फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   A 600 meter road constructed two years ago at a cost of Rs 1 crore turned into a pond

Mau News: दो साल पहले एक करोड़ से बनी 600 मीटर की सड़क बनी तालाब

Mon, 30 Sep 2024 02:00 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 30 Sep 2024 02:00 AM IST
विज्ञापन
A 600 meter road constructed two years ago at a cost of Rs 1 crore turned into a pond
जिस सईदी रोड के बनने पर दो साल पहले नगरवासियों में खुशी थी, उसमें अब दो-दो फीट के सैकड़ों गड्ढे बन गए हैं। इस सड़क से गुजरते समय लोग हिचकोले खाना पड़ रहा है। लोग इसके लिए नगर पालिका और रेलवे अधिकारियों को जिम्मेदार मानते हैं। दरअसल दो साल पहले एक करोड़ की लागत से बनी 600 मीटर की सड़क में सैकड़ों गहरे गड्ढे बने हुए है, जो की बारिश का पानी भरने से मानो तालाब बन गई है। इस मार्ग से दो पहिया और कार चालकों का निकलना मुश्किल भरा हो गया है।
विज्ञापन

उधर इस मामले में जहां नगर पालिका के अधिकारी रेलवे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। वहीं रेलवे के अधिकारी बारिश का सीजन खत्म होने के बाद मेटेनेंस कराने का दावा कर रहे हैं। दूसरी तरफ दोनों जिम्मेदारों की चुप्पी से परेशान लोग खुद इस समस्या से राहत पाने के प्रयास में सैकड़ो गड़्ढों को भरने का प्रयास कर रहे हैं। दरअसल, यह सड़क छह माह से अधिक समय से बदहाल है। अमर उजाला ने इस समस्या को 15 जुलाई को गारंटी थी पांच साल, दो साल में जर्जर हो गई सईदी रोड शीर्षक से प्रकाशित किया था। इसके बाद रेलवे के अधिकारियों को इस संबंध में पत्र लिखा गया था। हालही में दो दिन हुई बारिश ने इस मार्ग से गुजरने वाले समस्या को दोगुना कर दिया।
विज्ञापन

गौरतलब है कि नगर पालिका ने जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष तैयब पालकी ने रेलवे से एक विशेष अनुबंध किया था। इसके तहत सईदी रोड को चौड़ा करने के लिए रेलवे ने जमीन दी थी, इससे सड़क की चौड़ाई 21 फीट होने के बाद करीब छह सौ मीटर लंबी यहां सड़क बनाई गई थी। 2022 में नगर पालिका को इसके लिए 1.34 करोड़ का भुगतान किया गया था, इसमें रेलवे ने 22 लाख खर्च कर विद्युत पोल हटवाए थे, वहीं शेष राशि से सड़क निर्माण कराया गया था। इस बारे में पूर्व नपा अध्यक्ष तैयब पालकी का कहना है जनहित में नगर पालिका द्वारा इस समस्या का निजात दिलाने को लेकर प्रयास करना चाहिए। सड़क नगर पालिका नहीं बना सकती है तो कम से कम उसे भरवाकर राहत दिलाने का प्रयास करना चाहिए। इस मामले में रेलवे के वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार का कहना है कि मामला संज्ञान में है, बारिश के सीजन के बाद इस सड़क की मरम्मत कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

पूर्व चेयरमैन के कार्यकाल में नगरपालिका ने सड़क निर्माण के लिए रेलवे को बजट जारी किया था। लेकिन सड़क निर्माण कार्य के गुणवत्ता की निगरानी नहीं की जा सकी। रेलवे की तरफ से सड़क नगरपालिका को हैंडओवर कर दी जाए तो सड़क का निर्माण करा दिया जाएगा। सड़क निर्माण के लिए रेलवे को कई बार पत्र जारी किया जा चुका है। -अरशद जमाल, अध्यक्ष, नगरपालिका

------------------------
2022 में उखड़ गई थी सड़क, इस बार भी वही हाल
छह सौ मीटर की यह सड़क बनने के समय से सवालों के घेरों में है, इसमें रेलवे के साथ नगर पालिका के जिम्मेदार भी है। दरअसल जून 2022 में सड़क बनने के बाद पहली बारिश होने पर सड़क उखड़ने लगी थी। जिसे उस समय भी अमर उजाला ने एक जुलाई 2022 के अंक में गिट्टियों ने छोड़ा तारकोल का साथ शीर्षक से प्रकाशित किया था, जिसके बाद इस सड़क की मरम्मत कराने का कार्य दोबारा किया गया था, साथ ही दावा किया गया था सड़क का कार्य इस स्तर का है कि पांच साल तक सड़क दुरस्त रहेगी, लेकिन सड़क इस सीजन की इस पहली बारिश में इस स्थिति में पहुंच चुकी है कि 600 मीटर में हर एक फीट पर एक से दो फीट गहरे गड्ढे बन गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed