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कोर्ट की अनदेखी कर सरकारी कोटे की दुकान का हुआ आवंटन
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बड़रांव ब्लाक के जमुवारी गांव में एक पक्ष कोटे की दुकान को लेकर गुप्त मतदान की गुहार लगाते हुए बै?
- फोटो : MAU
मऊ/अमिला। बलिया के दुर्जनपुर में सरकारी कोटे की दुकान के आवंटन को लेकर हुई वारदात को जिला प्रशासन अनदेखी कर रहा है। इसका परिणाम है कि अमिला में कोर्ट के आदेश की अनदेखी कर प्रशासन ने कोटे का आवंटन कर दिया। जबकि दूसरा पक्ष कोर्ट का आदेश अधिकारियों को दिखाता रह गया। जबकि प्रशासन नियम कानून को ताक पर रखकर खुली बैठक में कोरम पूरा कर कोटे की दुकान का आवंटन स्वयं सहायता समूह के नाम कर दिया गया। प्रशासन के रवैए से क्षुब्ध ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान प्रशासन की तरफ से भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
बड़रांव ब्लाक के जमुवारी गांव में भारी सुरक्षा व गहमा-गहमी के बीच विद्यालय प्रांगण में हुई। खुली बैठक में कोटेदार का चयन किया गया। सरकारी कोटे की दुकान का आवंटन के लेकर ग्रामीणों ने हंगामा किया। हंगामा कर रहे राममिलन मौर्य, अतीक अहमद, राजकुमार गौड़, सर्वजीत, प्रदीप यादव, मुकुन गुप्ता, तलवार खान, रविंद्र यादव, कौशिल्या, प्रेमशीला, प्रेमबदा, प्रतिमा, खुर्शीदा, साहिस्ता, संजीदा आदि का कहना था कि सरकारी कोटे की दुकान का मामला कोर्ट में लंबित है। इसके बाद भी अधिकारी नियमों को ताक पर रखकर प्रसाशन ने दुकान का आवंटन कर पिंड छुड़ाया।
एसडीएम घोसी आशुतोष कुमार राय के पहुंचने पर पुन: गुप्त मतदान के जरिए कोटेदार के चयन करने पर एक पक्ष अड़ा रहा, लेकिन एसडीएम ने गुप्त मतदान की व्यवस्था न होने का हवाला देकर उनकी बातों को एक सीरे से खारिज कर दिया। एसडीएम घोसी के आदेश पर खुली बैठक बुलाई गई। कोटेदार के चयन के लिए कागजी कोरम पूरा किया गया, इसके बाद बाबा रामधारी स्वयं सहायता समूह को कोटा आवंटित कर दिया गया। समूह के अध्यक्ष और संचालन कर्ता लालमती हैं। इस मौके पर एसडीएम घोसी आशुतोष कुमार राय, यशवंत राव, डीओआईएसबी, अखिलेश मल्ल एडीओ पंचायत, सीओ घोसी धन्नजय मिश्र, कोतवाल समर बहादुर सिंह, एसआई सुभाष यादव, एसआई प्रदीप कुमार मिश्र, रामाश्रय प्रसाद क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, नागेंद्र यादव प्रधान, सचिव समसुद्दीन हैदर आदि उपस्थित रहे। इसके अलावा पीएसी के जवानों को भी मौके पर लगाया गया था, ताकि प्रशासन के आगे कोई और न कुछ बोल सकें। बात करने पर दूसरे पक्ष के कमलेश चौहान ने बताया कि वह कोर्ट के आदेश का उल्लंघन होने का कोर्ट में कंटेमट दाखिल करेंगा। वहीं बात करने पर एसडीएम आशुतोष राय ने कि कोर्ट के आदेश का यहां इस लिए काम नहीं करेगा, क्योंकि कमलेश ने खुद बयान हल्फी दे कर कोटे की दुकान से कोई वास्ता सरोकार न होने की बात कही थी।
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बड़रांव ब्लाक के जमुवारी गांव में भारी सुरक्षा व गहमा-गहमी के बीच विद्यालय प्रांगण में हुई। खुली बैठक में कोटेदार का चयन किया गया। सरकारी कोटे की दुकान का आवंटन के लेकर ग्रामीणों ने हंगामा किया। हंगामा कर रहे राममिलन मौर्य, अतीक अहमद, राजकुमार गौड़, सर्वजीत, प्रदीप यादव, मुकुन गुप्ता, तलवार खान, रविंद्र यादव, कौशिल्या, प्रेमशीला, प्रेमबदा, प्रतिमा, खुर्शीदा, साहिस्ता, संजीदा आदि का कहना था कि सरकारी कोटे की दुकान का मामला कोर्ट में लंबित है। इसके बाद भी अधिकारी नियमों को ताक पर रखकर प्रसाशन ने दुकान का आवंटन कर पिंड छुड़ाया।
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एसडीएम घोसी आशुतोष कुमार राय के पहुंचने पर पुन: गुप्त मतदान के जरिए कोटेदार के चयन करने पर एक पक्ष अड़ा रहा, लेकिन एसडीएम ने गुप्त मतदान की व्यवस्था न होने का हवाला देकर उनकी बातों को एक सीरे से खारिज कर दिया। एसडीएम घोसी के आदेश पर खुली बैठक बुलाई गई। कोटेदार के चयन के लिए कागजी कोरम पूरा किया गया, इसके बाद बाबा रामधारी स्वयं सहायता समूह को कोटा आवंटित कर दिया गया। समूह के अध्यक्ष और संचालन कर्ता लालमती हैं। इस मौके पर एसडीएम घोसी आशुतोष कुमार राय, यशवंत राव, डीओआईएसबी, अखिलेश मल्ल एडीओ पंचायत, सीओ घोसी धन्नजय मिश्र, कोतवाल समर बहादुर सिंह, एसआई सुभाष यादव, एसआई प्रदीप कुमार मिश्र, रामाश्रय प्रसाद क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, नागेंद्र यादव प्रधान, सचिव समसुद्दीन हैदर आदि उपस्थित रहे। इसके अलावा पीएसी के जवानों को भी मौके पर लगाया गया था, ताकि प्रशासन के आगे कोई और न कुछ बोल सकें। बात करने पर दूसरे पक्ष के कमलेश चौहान ने बताया कि वह कोर्ट के आदेश का उल्लंघन होने का कोर्ट में कंटेमट दाखिल करेंगा। वहीं बात करने पर एसडीएम आशुतोष राय ने कि कोर्ट के आदेश का यहां इस लिए काम नहीं करेगा, क्योंकि कमलेश ने खुद बयान हल्फी दे कर कोटे की दुकान से कोई वास्ता सरोकार न होने की बात कही थी।
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