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गांवों में तीन सालों में हुए कार्यो का भौतिक सत्यापन करेगी टीम
Updated Wed, 28 Nov 2018 10:35 PM IST
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तहसील के दोहरीघाट और फतहपुर मंडाव ब्लाक के 17 ग्राम प्रधानों द्वारा किस किस मद से गांव में कौन सा विकास कार्य कराया गया। इसका सत्यापन एसडीएम स्तर से गठित तीन सदस्यीय टीम गांवों में जाकर भौतिक सत्यापन करेगी। जांच में खामी मिलने पर टीम ने एसडीएम को रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। जहां एसडीएम स्तर से कार्यवाही की जाएगी।
एसडीएम निरंकार सिंह ने दोहरीघाट और फतहपुर मंडाव ब्लाक के 17 गांवों में 2015 से 2018 वर्ष के बीच संपर्क मार्ग, पेयजल , आवास योजना ,पात्र गृहस्थी , मनरेगा , विधवा , वृद्धा पेंशन जैसे क्रियांवतरित विकास कार्यो का समीक्षा के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई। इसमें फतहपुर मंडाव बीडीओ सुबेदिता सिंह, दोहरीघाट बीडीओ देव कुमार चतुर्वेदी और पीडब्लूडी अवर अभियंता को जांच कमेटी का सदस्य बनाया गया है। एसडीएम निरंकार सिंह ने गठित टीम की जानकारी देते हुए बताया कि जांच टीम द्वारा अगर किसी गांव में विकास कार्यो में अनियमितता या भ्रष्टाचार साबित होने पर उतनी राशि की रिकवरी संबंधित ग्राम प्रधान से की जाएगी। साथ ही ग्राम प्रधान और सचिव पर एफआईआर दर्ज कराया जाएगा।
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एसडीएम निरंकार सिंह ने दोहरीघाट और फतहपुर मंडाव ब्लाक के 17 गांवों में 2015 से 2018 वर्ष के बीच संपर्क मार्ग, पेयजल , आवास योजना ,पात्र गृहस्थी , मनरेगा , विधवा , वृद्धा पेंशन जैसे क्रियांवतरित विकास कार्यो का समीक्षा के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई। इसमें फतहपुर मंडाव बीडीओ सुबेदिता सिंह, दोहरीघाट बीडीओ देव कुमार चतुर्वेदी और पीडब्लूडी अवर अभियंता को जांच कमेटी का सदस्य बनाया गया है। एसडीएम निरंकार सिंह ने गठित टीम की जानकारी देते हुए बताया कि जांच टीम द्वारा अगर किसी गांव में विकास कार्यो में अनियमितता या भ्रष्टाचार साबित होने पर उतनी राशि की रिकवरी संबंधित ग्राम प्रधान से की जाएगी। साथ ही ग्राम प्रधान और सचिव पर एफआईआर दर्ज कराया जाएगा।
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