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Mau News: जिले की 95 सोसायटी पर डीएपी नहीं, निजी केेंद्रों से खरीदना के लिए मजबूर
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जिले में 95 सोसायटी पर एक बोरी डीएपी नहीं है। किसान धान की कटाई करने के बाद खेत की भराई कर सोसायटी का चक्कर लगा रहे है। जनपद में 7,900 हेक्टेयर गेहूं और 4,000 हेक्टेयर दलहन-तिलहन की बोआई का लक्ष्य रखा गया है।
आमतौर अक्तूबर के दूसरे सप्ताह से रबी फसल की बोआई शुरू हो जाती है। जिसके लिए किसान पहले से खाद और बीज का प्रबंध करने में जुट जाते हैं। अभी जो किसान बोआई कर रहे हैं, वह निजी दुकानों से खाद लेने को विवश हैं। जनपद में धान की कटाई के बाद किसान गेहूं की बोआई की तैयारी में जुट गए हैं। अधिकतर ऐसे खेत जिसमें अगेती रबी के फसल की बोआई होती है, उसमें किसान जौ के साथ दलहन की बोआई कर चुके हैं। ऐसे किसानों को खाद निजी केंद्र से लेकर ही बोआई कर रहे हैं। सोसायटी से खाद नहीं मिलने पर किसान महंगे दाम पर खाद लेने को मजबूर हैं। गेहूं की अच्छी पैदावार के लिए नवंबर सबसे बेहतर माना जाता है। लेकिन खाद की किल्लत से किसान परेशान हैं।
रानीपुर में खुरहट साधन सहकारी समिति, कमालसेनपुर साधन सहकारी समिति, धर्मसीपुर साधन सहकारी समिति सहित अनेक समितियों पर डीएपी उपलब्ध नहीं है। वहीं निजी दुकानों और गोेदामों पर डीएपी के साथ यूरिया की बड़ी खेप रखी गई है। किसान समय से बोआई करने के लिए ज्यादा दाम देकर खाद खरीद रहे हैं।
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सरकारी समितियाें पर बोआई के समय डीएपी और यूरिया नदारद है। किसान अधिक मूल्य पर बाजार से खाद खरीदने के लिए मजबूर हैं। -शिवशक्ति सिंह, गोकुलपूरा
धान की कटाई के बाद किसान समिति की चक्कर लगा रहे हैं। जिन खेतों में नमी है, उसकी बोआई समय से नहीं होने पर भराई करनी होगी।-करुण कांत द्विवेदी, कमालपुर
समिति पर खाद नहीं होने से किसान मजबूरी में निजी दुकान से खाद ले रहे हैं। बाजार में कई वरायटी दिखाकर दुकानदार गुमराह कर रहे हैं। -विनोद श्रीवास्तव, धर्मसीपुर
चार बार नजदीकी समिति पर जाने के बाद खाद नहीं मिली है। हर बार दो से तीन दिन बाद खाद आने की बात की जा रही है। -अशोक यादव, धर्मसीपुर
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डीएपी के लिए 1400 एमटी की मांग की गई है। जल्द ही डीएपी आ जाएगी। जिसके बाद सभी सोसायटी पर खाद की उपलब्धता रहेगी। इसके साथ ही एक रैक यानी 2600 एमटी भी मांगी गई है। -सोम प्रकाश गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी
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आमतौर अक्तूबर के दूसरे सप्ताह से रबी फसल की बोआई शुरू हो जाती है। जिसके लिए किसान पहले से खाद और बीज का प्रबंध करने में जुट जाते हैं। अभी जो किसान बोआई कर रहे हैं, वह निजी दुकानों से खाद लेने को विवश हैं। जनपद में धान की कटाई के बाद किसान गेहूं की बोआई की तैयारी में जुट गए हैं। अधिकतर ऐसे खेत जिसमें अगेती रबी के फसल की बोआई होती है, उसमें किसान जौ के साथ दलहन की बोआई कर चुके हैं। ऐसे किसानों को खाद निजी केंद्र से लेकर ही बोआई कर रहे हैं। सोसायटी से खाद नहीं मिलने पर किसान महंगे दाम पर खाद लेने को मजबूर हैं। गेहूं की अच्छी पैदावार के लिए नवंबर सबसे बेहतर माना जाता है। लेकिन खाद की किल्लत से किसान परेशान हैं।
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रानीपुर में खुरहट साधन सहकारी समिति, कमालसेनपुर साधन सहकारी समिति, धर्मसीपुर साधन सहकारी समिति सहित अनेक समितियों पर डीएपी उपलब्ध नहीं है। वहीं निजी दुकानों और गोेदामों पर डीएपी के साथ यूरिया की बड़ी खेप रखी गई है। किसान समय से बोआई करने के लिए ज्यादा दाम देकर खाद खरीद रहे हैं।
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सरकारी समितियाें पर बोआई के समय डीएपी और यूरिया नदारद है। किसान अधिक मूल्य पर बाजार से खाद खरीदने के लिए मजबूर हैं। -शिवशक्ति सिंह, गोकुलपूरा
धान की कटाई के बाद किसान समिति की चक्कर लगा रहे हैं। जिन खेतों में नमी है, उसकी बोआई समय से नहीं होने पर भराई करनी होगी।-करुण कांत द्विवेदी, कमालपुर
समिति पर खाद नहीं होने से किसान मजबूरी में निजी दुकान से खाद ले रहे हैं। बाजार में कई वरायटी दिखाकर दुकानदार गुमराह कर रहे हैं। -विनोद श्रीवास्तव, धर्मसीपुर
चार बार नजदीकी समिति पर जाने के बाद खाद नहीं मिली है। हर बार दो से तीन दिन बाद खाद आने की बात की जा रही है। -अशोक यादव, धर्मसीपुर
डीएपी के लिए 1400 एमटी की मांग की गई है। जल्द ही डीएपी आ जाएगी। जिसके बाद सभी सोसायटी पर खाद की उपलब्धता रहेगी। इसके साथ ही एक रैक यानी 2600 एमटी भी मांगी गई है। -सोम प्रकाश गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी