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कल्याणकारी योजनाओं का धन हड़पना होगा मुश्किल

Thu, 24 Jan 2013 05:30 AM IST
Mau
Mau Updated Thu, 24 Jan 2013 05:30 AM IST
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मऊ। जिले के परिषदीय विद्यालयों तथा सहायता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के लिए चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं में आए धन को अब हजम करना आसान नहीं होगा। विद्यालयों में गठित विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों व पदाधिकारियों को अधिकार व कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण प्रत्येक एनपीआरसी स्तर पर दिया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के फरमान के बाद भी अधिकांश न्याय पंचायतों में प्रशिक्षण शुरू नहीं कराया जा सका है।
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जिले में 1605 परिषदीय, सहायता प्राप्त सहित अन्य विद्यालय हैं। विद्यालयों में शत प्रतिशत नामांकन, छात्रों के ठहराव आदि के लिए सरकार की ओर से तमाम जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। योजनाओं में बरती जा रही अनियमितता को देखते हुए शासन के फरमान पर विद्यालय प्रबंध समिति का गठन किया गया है। प्रबंध समिति के पदाधिकारियों व सदस्यों को अधिकार व कर्तव्य के बारे में जानकारी न रहने के चलते विभागीय अधिकारी हेराफेरी कर गोलमाल करने में सफल हो जा रहे हैं। लेकिन अब शासन ने मामले की गंभीरता से लेते हुए विद्यालय प्रबंध समिति के पदाधिकारियों व सदस्यों को प्रशिक्षण देने का फरमान जारी किया है। पहले चरण में विद्यालय प्रबंध समिति के चार सदस्यों सचिव, अध्यक्ष या उपाध्यक्ष तथा दो अभिभावक सदस्य का तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण अनावासीय होगा। प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों की उपस्थित होने का प्रावधान है। साथ ही प्रशिक्षार्थी को जनपहल माड्यूल उपलब्ध कराया जाना है। यह प्रशिक्षण न्याय पंचायत संसाधन केंद्र पर दिया जाएगा। प्रत्येक ब्लाक से छह प्रशिक्षित जनपदस्तरीय संदर्भदाताओं द्वारा दिया जाएगा। महकमे की ओर से प्रति प्रतिभागी को सौ रुपये प्रतिदिन की दर से बजट भी भेजा जा चुका है। अधिकारियों की मानें तो यह प्रशिक्षण 31 दिसंबर तक पूर्ण कर लिया जाना था, लेकिन अभी यह प्रशिक्षण नहीं कराया जा सका है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 21 जनवरी से प्रशिक्षण शुरू कराने का फरमान जारी कर दिया है। लेकिन अधिकांश न्याय पंचायतों में अभी तक प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू ही नहीं की जा सकी है।
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