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कागजों पर हो गई 80 हजार के डस्टबिन की खरीद
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मऊ/कोपागंज। कोपागंज ब्लॉक के नौसेमर गांव में विकास कार्यों के नाम पर भारी रकम खाते से निकाल ली गई है। डस्टबिन के नाम पर 80 हजार का भुगतान, पांच पोखरों की खोदाई के नाम पर भी रकम निकाली। हालांकि एक भी पोखरे की खोदाई नहीं हुई और डस्टबिन की खरीद भी कागज पर ही है। गांव के दो लोगों ने डीएम से शिकायत की। डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ ने जांच समिति गठित की। जिसमें अनियमितता के आरोपी सेक्रेटरी को भी शामिल किया गया है। गांव के बृज बिहारी और रमेश ने तीन अगस्त को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि पोखरी के गाटा संख्या 230, 300,395 और 562 पर बिना खोदाई कराये रकम निकाली गई है। धरमू के खेत से पतिराम के खेत तक मिट्टी कार्य और पौधरोपण दिखाकर एक लाख 97 हजार छह रुपये, राम प्यारे के घर से चंद्रशेखर के घर तक चकबंधा कार्य पर एक लाख 23 हजार 420 रुपये,नरेंद्र के नलकूप से चकबंधा तक 93 हजार चौबीस रुपये,छह अगस्त 2022 को एक लाख 39 हजार 787 रुपये, प्रशासनिक कार्य के नाम पर 30 हजार रुपयों का फर्जी तरीके से भुगतान लिया गया है।
गांव में स्ट्रीट लाइट के नाम पर क्रमश: 22 जून 2022 को एक लाख 93 हजार 548 रुपये और दो जुलाई 2022 को तीन लाख 87 हजार सत्तानबे रुपयों का भुगतान लिया गया है। इसी तरह स्कूल सामग्री के नाम पर छह जनवरी 2022 को एक लाख 74 हजार 905 रुपये,30 जनवरी को एक लाख 67 हजार 202 रुपये,17 मई को 45 हजार 686 रुपयों और 25 जून को एक लाख 49 हजार रुपयों का भुगतान लिया गया है। बृज बिहारी और रमेश का आरोप है कि गांव में पूर्व प्रधान के कार्यकाल में खरीदे गए दो डस्टबिन मंदिर पर रखे गए हैं। गांव में केवल 25 स्ट्रीट लाइट लगाई गई थीं जिनमें दो को छोड़कर सब खराब हैं। पांच पोखरों में एक की भी खुदाई नहीं कराई गई है। डीपीआरओ अभिषेक शुक्ल ने बताया कि बीडीओ कोपागंज को जांच के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने पर दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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गांव में स्ट्रीट लाइट के नाम पर क्रमश: 22 जून 2022 को एक लाख 93 हजार 548 रुपये और दो जुलाई 2022 को तीन लाख 87 हजार सत्तानबे रुपयों का भुगतान लिया गया है। इसी तरह स्कूल सामग्री के नाम पर छह जनवरी 2022 को एक लाख 74 हजार 905 रुपये,30 जनवरी को एक लाख 67 हजार 202 रुपये,17 मई को 45 हजार 686 रुपयों और 25 जून को एक लाख 49 हजार रुपयों का भुगतान लिया गया है। बृज बिहारी और रमेश का आरोप है कि गांव में पूर्व प्रधान के कार्यकाल में खरीदे गए दो डस्टबिन मंदिर पर रखे गए हैं। गांव में केवल 25 स्ट्रीट लाइट लगाई गई थीं जिनमें दो को छोड़कर सब खराब हैं। पांच पोखरों में एक की भी खुदाई नहीं कराई गई है। डीपीआरओ अभिषेक शुक्ल ने बताया कि बीडीओ कोपागंज को जांच के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने पर दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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