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Mau News: बारिश होते ही गांव से बदतर हालात में पहुंच जाते हैं निकायों के वार्ड
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घोसी नगर पंचायत के वार्ड चार में रास्ता न होने पर वार्डवासियों द्वारा बनाया अस्थाई पुलिया
नगर पालिका के वार्ड 11, घोसी नगर पंचायत के वार्ड 4 और कोपागंज नगर पंचायत के वार्ड 13 कोपाकोहना में हालात खराब
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। निकायों द्वारा विकास के दावे तो खूब किए जाते हैं, लेकिन बारिश होते ही इनकी हकीकत खुल जाती है। बारिश के बाद नगर पालिका और घोसी, कोपागंज नगर पंचायत के तीन वार्डों की पड़ताल की गई।
यहां एक जगह तो आज भी पांच हजार की आबादी कच्चे रास्ते से आवाजाही करने को मजबूर है, तो एक जगह रास्ता न होने के कारण बांस-बल्ली से बने पुलिया से लोग आवाजाही करने को बाध्य हैं।
अधूरा है खड़ंजा मार्ग, पगडंडी ही बनी सहारा
निषाद नगर में आवागमन के लिए बनाई गई सड़क आधी-अधूरी है, जो आबादी के लिए सिरदर्द से कम नहीं है। ऐसे में खेत की पगडंडी ही आवागमन का सहारा है। जलनिकासी के साधन नहीं हैं, तो खुले में गंदा पानी बह रहा है। ऐसे में आने वाले मानसून को लेकर लोग अभी से चिंतित हैं।
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पांच हजार से ज्यादा आबादी वाला निषादनगर तमसा नदी के किनारे बसा है। नगर पालिका में शामिल होने के बाद भी अब तक यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। मोहल्ले में ऐसी कई गलियां हैं, जो न केवल बेहद संकरी हैं, बल्कि यहां गंदा पानी हमेशा बहता रहता है।
स्थानीय निवासी डॉ. रामलखन निषाद, रामअवध, अभिषेक, रवि आदि ने बताया कि हाउस टैक्स तथा जलकर का भुगतान करने के बाद भी यहां के लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
घोसी में नौ वर्षों से चार फीट गहरे रास्ते पर पटरे का सहारा
नगर पंचायत के वार्ड चार कस्बा खास कटरा मोहल्ले में कई परिवार नौ वर्षों से मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। घर पहुंचने के लिए उन्हें चार फीट गहरे रास्ते पर पटरे-बल्लियों का अस्थायी पुल बनाना पड़ा है।
यह रास्ता करीब 100 मीटर लंबा और चार फीट गहरा है। बरसात में यह और खतरनाक हो जाता है, जिससे दुर्घटना का खतरा रहता है। स्थानीय निवासी महेंद्र ने कई बार रास्ते के निर्माण की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि अभिलेखों में रास्ता दर्ज नहीं है। भूमि स्वामी जमीन देने को तैयार नहीं हैं।
1.62 करोड़ का मुख्य नाला छह महीने बाद भी मुख्य ड्रेनेज से नहीं जुड़ा
कोपागंज नगर पंचायत के वार्ड 13 कोपाकोहना और वार्ड 11 दोस्तपुरा में पिछले 15 वर्षों से चली आ रही जल निकासी की समस्या का समाधान लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी नहीं हो सका है। लगभग 2.60 करोड़ रुपये की लागत वाली दो महत्वाकांक्षी परियोजनाएं अधूरी और अनुपयोगी पड़ी हैं।
ऐसे में हर बारिश के साथ नगरवासियों को जलभराव, गंदगी और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर पंचायत क्षेत्र में जल निकासी की समस्या दूर करने के लिए 30 अक्तूबर 2024 को राष्ट्रीय राजमार्ग के पूरब स्थित मोहल्ला दोस्तपुरा से जूनियर हाईस्कूल तक नाला एवं इंटरलॉकिंग निर्माण के लिए करीब 98 लाख रुपये की योजना स्वीकृत हुई थी।
दो चरणों में होने वाले इस कार्य का टेंडर भी जारी हुआ, जिससे लोगों में उम्मीद जगी कि वर्षों पुरानी समस्या से निजात मिलेगी। लेकिन निर्माण कार्य बीच में ही रुक गया। नाले का निर्माण केवल शुरुआती और अंतिम हिस्से में हुआ, जबकि बीच का बड़ा हिस्सा आज भी अधूरा पड़ा है।
इससे गंदा पानी आसपास के घरों, गोदामों और बगीचों में भर रहा है। स्थानीय निवासी दयानंद शाही ने बताया कि नाले का पानी घरों तक पहुंचने से सीलन और नुकसान हो रहा है। कई बार शिकायत के बावजूद केवल बजट का हवाला देकर मामला टाल दिया जाता है।
-- -- -वर्जन
निषादनगर में आवाजाही के लिए रास्ता निर्माण वहां जमीनी विवाद के कारण रुका पड़ा है। वार्ड में दूसरे विकास कार्य की योजना तैयार की गई है।
-डॉ. मणिभूषण तिवारी, ईओ नगर पालिका मऊ
मामला संज्ञान में है। लापरवाही के संबंध में कार्यदायी संस्था सीएनडीएस विभाग को नोटिस दिया गया है। जल्द नाला को मुख्य नाला से जोड़ा जाएगा। -डॉ. छोटेलाल तिवारी, ईओ कोपागंज नगर पंचायत
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संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। निकायों द्वारा विकास के दावे तो खूब किए जाते हैं, लेकिन बारिश होते ही इनकी हकीकत खुल जाती है। बारिश के बाद नगर पालिका और घोसी, कोपागंज नगर पंचायत के तीन वार्डों की पड़ताल की गई।
यहां एक जगह तो आज भी पांच हजार की आबादी कच्चे रास्ते से आवाजाही करने को मजबूर है, तो एक जगह रास्ता न होने के कारण बांस-बल्ली से बने पुलिया से लोग आवाजाही करने को बाध्य हैं।
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अधूरा है खड़ंजा मार्ग, पगडंडी ही बनी सहारा
निषाद नगर में आवागमन के लिए बनाई गई सड़क आधी-अधूरी है, जो आबादी के लिए सिरदर्द से कम नहीं है। ऐसे में खेत की पगडंडी ही आवागमन का सहारा है। जलनिकासी के साधन नहीं हैं, तो खुले में गंदा पानी बह रहा है। ऐसे में आने वाले मानसून को लेकर लोग अभी से चिंतित हैं।
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पांच हजार से ज्यादा आबादी वाला निषादनगर तमसा नदी के किनारे बसा है। नगर पालिका में शामिल होने के बाद भी अब तक यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। मोहल्ले में ऐसी कई गलियां हैं, जो न केवल बेहद संकरी हैं, बल्कि यहां गंदा पानी हमेशा बहता रहता है।
स्थानीय निवासी डॉ. रामलखन निषाद, रामअवध, अभिषेक, रवि आदि ने बताया कि हाउस टैक्स तथा जलकर का भुगतान करने के बाद भी यहां के लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
घोसी में नौ वर्षों से चार फीट गहरे रास्ते पर पटरे का सहारा
नगर पंचायत के वार्ड चार कस्बा खास कटरा मोहल्ले में कई परिवार नौ वर्षों से मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। घर पहुंचने के लिए उन्हें चार फीट गहरे रास्ते पर पटरे-बल्लियों का अस्थायी पुल बनाना पड़ा है।
यह रास्ता करीब 100 मीटर लंबा और चार फीट गहरा है। बरसात में यह और खतरनाक हो जाता है, जिससे दुर्घटना का खतरा रहता है। स्थानीय निवासी महेंद्र ने कई बार रास्ते के निर्माण की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि अभिलेखों में रास्ता दर्ज नहीं है। भूमि स्वामी जमीन देने को तैयार नहीं हैं।
1.62 करोड़ का मुख्य नाला छह महीने बाद भी मुख्य ड्रेनेज से नहीं जुड़ा
कोपागंज नगर पंचायत के वार्ड 13 कोपाकोहना और वार्ड 11 दोस्तपुरा में पिछले 15 वर्षों से चली आ रही जल निकासी की समस्या का समाधान लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी नहीं हो सका है। लगभग 2.60 करोड़ रुपये की लागत वाली दो महत्वाकांक्षी परियोजनाएं अधूरी और अनुपयोगी पड़ी हैं।
ऐसे में हर बारिश के साथ नगरवासियों को जलभराव, गंदगी और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर पंचायत क्षेत्र में जल निकासी की समस्या दूर करने के लिए 30 अक्तूबर 2024 को राष्ट्रीय राजमार्ग के पूरब स्थित मोहल्ला दोस्तपुरा से जूनियर हाईस्कूल तक नाला एवं इंटरलॉकिंग निर्माण के लिए करीब 98 लाख रुपये की योजना स्वीकृत हुई थी।
दो चरणों में होने वाले इस कार्य का टेंडर भी जारी हुआ, जिससे लोगों में उम्मीद जगी कि वर्षों पुरानी समस्या से निजात मिलेगी। लेकिन निर्माण कार्य बीच में ही रुक गया। नाले का निर्माण केवल शुरुआती और अंतिम हिस्से में हुआ, जबकि बीच का बड़ा हिस्सा आज भी अधूरा पड़ा है।
इससे गंदा पानी आसपास के घरों, गोदामों और बगीचों में भर रहा है। स्थानीय निवासी दयानंद शाही ने बताया कि नाले का पानी घरों तक पहुंचने से सीलन और नुकसान हो रहा है। कई बार शिकायत के बावजूद केवल बजट का हवाला देकर मामला टाल दिया जाता है।
निषादनगर में आवाजाही के लिए रास्ता निर्माण वहां जमीनी विवाद के कारण रुका पड़ा है। वार्ड में दूसरे विकास कार्य की योजना तैयार की गई है।
-डॉ. मणिभूषण तिवारी, ईओ नगर पालिका मऊ
मामला संज्ञान में है। लापरवाही के संबंध में कार्यदायी संस्था सीएनडीएस विभाग को नोटिस दिया गया है। जल्द नाला को मुख्य नाला से जोड़ा जाएगा। -डॉ. छोटेलाल तिवारी, ईओ कोपागंज नगर पंचायत