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सरकार के लिखित आदेश का इंतजार करते रहे एआरएम
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मऊ। रविवार को यूूपी टीईटी परीक्षा निरस्त होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभ्यर्थियों को रोडवेज बसों से निशुल्क पहुंचाने का आदेश तो जारी किया लेकिन विभागीय अधिकारियों द्वारा आदेश का अनुपालन न किए जाने से अभ्यर्थियों को किराया देकर अपने गंतव्य तक जाना पड़ा। परिवहन निगम के आला अधिकारी देर शाम तक सरकार के लिखित आदेश का इंतजार करते रहे।
जिले में मऊ डिपो तथा दोहरीघाट डिपो है। मऊ डिपो से 53 बसें तथा दोहरीघाट से 51 बसें विभिन्न रुटों पर संचालित होती हैं। रविवार को यूपीटीईटी परीक्षा निरस्त होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा टीईटी परीक्षा के अभ्यर्थियों को रोडवेज से नि:शुल्क भेजने का फरमान जारी किया। इंटरनेट पर भाषण वायरल होते ही अभ्यर्थी रोडवेज बसों में सवार हो गए। लेकिन विभागीय अधिकारियों द्वारा आदेश जारी न करने के चलते अभ्यर्थियों को टिकट लेना पड़ा। कई अभ्यर्थियों तथा परिचालक में आदेश को लेकर तू-तू-मैं-मैं हो गई।
अभ्यर्थी परिवहन निगम के आला अधिकारियों को कोस रहे थे। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री के आदेश को भी परिवहन निगम के आला अधिकारियों ने ठेंगा दिखा दे रहे हैं।इस संबंध में मऊ डिपो पर इंतजार करते मनोज कुमार यादव, सुरेंद्र सिंह का कहना था कि परीक्षा निरस्त होने के बाद मुख्यमंत्री ने टीईटी अभ्यर्थियों को निशुल्क भेजने का फरमान जारी किया है। लेकिन आला अधिकारी लिखित आदेश न मिलने की बात कह रहे हैं। इसके चलते टिकट लेकर जाना पड़ रहा है।
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इस मामले में मऊ डिपो के एआरएम रेमश चंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री के भाषण को इंटरनेट पर सुन तो रहे हैं, लेकिन टीईटी अभ्यर्थियों को नि:शुल्क भेजने का लिखित आदेश नहीं मिला है। वहीं दोहरीघाट के एआरएम डीके सिंह ने बताया कि टीईटी अभ्यर्थियों को नि:शुल्क यात्रा करने के मामले में शासन से लिखित आदेश नहीं मिला है।
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जिले में मऊ डिपो तथा दोहरीघाट डिपो है। मऊ डिपो से 53 बसें तथा दोहरीघाट से 51 बसें विभिन्न रुटों पर संचालित होती हैं। रविवार को यूपीटीईटी परीक्षा निरस्त होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा टीईटी परीक्षा के अभ्यर्थियों को रोडवेज से नि:शुल्क भेजने का फरमान जारी किया। इंटरनेट पर भाषण वायरल होते ही अभ्यर्थी रोडवेज बसों में सवार हो गए। लेकिन विभागीय अधिकारियों द्वारा आदेश जारी न करने के चलते अभ्यर्थियों को टिकट लेना पड़ा। कई अभ्यर्थियों तथा परिचालक में आदेश को लेकर तू-तू-मैं-मैं हो गई।
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अभ्यर्थी परिवहन निगम के आला अधिकारियों को कोस रहे थे। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री के आदेश को भी परिवहन निगम के आला अधिकारियों ने ठेंगा दिखा दे रहे हैं।इस संबंध में मऊ डिपो पर इंतजार करते मनोज कुमार यादव, सुरेंद्र सिंह का कहना था कि परीक्षा निरस्त होने के बाद मुख्यमंत्री ने टीईटी अभ्यर्थियों को निशुल्क भेजने का फरमान जारी किया है। लेकिन आला अधिकारी लिखित आदेश न मिलने की बात कह रहे हैं। इसके चलते टिकट लेकर जाना पड़ रहा है।
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इस मामले में मऊ डिपो के एआरएम रेमश चंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री के भाषण को इंटरनेट पर सुन तो रहे हैं, लेकिन टीईटी अभ्यर्थियों को नि:शुल्क भेजने का लिखित आदेश नहीं मिला है। वहीं दोहरीघाट के एआरएम डीके सिंह ने बताया कि टीईटी अभ्यर्थियों को नि:शुल्क यात्रा करने के मामले में शासन से लिखित आदेश नहीं मिला है।