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मध्यस्थ्ता केंद्र ने पत्नी और बच्ची को दस लाख रुपया भरण पोषण दिलाया
Updated Tue, 25 Sep 2018 11:33 PM IST
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दीवानी कचहरी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से चलाए जा रहे मध्यस्थता और सुलह समझौता केंद्र में पति- पत्नी का विवाद मंगलवार को पक्षकारों के सुलह- समझौते के आधार पर हल हो गया। मध्यस्थता केंद्र और महिला थाने में तैनात दीवान चंदा सिंह के प्रयास से पक्षकारों ने सुलह कर ली। सुलहनामा के अनुसार पति ने पत्नी और बच्ची को भरण-पोषण के रूप में एकमुश्त दस लाख रुपया दिया।
मामले के अनुसार बलिया जिले के बासडीह थाना क्षेत्र के गोड़धपा गांव निवासी नन्हक तिवारी की लड़की नीतू की शादी हलधरपुर थाना क्षेत्र के जमीन सहरुल्लाह गांव निवासी उपेंद्र पांडेय के साथ हुई थी। पति- पत्नी के बीच विवाद होने के बाद नन्हक की तहरीर पर हलधरपुर थाना में उपेंद्र पांडेय और उनके परिजनों के विरुद्ध प्रताड़ना और दहेज की मांग को लेकर रिपोर्ट दर्ज हुई। इस मामले में सुलह के लिए पत्रावली मध्यस्थता एवं सुलह समझौता केंद्र दीवानी कचहरी में भेजा गया। लेकिन पक्षकारों के बीच सुलह नहीं हो सकी। जिसके चलते पत्रावली विवेचना के लिए महिला थाने भेजी गई। महिला थाने में तैनात दीवान ने पक्षकारों से बात की। इसके बात पत्रावली पुन: समझौते के लिए मध्यस्थता केंद्र में भेजी गई। जहां मध्यस्थता केंद्र के सदस्य जेएन द्विवेदी और दीवान चंदा सिंह, अधिवक्ता विनोद कुमार सिंह के प्रयास से मामले में सुलह हो गई। उपेंद्र पांडेय ने पत्नी नीतू और बच्ची कोमल को भरण पोषण के लिए पांच-पांच लाख नगद दिए। इसके बाद मामला समाप्त कर दिया गया।
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मामले के अनुसार बलिया जिले के बासडीह थाना क्षेत्र के गोड़धपा गांव निवासी नन्हक तिवारी की लड़की नीतू की शादी हलधरपुर थाना क्षेत्र के जमीन सहरुल्लाह गांव निवासी उपेंद्र पांडेय के साथ हुई थी। पति- पत्नी के बीच विवाद होने के बाद नन्हक की तहरीर पर हलधरपुर थाना में उपेंद्र पांडेय और उनके परिजनों के विरुद्ध प्रताड़ना और दहेज की मांग को लेकर रिपोर्ट दर्ज हुई। इस मामले में सुलह के लिए पत्रावली मध्यस्थता एवं सुलह समझौता केंद्र दीवानी कचहरी में भेजा गया। लेकिन पक्षकारों के बीच सुलह नहीं हो सकी। जिसके चलते पत्रावली विवेचना के लिए महिला थाने भेजी गई। महिला थाने में तैनात दीवान ने पक्षकारों से बात की। इसके बात पत्रावली पुन: समझौते के लिए मध्यस्थता केंद्र में भेजी गई। जहां मध्यस्थता केंद्र के सदस्य जेएन द्विवेदी और दीवान चंदा सिंह, अधिवक्ता विनोद कुमार सिंह के प्रयास से मामले में सुलह हो गई। उपेंद्र पांडेय ने पत्नी नीतू और बच्ची कोमल को भरण पोषण के लिए पांच-पांच लाख नगद दिए। इसके बाद मामला समाप्त कर दिया गया।
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