{"_id":"5b28047e4f1c1b6a4d8b7452","slug":"61529349246-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिंचाई के अभाव में सूख रही धान की नर्सरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिंचाई के अभाव में सूख रही धान की नर्सरी
Updated Tue, 19 Jun 2018 12:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जून माह बीतने को है लेकिन अभी तक दोहरीघाट पंप कैनाल से संबद्ध पवनी माइनर में पानी नहीं छोड़ा जा सका है। माइनर में पानी आ भी रहा है तो तली में रह जा रहा है। सिंचाई के अभाव में धान की डाली गई नर्सरी सूख रही है। किसान तो धान की नर्सरी डालना तो दूर खेत की तैयारी तक नहीं कर पाए हैं। जिन लोगों ने निजी संसाधन से नर्सरी डाली भी है तो सिंचाई के अभाव में सूख रही है। शिकायत के बाद भी अधिकारी मौन हैं।
दोहरीघाट पंप कैनाल से संबद्ध पवनी माइनर से खैरा मुहम्मदपुर, चिउंटापुर, अतड़िया सहित दर्जनों गांवों की हजारों एकड़ उपजाऊं भूमि की सिंचाई की जाती है। अगेती धान की नर्सरी डालने का समय मई के दूसरे सप्ताह से ही शुरू हो जाता है, लेकिन जून माह बीतने को है लेकिन अभी तक पवनी माइनर में किसानों की जरूरत के मुताबिक पानी नहीं छोड़ा जा सका है। मुख्य नहर से पानी छोड़ा भी जा रहा है तो माइनर की तली में ही रह जा रहा है। भूगर्भ जलस्तर खिसकने के चलते नलकूपों ने किसानो का साथ छोड़ दिया है। इसके चलते धान की नर्सरी के साथ ही चारे की फसल, सब्जी की फसल, गन्ना, सब्जी की फसल सूख रही है।
क्षेत्र के किसान हरिशंकर राय, अभिषेक यादव, अरविंद राय आचार्य, राकेश गुप्ता, रमेश प्रसाद, प्रदीप यादव का कहना है कि धान की नर्सरी डालने का समय चल रहा है। लेकिन माइनर में पानी न छोड़े जाने से खेत की तैयारी नहीं हो पाई है। किसी तरह से निजी संसाधनों से डाली गई नर्सरी तेज धूप के चलते सूख रही है। निजी नलकूप भी शो पीस बनकर रह गए हैं। माइनर में जरूरत के मुताबिक पानी नहीं छोड़ा गया तो आंदोलन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
दोहरीघाट पंप कैनाल से संबद्ध पवनी माइनर से खैरा मुहम्मदपुर, चिउंटापुर, अतड़िया सहित दर्जनों गांवों की हजारों एकड़ उपजाऊं भूमि की सिंचाई की जाती है। अगेती धान की नर्सरी डालने का समय मई के दूसरे सप्ताह से ही शुरू हो जाता है, लेकिन जून माह बीतने को है लेकिन अभी तक पवनी माइनर में किसानों की जरूरत के मुताबिक पानी नहीं छोड़ा जा सका है। मुख्य नहर से पानी छोड़ा भी जा रहा है तो माइनर की तली में ही रह जा रहा है। भूगर्भ जलस्तर खिसकने के चलते नलकूपों ने किसानो का साथ छोड़ दिया है। इसके चलते धान की नर्सरी के साथ ही चारे की फसल, सब्जी की फसल, गन्ना, सब्जी की फसल सूख रही है।
विज्ञापन
क्षेत्र के किसान हरिशंकर राय, अभिषेक यादव, अरविंद राय आचार्य, राकेश गुप्ता, रमेश प्रसाद, प्रदीप यादव का कहना है कि धान की नर्सरी डालने का समय चल रहा है। लेकिन माइनर में पानी न छोड़े जाने से खेत की तैयारी नहीं हो पाई है। किसी तरह से निजी संसाधनों से डाली गई नर्सरी तेज धूप के चलते सूख रही है। निजी नलकूप भी शो पीस बनकर रह गए हैं। माइनर में जरूरत के मुताबिक पानी नहीं छोड़ा गया तो आंदोलन किया जाएगा।
विज्ञापन