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Mau News: पथरी के ऑपरेशन में पेट में ही छोड़ दिया मांस का लोथड़ा, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज
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मऊ,बढुआगोदाम। सरायलखंसी थाने की पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर अग्रवाल नर्सिंग होम के डॉ रविकुमार अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। तरवा दरारी बिलौझा निवासी शुभम के पिता ने डॉ रवि से पिता की पथरी का ऑपरेशन कराया था। डॉ ने ऑपरेशन के बाद पिता के पेट में ही मांस का लोथड़ा और पथरी छोड़ दिया। नवंबर 2023 के मामले में शुभम ने पुलिस में सुनवाई नहीं होने पर कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने डॉ रवि अग्रवाल के खिलाफ केस दर्ज किया।
युवक ने बताया कि डाॅक्टर ने धोखे में रखा, ऑपरेशन कर पिता रविशंकर की पथरी निकालने के समय मांस का लोथड़ा पेट में ही छोड़ दिया, पिता की तबीयत और बिगड़ गई। जब आराम नहीं हुआ तो वह इलाज कराने लखनऊ पहुंचा। तब विस्तृत जांच में मामले का खुलासा हुआ। शुभम ने बताया कि पिता के पित्त की थैली में पथरी था। उपचार सरायलखंसी के अग्रवाल नर्सिंग होम के डॉ रविकुमार अग्रवाल से कराया। डॉक्टर रवि के सुझाव पर 15 नवंबर 2023 के दिन पिता को नर्सिंग होम के बेड-5 पर भर्ती कराया। जहां ऑपरेशन कर 16 नवंबर को पिता को डिस्चार्ज कर दिया। डॉक्टर ने ऑपरेशन के बाद पिता के ठीक होने का दावा किया, लेकिन नियमित दवा देने के बाद भी आराम नहीं मिला। इस बीच वह कई बार डॉक्टर से परामर्श के लिए मिला, जहां हर बार डॉक्टर ने ऑपरेशन के कामयाब होने की बात कही। तबीयत ज्यादा खराब होने पर 11 जून 2024 को वह लखनऊ के बड़े निजी अस्पताल पहुंचा, यहां डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराया तो रेजिडयुल जीबी स्टंप 2.6X 1.4 सेमी पथरी बताया। जब मैं यह रिपोर्ट मऊ आकर डॉ अग्रवाल को दिखाया तो उन्होंने कहा कि हमसे गलती हो गई। पथरी का ऑपेरशन के बाद पेट में मांस और पथरी पेट में छूट गई। 24 जून 2024 को लखनऊ के चिकित्सक ने बताया कि जिस डॉक्टर ने ऑपरेशन किया। उसने पिताशय में मांस के लोथड़े को लापरवाही से पेट में छोड़ दिया था, अब इस स्थिति में फिर से ऑपरेशन नहीं होगा। शुभम फिर से डॉ अग्रवाल के पास गया तो चिकित्सक भड़क गया और गाली गलौज कर धमकी देने लगा। शुभम ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की। कोई मदद न मिलने पर कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर सरायलखंसी थाने की पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
कोट
मामला संज्ञान में है, मेरे कार्यकाल से पहले का मामला है, कोर्ट के आदेश पर गत दिवस पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। अब मामले की जांच की जा रही है।
शैलेश सिंह, एसओ, सरायलखंसी
मरीज का इलाज मैंने ही किया था। लेकिन इलाज में लापरवाही नहीं बरती गई है। जहां तक गाली गलाैज करने और धमकी देने का आरोप है वो बिल्कुल निराधार है।
डाॅ रविकुमार अग्रवाल, अग्रवाल नर्सिंग होम
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युवक ने बताया कि डाॅक्टर ने धोखे में रखा, ऑपरेशन कर पिता रविशंकर की पथरी निकालने के समय मांस का लोथड़ा पेट में ही छोड़ दिया, पिता की तबीयत और बिगड़ गई। जब आराम नहीं हुआ तो वह इलाज कराने लखनऊ पहुंचा। तब विस्तृत जांच में मामले का खुलासा हुआ। शुभम ने बताया कि पिता के पित्त की थैली में पथरी था। उपचार सरायलखंसी के अग्रवाल नर्सिंग होम के डॉ रविकुमार अग्रवाल से कराया। डॉक्टर रवि के सुझाव पर 15 नवंबर 2023 के दिन पिता को नर्सिंग होम के बेड-5 पर भर्ती कराया। जहां ऑपरेशन कर 16 नवंबर को पिता को डिस्चार्ज कर दिया। डॉक्टर ने ऑपरेशन के बाद पिता के ठीक होने का दावा किया, लेकिन नियमित दवा देने के बाद भी आराम नहीं मिला। इस बीच वह कई बार डॉक्टर से परामर्श के लिए मिला, जहां हर बार डॉक्टर ने ऑपरेशन के कामयाब होने की बात कही। तबीयत ज्यादा खराब होने पर 11 जून 2024 को वह लखनऊ के बड़े निजी अस्पताल पहुंचा, यहां डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराया तो रेजिडयुल जीबी स्टंप 2.6X 1.4 सेमी पथरी बताया। जब मैं यह रिपोर्ट मऊ आकर डॉ अग्रवाल को दिखाया तो उन्होंने कहा कि हमसे गलती हो गई। पथरी का ऑपेरशन के बाद पेट में मांस और पथरी पेट में छूट गई। 24 जून 2024 को लखनऊ के चिकित्सक ने बताया कि जिस डॉक्टर ने ऑपरेशन किया। उसने पिताशय में मांस के लोथड़े को लापरवाही से पेट में छोड़ दिया था, अब इस स्थिति में फिर से ऑपरेशन नहीं होगा। शुभम फिर से डॉ अग्रवाल के पास गया तो चिकित्सक भड़क गया और गाली गलौज कर धमकी देने लगा। शुभम ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की। कोई मदद न मिलने पर कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर सरायलखंसी थाने की पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
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कोट
मामला संज्ञान में है, मेरे कार्यकाल से पहले का मामला है, कोर्ट के आदेश पर गत दिवस पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। अब मामले की जांच की जा रही है।
शैलेश सिंह, एसओ, सरायलखंसी
मरीज का इलाज मैंने ही किया था। लेकिन इलाज में लापरवाही नहीं बरती गई है। जहां तक गाली गलाैज करने और धमकी देने का आरोप है वो बिल्कुल निराधार है।
डाॅ रविकुमार अग्रवाल, अग्रवाल नर्सिंग होम