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Mau News: दो हजार यात्रियों वाला स्टेशन लेकिन सुविधाएं ही बेपटरी
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मुहम्मदाबाद गोहना रेलवे स्टेशन स्थित टोटी से नही आता पीने का पानी।सवाद
- फोटो : 1
मुहम्मदाबाद गोहना। मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, अहमदाबाद, सूरत, अजमेर, अमृतसर, आसनसोल और लखनऊ जैसे बड़े शहरों को जोड़ने वाली दर्जनों एक्सप्रेस और मेल ट्रेनों का ठहराव पाने वाला मुहम्मदाबाद गोहना रेलवे स्टेशन यात्री सुविधाओं के अभाव में बदहाली की तस्वीर बना हुआ है। रोजाना करीब दो हजार यात्री यहां से सफर करते हैं, लेकिन स्टेशन पर बुनियादी सुविधाओं के नाम पर उन्हें परेशानी और इंतजार ही हाथ लग रहा है।
प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर लगा इकलौता हैंडपंप महीनों से खराब पड़ा है। वाटर बूथ में टोटियां तो लगी हैं, लेकिन पानी नहीं आता। ऐसे में यात्री प्यास बुझाने के लिए इधर-उधर भटकते नजर आते हैं। प्लेटफॉर्म नंबर-2 की स्थिति इससे भी खराब है। यहां न हैंडपंप है और न ही पानी की पाइपलाइन।
प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर बने शौचालय में अक्सर ताला लटका रहता है। अंदर पानी की व्यवस्था भी नहीं है। वहीं मूत्रालय का गंदा पानी सीधे प्लेटफॉर्म पर बहता है, जिससे दुर्गंध के साथ यात्रियों को परेशानी होती है। प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर तो अब तक शौचालय का निर्माण ही नहीं हुआ है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्ग यात्रियों को इन अव्यवस्थाओं के कारण सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है।
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धूप-बारिश में खुले आसमान के नीचे यात्री
प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर पर्याप्त शेड नहीं है और यात्रियों के बैठने के लिए कुर्सियों की भी कमी है। गर्मी में यात्री धूप में खड़े रहने को मजबूर होते हैं, जबकि बारिश के दौरान भीगते हुए ट्रेनों में चढ़ना पड़ता है। रात में स्थिति और गंभीर हो जाती है। प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से पूरा परिसर अंधेरे में डूब जाता है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के संगठन मंत्री विनोद कुमार गुप्त ने बताया कि बिजली कटने के दौरान स्टेशन का जनरेटर भी नहीं चलाया जाता, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर खतरा बना रहता है। दिव्यांग संगठन के अतिकुर रहमान ने बताया कि स्टेशन पर दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप, व्हीलचेयर और अलग शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। कई बार अधिकारियों से मांग की गई, लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई। इससे दिव्यांग यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने में काफी परेशानी होती है।
‘प्रस्ताव भेजा गया है, जल्द होगा काम’
स्टेशन अधीक्षक सूर्यनाथ गोंड ने बताया कि प्लेटफॉर्म पर आवश्यकता के अनुसार पानी भरा जाता है, हालांकि कभी-कभी पानी खत्म हो जाता है। उन्होंने शौचालय में ताला लगाए जाने से इनकार करते हुए कहा कि बंदर अंदर घुसकर कमोड और टोटी तोड़ देते हैं। बताया कि प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर पानी, लाइट और शेड की व्यवस्था के लिए ठेकेदार के माध्यम से काम होना है और इसका प्रस्ताव भेजा जा चुका है। दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप और अन्य सुविधाओं के संबंध में भी पत्र भेजा गया है।
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प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर लगा इकलौता हैंडपंप महीनों से खराब पड़ा है। वाटर बूथ में टोटियां तो लगी हैं, लेकिन पानी नहीं आता। ऐसे में यात्री प्यास बुझाने के लिए इधर-उधर भटकते नजर आते हैं। प्लेटफॉर्म नंबर-2 की स्थिति इससे भी खराब है। यहां न हैंडपंप है और न ही पानी की पाइपलाइन।
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प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर बने शौचालय में अक्सर ताला लटका रहता है। अंदर पानी की व्यवस्था भी नहीं है। वहीं मूत्रालय का गंदा पानी सीधे प्लेटफॉर्म पर बहता है, जिससे दुर्गंध के साथ यात्रियों को परेशानी होती है। प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर तो अब तक शौचालय का निर्माण ही नहीं हुआ है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्ग यात्रियों को इन अव्यवस्थाओं के कारण सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है।
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धूप-बारिश में खुले आसमान के नीचे यात्री
प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर पर्याप्त शेड नहीं है और यात्रियों के बैठने के लिए कुर्सियों की भी कमी है। गर्मी में यात्री धूप में खड़े रहने को मजबूर होते हैं, जबकि बारिश के दौरान भीगते हुए ट्रेनों में चढ़ना पड़ता है। रात में स्थिति और गंभीर हो जाती है। प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से पूरा परिसर अंधेरे में डूब जाता है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के संगठन मंत्री विनोद कुमार गुप्त ने बताया कि बिजली कटने के दौरान स्टेशन का जनरेटर भी नहीं चलाया जाता, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर खतरा बना रहता है। दिव्यांग संगठन के अतिकुर रहमान ने बताया कि स्टेशन पर दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप, व्हीलचेयर और अलग शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। कई बार अधिकारियों से मांग की गई, लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई। इससे दिव्यांग यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने में काफी परेशानी होती है।
‘प्रस्ताव भेजा गया है, जल्द होगा काम’
स्टेशन अधीक्षक सूर्यनाथ गोंड ने बताया कि प्लेटफॉर्म पर आवश्यकता के अनुसार पानी भरा जाता है, हालांकि कभी-कभी पानी खत्म हो जाता है। उन्होंने शौचालय में ताला लगाए जाने से इनकार करते हुए कहा कि बंदर अंदर घुसकर कमोड और टोटी तोड़ देते हैं। बताया कि प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर पानी, लाइट और शेड की व्यवस्था के लिए ठेकेदार के माध्यम से काम होना है और इसका प्रस्ताव भेजा जा चुका है। दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप और अन्य सुविधाओं के संबंध में भी पत्र भेजा गया है।

मुहम्मदाबाद गोहना रेलवे स्टेशन स्थित टोटी से नही आता पीने का पानी।सवाद- फोटो : 1