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Mau News: रोशनदान तोड़कर 8 अपचारी फरार, 15 घंटे में छह को वापस भेजा बाल संप्रेक्षण गृह
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राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) से शनिवार की शाम रोशनदान तोड़कर आठ अपचारी फरार हो गए। कुछ देर बाद जब इसकी जानकारी बाल संप्रेक्षण गृह के कर्मचारियों को हुई तो उन्होंने इसकी सूचना प्रशासन के साथ पुलिस अधिकारियों को दी। इस मामले में तीन टीमें गठित कर पुलिस ने जहां 15 घंटे के भीतर छह अपचारियों को वापस बाल संप्रेक्षण गृह में लाया तो वहीं दो अपचारी अब भी फरार चल रहे हैं।
इस मामले में रविवार को सिटी मजिस्ट्रेट बृजेंद्र कुमार ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। साथ ही इस घटना के बाबत शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया गया। जानकारी के अनुसार शनिवार की शाम चार बजे किचिन के रोशनदान टूटा हुआ मिला था। आठ अपचारियों ने इसमें लगे एग्जास्ट को हटाकर इसमें से फरार हो गए थे। संप्रेक्षण गृह से फरार होने वाले किशोर बंदियों में 1 सुल्तानपुर जिले का, 3 आजमगढ़ जिले तो जबकि चार मऊ जिले के रहने वाले हैं। इसकी जानकारी होते ही संप्रेक्षण गृह के कर्मियाें में हड़कंप मच गया। वहीं, संप्रेक्षण गृह के अधिकारियों की इतनी बड़ी लापरवाही के संज्ञान में आते ही पुलिस प्रशासन द्वारा पुलिस की तीन टीमें गठित की गईं। जिनके द्वारा शनिवार की रात में ही मऊ सहित आजमगढ़ व सुल्तानपुर जिलों में रात भर किशोर बंदियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई का परिणाम यह रहा कि पुलिस की इन टीमों ने पंद्रह घंटे के भीतर फरार हुए छह अपचारियों को पकड़कर वापस बाल संप्रेक्षण गृह में बंद कराया। वहीं अब भी सुल्तानपुर और आजमगढ़ जिले के दो अपचारी फरार चल रहे हैं। उधर, इस मामले में बाल संप्रेक्षण गृह के प्रभारी गिरीशचंद्र पांडेय की तहरीर पर फरार आठों आरोपितों के विरुद्ध शहर कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है।
वहीं इस मामले में सीओ सिटी अंजनी कुमार पांडेय ने बताया के शनिवार की रात में ही तीन टीमों का गठन कर उन्हें तीनों जिलों में फरार बंदियों की तलाशी में लगा दिया गया। फरार हुए चार आरोपित पॉक्सो एवं चार चोरी सहित अन्य छिटपुट अपराध के आरोप में न्यायालय से संप्रेक्षण गृह में निरुद्ध किए गए हैं। इसमें छह अपचारी को पुलिस ने दुबारा बाल संप्रेक्षण गृह में सुपुर्द कर दिया है।
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सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपी गई प्रकरण की जांच
इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए सिटी मजिस्ट्रेट ब्रजेंद्र कुमार को जांच अधिकारी नामित किया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि वह इस प्रकरण में रविवार को खुद बाल संप्रेक्षण गृह पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल की। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि उन्होंने मामले की जांच की, फरार आठ में से छह अपचारी को ट्रेस कर लिया गया है। बताया कि इस लापरवाही में संप्रेक्षण गृह के कर्मचारियों की संलिप्तता की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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इस मामले में रविवार को सिटी मजिस्ट्रेट बृजेंद्र कुमार ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। साथ ही इस घटना के बाबत शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया गया। जानकारी के अनुसार शनिवार की शाम चार बजे किचिन के रोशनदान टूटा हुआ मिला था। आठ अपचारियों ने इसमें लगे एग्जास्ट को हटाकर इसमें से फरार हो गए थे। संप्रेक्षण गृह से फरार होने वाले किशोर बंदियों में 1 सुल्तानपुर जिले का, 3 आजमगढ़ जिले तो जबकि चार मऊ जिले के रहने वाले हैं। इसकी जानकारी होते ही संप्रेक्षण गृह के कर्मियाें में हड़कंप मच गया। वहीं, संप्रेक्षण गृह के अधिकारियों की इतनी बड़ी लापरवाही के संज्ञान में आते ही पुलिस प्रशासन द्वारा पुलिस की तीन टीमें गठित की गईं। जिनके द्वारा शनिवार की रात में ही मऊ सहित आजमगढ़ व सुल्तानपुर जिलों में रात भर किशोर बंदियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई का परिणाम यह रहा कि पुलिस की इन टीमों ने पंद्रह घंटे के भीतर फरार हुए छह अपचारियों को पकड़कर वापस बाल संप्रेक्षण गृह में बंद कराया। वहीं अब भी सुल्तानपुर और आजमगढ़ जिले के दो अपचारी फरार चल रहे हैं। उधर, इस मामले में बाल संप्रेक्षण गृह के प्रभारी गिरीशचंद्र पांडेय की तहरीर पर फरार आठों आरोपितों के विरुद्ध शहर कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है।
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वहीं इस मामले में सीओ सिटी अंजनी कुमार पांडेय ने बताया के शनिवार की रात में ही तीन टीमों का गठन कर उन्हें तीनों जिलों में फरार बंदियों की तलाशी में लगा दिया गया। फरार हुए चार आरोपित पॉक्सो एवं चार चोरी सहित अन्य छिटपुट अपराध के आरोप में न्यायालय से संप्रेक्षण गृह में निरुद्ध किए गए हैं। इसमें छह अपचारी को पुलिस ने दुबारा बाल संप्रेक्षण गृह में सुपुर्द कर दिया है।
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सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपी गई प्रकरण की जांच
इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए सिटी मजिस्ट्रेट ब्रजेंद्र कुमार को जांच अधिकारी नामित किया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि वह इस प्रकरण में रविवार को खुद बाल संप्रेक्षण गृह पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल की। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि उन्होंने मामले की जांच की, फरार आठ में से छह अपचारी को ट्रेस कर लिया गया है। बताया कि इस लापरवाही में संप्रेक्षण गृह के कर्मचारियों की संलिप्तता की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।