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Mau News: बालनिकेतन पर फ्लाईओवर निर्माण की मंजूरी
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मऊ। लंबे इंतजार के बाद नगर के सबसे व्यस्त इलाके बाल निकेतन रेलवे क्रासिंग पर फ्लाईओवर के निर्माण की मंजूरी शासन से मिल गई। निर्माण के लिए शासन से 98 करोड़ 83 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। फ्लाईओवर फोरलेन का बनेगा। इस फ्लाई ओवर के निर्माण से शहर के सुगम यातायात की राह आसान हो जाएगी।
छह जनवरी को अपर मुख्य सचिव वित्त एवं वित्त आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। लगभग साढ़े तीन लाख की आबादी वाले इस शहर में बालनिकेतन पर फ्लाईओवर निर्माण की मांग दशकों पुरानी है। बाल निकेतन क्रासिंग पर रेलवे फाटक 24 घंटे में कम से कम 40 बार बंद होता है। ऐसी स्थिति में भारी जाम लग जाता है।
किसान नेता देवप्रकाश राय ने उच्च न्यायालय में फ्लाईओवर निर्माण के लिए जनहित याचिका दाखिल की है। हाईकोर्ट की दखल के बाद यहां पर फ्लाईओवर निर्माण के लिए वर्ष 2018 में प्रशासन और रेलवे के उच्चाधिकारियों की बैठकों, पैमाइश और चिह्नांकन का कार्य शुरू हुआ।
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फ्लाईओवर निर्माण की जद में 296 अतिक्रमणकर्ता चिह्नित किए गए हैं। नक्शा निर्माण फिर उसके संशोधन, अतिक्रमण कर्ताओं तथा प्रस्तावित फलाईओवर निर्माण की जद में आने वाले भवनों, दुकानों और जमीनों के चिह्नांकन और उनके मुआवजे का आंकलन करने तथा रेलवे की स्वीकृति और शासन की वित्तीय सहमति मिलने में दो साल का समय लग गया।
सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद फ्लाईओवर निर्माण की वित्तीय सहमति प्रमुख सचिव लोक निर्माण नितिन रमेश गोकर्ण ने आठ अप्रैल 2020 में प्रदान कर दी। फ्लाईओवर निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था के रूप में उत्तर प्रदेश सेतु निगम को चयनित किया गया। सेतु निगम ने सभी औपचारिकताएं पूरी करके पत्रावली शासन को भेज दी। लगभग ढाई साल से पत्रावली शासन में लंबित थी। अब शासन से इसे मंजूरी मिल गई है।
इस संबंध में याचिका कर्ता देवप्रकाश राय का कहना है कि देरी से ही सही शासन से जनहित के इस मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय से जनपद वासियों को बाल निकेतन पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी। शासन से इनकी मंजूरी दिए जाने की सराहना सभी वर्गों के लोगों ने किया है।
कोट: बाल निकेतन क्रासिंग पर फ्लाईओवर निर्माण के लिए शासन से मंजूरी मिल गई है। इसके लिए 98 करोड़ 83 लाख 96 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। हालांकि अभी विभागीय पत्र नहीं आया है। - आरएस राय, उप परियोजना प्रबंधक, उत्तर प्रदेश सेतु निगम, आजमगढ़।
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छह जनवरी को अपर मुख्य सचिव वित्त एवं वित्त आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। लगभग साढ़े तीन लाख की आबादी वाले इस शहर में बालनिकेतन पर फ्लाईओवर निर्माण की मांग दशकों पुरानी है। बाल निकेतन क्रासिंग पर रेलवे फाटक 24 घंटे में कम से कम 40 बार बंद होता है। ऐसी स्थिति में भारी जाम लग जाता है।
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किसान नेता देवप्रकाश राय ने उच्च न्यायालय में फ्लाईओवर निर्माण के लिए जनहित याचिका दाखिल की है। हाईकोर्ट की दखल के बाद यहां पर फ्लाईओवर निर्माण के लिए वर्ष 2018 में प्रशासन और रेलवे के उच्चाधिकारियों की बैठकों, पैमाइश और चिह्नांकन का कार्य शुरू हुआ।
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फ्लाईओवर निर्माण की जद में 296 अतिक्रमणकर्ता चिह्नित किए गए हैं। नक्शा निर्माण फिर उसके संशोधन, अतिक्रमण कर्ताओं तथा प्रस्तावित फलाईओवर निर्माण की जद में आने वाले भवनों, दुकानों और जमीनों के चिह्नांकन और उनके मुआवजे का आंकलन करने तथा रेलवे की स्वीकृति और शासन की वित्तीय सहमति मिलने में दो साल का समय लग गया।
सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद फ्लाईओवर निर्माण की वित्तीय सहमति प्रमुख सचिव लोक निर्माण नितिन रमेश गोकर्ण ने आठ अप्रैल 2020 में प्रदान कर दी। फ्लाईओवर निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था के रूप में उत्तर प्रदेश सेतु निगम को चयनित किया गया। सेतु निगम ने सभी औपचारिकताएं पूरी करके पत्रावली शासन को भेज दी। लगभग ढाई साल से पत्रावली शासन में लंबित थी। अब शासन से इसे मंजूरी मिल गई है।
इस संबंध में याचिका कर्ता देवप्रकाश राय का कहना है कि देरी से ही सही शासन से जनहित के इस मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय से जनपद वासियों को बाल निकेतन पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी। शासन से इनकी मंजूरी दिए जाने की सराहना सभी वर्गों के लोगों ने किया है।
कोट: बाल निकेतन क्रासिंग पर फ्लाईओवर निर्माण के लिए शासन से मंजूरी मिल गई है। इसके लिए 98 करोड़ 83 लाख 96 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। हालांकि अभी विभागीय पत्र नहीं आया है। - आरएस राय, उप परियोजना प्रबंधक, उत्तर प्रदेश सेतु निगम, आजमगढ़।