने के लिए नियमित करेंगी फोन आशा
विज्ञापन
मऊ। जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण के ग्राफ को देखते हुए और नियमित स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रयासरत हैं। इसी क्रम में कंटेनमेंट जोन में रहने वाले नवजात शिशुओं के नियमित देखभाल के लिए आशा कार्यकर्ता संबंधित घरों में फोन कर बच्चों के स्वास्थ्य पर नजर रखेंगी। नवजात शिशुओं का गृह आधारित नवजात देखभाल (एचबीएनसी) फॉलोअप का निर्देश परिवार कल्याण के महानिदेशक ने प्रदेश के सभी जिलों के सीएमओ को पत्र भेज दिया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि फोन से फॉलोअप में आशा कार्यकर्ता सिक न्यूबॉर्न एसेंसियल यूनिट के सभी डिस्चार्ज हुए बच्चों की मॉनिटरिंग करेंगी। वहीं जिला सामुदायिक प्रक्रिया मैनेजर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि आशा कार्यकर्ता कंटेनमेंट जोन और हॉटस्पॉट क्षेत्रों में रहने वाले नवजात बच्चों के परिवार को फोन कर नियमित रूप से बच्चों के स्वास्थ्य पर निगरानी रखने के साथ लोगों को घरेलू प्रसव को प्राथमिकता देने की परामर्श देंगी।
आशा शिशु के स्वास्थ्य (खतरे के लक्षण) जैसे- सुस्ती/बेहोशी/ छूने पर ठंडा/गर्म/स्तनपान आदि के बारे में पूछेंगी। यदि प्रसव अस्पताल में हुआ है तो जन्म के समय बच्चे के वजन के बारे में भी पूछेंगी। इसदौरान वह माँ और परिवार को प्रसव के बाद महिला व शिशु में होने वाले खतरे के लक्षणों के बारे में बताएगी उनसे पूछेंगी और इस बात का आंकलन करेंगी कि नवजात कोसंदर्भन की जरूरत तो नहीं है। साथ ही में वह यह भी सलाह देंगी कि यदि नवजात में किसी तरह के खतरे के लक्षण दिखें तो वह आशा और ब्लाक कम्युनिटी प्रोसेस मैनजर (बीसीपीएम) को सूचित करे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि फोन से फॉलोअप में आशा कार्यकर्ता सिक न्यूबॉर्न एसेंसियल यूनिट के सभी डिस्चार्ज हुए बच्चों की मॉनिटरिंग करेंगी। वहीं जिला सामुदायिक प्रक्रिया मैनेजर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि आशा कार्यकर्ता कंटेनमेंट जोन और हॉटस्पॉट क्षेत्रों में रहने वाले नवजात बच्चों के परिवार को फोन कर नियमित रूप से बच्चों के स्वास्थ्य पर निगरानी रखने के साथ लोगों को घरेलू प्रसव को प्राथमिकता देने की परामर्श देंगी।
विज्ञापन
आशा शिशु के स्वास्थ्य (खतरे के लक्षण) जैसे- सुस्ती/बेहोशी/ छूने पर ठंडा/गर्म/स्तनपान आदि के बारे में पूछेंगी। यदि प्रसव अस्पताल में हुआ है तो जन्म के समय बच्चे के वजन के बारे में भी पूछेंगी। इसदौरान वह माँ और परिवार को प्रसव के बाद महिला व शिशु में होने वाले खतरे के लक्षणों के बारे में बताएगी उनसे पूछेंगी और इस बात का आंकलन करेंगी कि नवजात कोसंदर्भन की जरूरत तो नहीं है। साथ ही में वह यह भी सलाह देंगी कि यदि नवजात में किसी तरह के खतरे के लक्षण दिखें तो वह आशा और ब्लाक कम्युनिटी प्रोसेस मैनजर (बीसीपीएम) को सूचित करे।
विज्ञापन