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Mau News: निलंबन के एक दिन बाद लेखपाल ने दर्ज की वरासत, कानूनगो ने दे दी स्वीकृति
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संवाद न्यूज एजेंसी
घोसी। तहसील में तैनात लेखपाल के निलंबन मामले में नया मोड़ सामने आया है। निलंबन के एक दिन बाद ही आरोपी लेखपाल दिनेश चौहान ने सरकारी आईडी से पोर्टल पर शिकायतकर्ता का वरासत दर्ज कर दिया। आश्चर्य की बात ये है कि राजस्व निरीक्षक ने बिना जांच किए उसे स्वीकृत करके खतौनी में दर्ज कर लिया है।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अतरसावा गांव निवासी दुर्गविजय राय की शिकायत के बाद 6000 रुपये रिश्वत लेने के आरोप में घोसी के एसडीएम अशोक कुमार सिंह ने बीते 29 अक्तूबर को लेखपाल दिनेश चौहान को निलंबित किया था। नियमानुसार निलंबन के बाद कोई सरकारी कर्मचारी अपने पद से संबंधित कार्य नहीं कर सकता। ऐसे में लेखपाल का सरकारी आईडी से पोर्टल चलाना और राजस्व निरीक्षक का वरासत को खतौनी में दर्ज करना मामले की गंभीरता को दिखाता है। उपजिलाधिकारी अशोक कुमार सिंह ने कहा कि निलंबन के बाद किसी भी कर्मचारी को कार्यालय या पोर्टल पर काम करने का कोई अधिकार नहीं है। लेकिन निलंबित लेखपाल ने पोर्टल खोलकर वरासत दर्ज की है, इसे सेवा अनुशासन का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे कृत्य पर न केवल विभागीय कार्रवाई होगी, बल्कि एफआईआर दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। सरकारी व्यवस्था में अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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घोसी। तहसील में तैनात लेखपाल के निलंबन मामले में नया मोड़ सामने आया है। निलंबन के एक दिन बाद ही आरोपी लेखपाल दिनेश चौहान ने सरकारी आईडी से पोर्टल पर शिकायतकर्ता का वरासत दर्ज कर दिया। आश्चर्य की बात ये है कि राजस्व निरीक्षक ने बिना जांच किए उसे स्वीकृत करके खतौनी में दर्ज कर लिया है।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अतरसावा गांव निवासी दुर्गविजय राय की शिकायत के बाद 6000 रुपये रिश्वत लेने के आरोप में घोसी के एसडीएम अशोक कुमार सिंह ने बीते 29 अक्तूबर को लेखपाल दिनेश चौहान को निलंबित किया था। नियमानुसार निलंबन के बाद कोई सरकारी कर्मचारी अपने पद से संबंधित कार्य नहीं कर सकता। ऐसे में लेखपाल का सरकारी आईडी से पोर्टल चलाना और राजस्व निरीक्षक का वरासत को खतौनी में दर्ज करना मामले की गंभीरता को दिखाता है। उपजिलाधिकारी अशोक कुमार सिंह ने कहा कि निलंबन के बाद किसी भी कर्मचारी को कार्यालय या पोर्टल पर काम करने का कोई अधिकार नहीं है। लेकिन निलंबित लेखपाल ने पोर्टल खोलकर वरासत दर्ज की है, इसे सेवा अनुशासन का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे कृत्य पर न केवल विभागीय कार्रवाई होगी, बल्कि एफआईआर दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। सरकारी व्यवस्था में अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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