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विधिक साक्षरता शिविर में अक्षम और अयोग्य लोगों को दी गई कानूनी जानकारी
Updated Sun, 16 Sep 2018 12:00 AM IST
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अक्षम व्यक्ति का भी होता है देश के विकास में योगदान
विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
मऊ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को जिला जज अजयश्री आहूजा के निर्देशन में सर्वोदय इंटर कॉलेज घोसी के पास विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इसमें उपस्थित लोगों को अक्षम और अयोग्य व्यक्तिओं के समान अवसर और उनके अधिकार तथा कर्तव्यों के बाबत जानकारी दी गई। इस दौरान प्राधिकरण के सचिव शिव कुमार ने कहा कि शरीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति का भी देश के विकास में योगदान होता है।
प्राधिकरण के सचिव शिवकुमार ने अक्षम और अयोग्य व्यक्तिओं को उनके समान अवसर और उनके अधिकार तथा कर्तव्यों के बावत जानकारी दी। कहा कि ऐसे व्यक्ति भी समाज और देश के विकास में अपना योगदान देते हैं। इनमें प्रशासन चलाने की भी क्षमता है। आवश्यकता है ऐसे लोगों के प्रति समाज का दृष्टिकोण बदलने की। उन्होंने हिंदी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारी मातृभाषा हिंदी है। अंत में लोगों का ज्यादा से ज्यादा हिंदी में काम करने की सलाह दिया। इस मौके पर तहसीलदार ओमप्रकाश सिंह, प्रधानाचार्य राणा प्रताप सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।
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विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
मऊ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को जिला जज अजयश्री आहूजा के निर्देशन में सर्वोदय इंटर कॉलेज घोसी के पास विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इसमें उपस्थित लोगों को अक्षम और अयोग्य व्यक्तिओं के समान अवसर और उनके अधिकार तथा कर्तव्यों के बाबत जानकारी दी गई। इस दौरान प्राधिकरण के सचिव शिव कुमार ने कहा कि शरीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति का भी देश के विकास में योगदान होता है।
प्राधिकरण के सचिव शिवकुमार ने अक्षम और अयोग्य व्यक्तिओं को उनके समान अवसर और उनके अधिकार तथा कर्तव्यों के बावत जानकारी दी। कहा कि ऐसे व्यक्ति भी समाज और देश के विकास में अपना योगदान देते हैं। इनमें प्रशासन चलाने की भी क्षमता है। आवश्यकता है ऐसे लोगों के प्रति समाज का दृष्टिकोण बदलने की। उन्होंने हिंदी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारी मातृभाषा हिंदी है। अंत में लोगों का ज्यादा से ज्यादा हिंदी में काम करने की सलाह दिया। इस मौके पर तहसीलदार ओमप्रकाश सिंह, प्रधानाचार्य राणा प्रताप सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।
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