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कम होता जा रहा है दीनी तालीम का शौक
Mau
Updated Tue, 13 Aug 2013 05:35 AM IST
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मऊ। नगर के खीरी बाग स्थित जामिया अरबिया तालीमुद्दीन के बिल्ंिडग का उद्घाटन सोमवार को दारुल ओलूम देवबंद के मोहतमिम (वाइस चांसलर) मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने किया।
इस मौके पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने मऊ नगर की शिक्षा जगत में हैसियत को सराहते हुए कहा कि मौलाना हबीबुर्रहमान आजमी, मौलाना अब्दुल लतीफ नोमानी का शहर जिन्होंने दुनिया मेें अपना लोहा मनवाया। उनके शहर में दीनी तालीम का शौक कम होता जा रहा है। जो लोग तालीम हासिल कर चुके हैं वे अपनी तालीम का फायदा जितना समाज को पहुंचाना चाहिए नहीं पहुंचा पा रहे हैं। कहा कि हम आलिम-ओलमा अगर सदाचारी आलिम का आचरण नहीं सीखेंगे तो बहुत जल्द ऐसा होगा कि हम पर हदीस (रसूल की शिक्षा) के मुताबिक गुमराह करने का हुक्म लगेगा। क्योंकि लोग हमसे दीन पूछेंगे और हम न जानते हुए फतवा देंगे। ऐसी सूरत में हम खुद गुमराह होते हुए लोगों को गुमराह करेंगे। इस लिए सबसे बड़ी जरूरत है कि जैसे दुनिया के लिए अपने बच्चों को डाक्टर, सीए, एमबीए आदि बनाने के इच्छुक होते हैं। इससे ज्यादा जरूरत है कि हम अपने सबसे होनहार लड़के को दीन की मुकम्मल तालीम दें और दीनदारों के साथ मुकम्मल तरबीयत दें। इसके लिए पूरा अवसर प्रदान करें। कहा कि इल्म उठाने का जरिया यह होगा कि आलिम दुनिया से उठा लिए जाएंगे। कार्यक्रम में प्रबंधक अनवारुल हक नेशनल ने जामिया के अन्य संस्थाओं तालीमुद्दीन इंटर कालेज, तालीमुद्दीन निस्वा डिग्री कालेज, तालीमुद्दीन इंटर कालेज गर्ल्स सेक्शन के श्रेष्ठ परिणामों व उत्कृष्ट क्रिया कलापों की विस्तृत रिपोर्ट पेश की। इस अवसर पर पूर्व पालिकाध्यक्ष तैयब पालकी, हाजी मुख्तार शिमला, फैज अहमद, हाजी मुमताज कोहिनूर, सैयद उमर, मौलाना अब्दुल अलीम नदवी, हबीबुल मुरसलीन, हाजी नसीम, हाजी रसीद, हाजी जसीम मेट्रो, हाजी अब्दुल अली, जमील सेठ, मौलाना असअद नोमानी, मौलाना शाहनवाज आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता जामिया के शैखुल हदीस मौलाना मुफ्ती एजाज अहमद अल्हुसैनी व संचालन मौलाना अब्दुर्रहमान साजिद ने की।
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इस मौके पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने मऊ नगर की शिक्षा जगत में हैसियत को सराहते हुए कहा कि मौलाना हबीबुर्रहमान आजमी, मौलाना अब्दुल लतीफ नोमानी का शहर जिन्होंने दुनिया मेें अपना लोहा मनवाया। उनके शहर में दीनी तालीम का शौक कम होता जा रहा है। जो लोग तालीम हासिल कर चुके हैं वे अपनी तालीम का फायदा जितना समाज को पहुंचाना चाहिए नहीं पहुंचा पा रहे हैं। कहा कि हम आलिम-ओलमा अगर सदाचारी आलिम का आचरण नहीं सीखेंगे तो बहुत जल्द ऐसा होगा कि हम पर हदीस (रसूल की शिक्षा) के मुताबिक गुमराह करने का हुक्म लगेगा। क्योंकि लोग हमसे दीन पूछेंगे और हम न जानते हुए फतवा देंगे। ऐसी सूरत में हम खुद गुमराह होते हुए लोगों को गुमराह करेंगे। इस लिए सबसे बड़ी जरूरत है कि जैसे दुनिया के लिए अपने बच्चों को डाक्टर, सीए, एमबीए आदि बनाने के इच्छुक होते हैं। इससे ज्यादा जरूरत है कि हम अपने सबसे होनहार लड़के को दीन की मुकम्मल तालीम दें और दीनदारों के साथ मुकम्मल तरबीयत दें। इसके लिए पूरा अवसर प्रदान करें। कहा कि इल्म उठाने का जरिया यह होगा कि आलिम दुनिया से उठा लिए जाएंगे। कार्यक्रम में प्रबंधक अनवारुल हक नेशनल ने जामिया के अन्य संस्थाओं तालीमुद्दीन इंटर कालेज, तालीमुद्दीन निस्वा डिग्री कालेज, तालीमुद्दीन इंटर कालेज गर्ल्स सेक्शन के श्रेष्ठ परिणामों व उत्कृष्ट क्रिया कलापों की विस्तृत रिपोर्ट पेश की। इस अवसर पर पूर्व पालिकाध्यक्ष तैयब पालकी, हाजी मुख्तार शिमला, फैज अहमद, हाजी मुमताज कोहिनूर, सैयद उमर, मौलाना अब्दुल अलीम नदवी, हबीबुल मुरसलीन, हाजी नसीम, हाजी रसीद, हाजी जसीम मेट्रो, हाजी अब्दुल अली, जमील सेठ, मौलाना असअद नोमानी, मौलाना शाहनवाज आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता जामिया के शैखुल हदीस मौलाना मुफ्ती एजाज अहमद अल्हुसैनी व संचालन मौलाना अब्दुर्रहमान साजिद ने की।
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