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एक-एक शिक्षकों का मूल अभिलेख खंगालेगी त्रि-स्तरीय कमेटी
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मऊ। कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में अनामिका प्रकरण के बाद शासन के फरमान पर समाज कल्याण विभाग के अनुदानित आंबेडकर विद्यालयों में नियुक्त शिक्षकों की जांच शुरू हो गई है। मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित त्रि-स्तरीय कमेटी एक-एक शिक्षकों का मूल अभिलेख खंगालेगी। जनपद में गठित कमेटी ने शिक्षकों के अभिलेख को तलब कर लिया है।
लंबे समय से चल रहे मामले की जांच शुरू होते ही विभाग में हड़कंप मच गया है। कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में अनामिका प्रकरण के बाद शासन के फरमान पर जिले में एक-एक शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच के लिए विशेष दस्ते का गठन किया गया है। विशेष दस्ता माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, समाज कल्याण के अनुदानित विद्यालयों में तैनात शिक्षकों का सत्यापन होना है।
मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में त्रिस्तरीय टीम का गठन किया गया है। टीम में जिला समाज कल्याण अधिकारी सचिव, सदस्य के रूप में पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी शामिल होंगे। टीम शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र सहित अन्य अभिलेखों की जांच करेगी। शासन के इस आदेश के बाद जनपद के समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित आंबेडकर विद्यालयों में नियुक्त फर्जी शिक्षकों के मामले में पर्दाफाश होने की उम्मीदें जग गई है।
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हालांकि इसके पूर्व भी कई बार जहां जांच हो चुकी है। तत्कालीन जिलाधिकारी ने बीएसए कार्यालय पर छापा मारते हुए स्वयं अनियमितता पकड़ते हुए 37 शिक्षकों सहित प्रबंधकों पर एफआइआर दर्ज कराने का निर्देश दिया था। इसकेबाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। इस बाबत जिला समाज कल्याण अधिकारी विनोद यादव का कहना है कि मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में त्रिस्तरीय टीम का गठन कर दिया गया है। जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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लंबे समय से चल रहे मामले की जांच शुरू होते ही विभाग में हड़कंप मच गया है। कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में अनामिका प्रकरण के बाद शासन के फरमान पर जिले में एक-एक शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच के लिए विशेष दस्ते का गठन किया गया है। विशेष दस्ता माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, समाज कल्याण के अनुदानित विद्यालयों में तैनात शिक्षकों का सत्यापन होना है।
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मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में त्रिस्तरीय टीम का गठन किया गया है। टीम में जिला समाज कल्याण अधिकारी सचिव, सदस्य के रूप में पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी शामिल होंगे। टीम शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र सहित अन्य अभिलेखों की जांच करेगी। शासन के इस आदेश के बाद जनपद के समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित आंबेडकर विद्यालयों में नियुक्त फर्जी शिक्षकों के मामले में पर्दाफाश होने की उम्मीदें जग गई है।
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हालांकि इसके पूर्व भी कई बार जहां जांच हो चुकी है। तत्कालीन जिलाधिकारी ने बीएसए कार्यालय पर छापा मारते हुए स्वयं अनियमितता पकड़ते हुए 37 शिक्षकों सहित प्रबंधकों पर एफआइआर दर्ज कराने का निर्देश दिया था। इसकेबाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। इस बाबत जिला समाज कल्याण अधिकारी विनोद यादव का कहना है कि मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में त्रिस्तरीय टीम का गठन कर दिया गया है। जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।