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अब तक जमा हुए 900 करोड़ की पुरानी करेंसी
ब्यूरो/अमर उजाला,मऊ
Updated Thu, 08 Dec 2016 11:03 PM IST
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अंसारी रोड स्थित बैंक पर लगी उपभोक्ताओं की लाइन।
- फोटो : ब्यूरो
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केंद्र सरकार द्वारा हजार और पांच सौ रुपये के नोट बंद करने की घोषणा को एक माह पूरा हो चुका है। लेकिन करेंसी की समस्या से जनता अभी तक निजात नहीं पा सकी है। आरबीआई की फंडा चाहे जो हो लेकिन जिले में मौजूद यूूबीआई, एसबीआई और पंजाब नेशलन बैंक के चेस्टों से अब तक 78 शाखाओं को 295 करोड़ रुपया रिलीज किया जा चुका है। इसके विपरीत इतनी शाखाओं के जरिए इनके चेस्टों में 900 करोड़ 62 लाख रुपया जमा हो चुका है। पुरानी करेंसी अभी भी चेस्टों में डंप है। आरबीआई के आदेश के बाद ही इन्हें भेजा जाएगा।
बताते चले मऊ जिले में बैंकों की कुल 130 शाखाएं हैं। इनमें भारतीय स्टेट बैंक, पंजब नेशनल बैंक और यूनियन बैंक को मिला कर उनकी कुल 78 शाखाएं हैं। इसमें सबसे ज्यादा यूबीआई की 35 शाखा है। इस कारण इस बैंक को लीड बैंक का दर्जा दिया गया है। इसी क्रम में स्टेट बैंक की 15 और पंजब नेशनल बैंक की 28 शाखाएं रन करती है। इन बैंकों और उनकी शाखाओं को संचालित करने के लिए जिले में उनकी खुद की करेंसी चेस्ट है। जबकि शेष 52 बैंकों में एचडीएफसी, एक्सिस, कारपोरेशन, इलहाबाद बैंक, बैंक ऑफ बडौदा, बैंक ऑफ कामर्स, केनरा आदि बैंक और उनकी शाखाएं शामिल है। तीनों चेस्टों की पड़ताल करने पर पाया गया कि बुधवार तक पंजाब नेशनल बैंक के चेस्ट से आठ नवंबर के बाद से 85 करोड़ की करेंसी (100, 50, 20 और 2000) की शक्ल में रिलीज किए गए हैं। इसीक्रम में अब तक 241 करोड़ 62 लाख रूपये हजार और पांच सौ की शक्ल में जमा किए गए है।
इसमें हजार रूपये के नोट 95 करोड़ 17 लाख तथा पांच सौ के नोट 146 करोड़ 62 लाख शामिल है। चेस्ट प्रबंधक शिवनाथ की मानें तो जो भी रुपया रिलीज किया गया है, उसमें एक भी करेंसी आरबीआई से नहीं मिली है। इसीक्रम में भारतीय स्टेट बैंक के चेस्ट से 110 करोड़ करेंसी रिलीज की गई है। जबकि 159 करोड़ पुरानी करेंसी जमा की गई है। हालांकि एसबीआई को आरबीआई ने 20 करोड़ की करेंसी मुहैय्या कराई थी। इसीक्रम में यूूबीआई चेस्ट से अब तक 100 करोड़ रूपया रिलीज किया जा चुुुुका है। जिला अग्रणी बैंक के प्रबंधक बीडी महतो की मानें तो उनके चेस्ट में अब तक 300 करोड़ पुरानी करेंसी आ चुकी है। उन्होंने बताया कि संयुक्त क्षेत्रीय काशी गोमती बैंक की शाखाओं के जरिए 200 करोड़ की पुरानी करेंसी जमा की जा चुकी है। बोले सभी बैंकों को मिलाकर अब तक 100 सोएब मनीन का आर्डर भी प्राप्त हो चुका है। इसमें एसबीआई ने तो 40 मशीन डिलेवर कर दिया है। जबकि यूबीआई का मामला अभी प्रोसेस में है।
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बताते चले मऊ जिले में बैंकों की कुल 130 शाखाएं हैं। इनमें भारतीय स्टेट बैंक, पंजब नेशनल बैंक और यूनियन बैंक को मिला कर उनकी कुल 78 शाखाएं हैं। इसमें सबसे ज्यादा यूबीआई की 35 शाखा है। इस कारण इस बैंक को लीड बैंक का दर्जा दिया गया है। इसी क्रम में स्टेट बैंक की 15 और पंजब नेशनल बैंक की 28 शाखाएं रन करती है। इन बैंकों और उनकी शाखाओं को संचालित करने के लिए जिले में उनकी खुद की करेंसी चेस्ट है। जबकि शेष 52 बैंकों में एचडीएफसी, एक्सिस, कारपोरेशन, इलहाबाद बैंक, बैंक ऑफ बडौदा, बैंक ऑफ कामर्स, केनरा आदि बैंक और उनकी शाखाएं शामिल है। तीनों चेस्टों की पड़ताल करने पर पाया गया कि बुधवार तक पंजाब नेशनल बैंक के चेस्ट से आठ नवंबर के बाद से 85 करोड़ की करेंसी (100, 50, 20 और 2000) की शक्ल में रिलीज किए गए हैं। इसीक्रम में अब तक 241 करोड़ 62 लाख रूपये हजार और पांच सौ की शक्ल में जमा किए गए है।
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इसमें हजार रूपये के नोट 95 करोड़ 17 लाख तथा पांच सौ के नोट 146 करोड़ 62 लाख शामिल है। चेस्ट प्रबंधक शिवनाथ की मानें तो जो भी रुपया रिलीज किया गया है, उसमें एक भी करेंसी आरबीआई से नहीं मिली है। इसीक्रम में भारतीय स्टेट बैंक के चेस्ट से 110 करोड़ करेंसी रिलीज की गई है। जबकि 159 करोड़ पुरानी करेंसी जमा की गई है। हालांकि एसबीआई को आरबीआई ने 20 करोड़ की करेंसी मुहैय्या कराई थी। इसीक्रम में यूूबीआई चेस्ट से अब तक 100 करोड़ रूपया रिलीज किया जा चुुुुका है। जिला अग्रणी बैंक के प्रबंधक बीडी महतो की मानें तो उनके चेस्ट में अब तक 300 करोड़ पुरानी करेंसी आ चुकी है। उन्होंने बताया कि संयुक्त क्षेत्रीय काशी गोमती बैंक की शाखाओं के जरिए 200 करोड़ की पुरानी करेंसी जमा की जा चुकी है। बोले सभी बैंकों को मिलाकर अब तक 100 सोएब मनीन का आर्डर भी प्राप्त हो चुका है। इसमें एसबीआई ने तो 40 मशीन डिलेवर कर दिया है। जबकि यूबीआई का मामला अभी प्रोसेस में है।
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