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नहर में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर डीएम को सौंपा ज्ञापन
Updated Mon, 08 Oct 2018 10:36 PM IST
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कुशाडीह नहर में पानी छोड़ने की मांग को लेकर रतनपुरा ब्लाक के बिलासपुर विभौली गांव के किसानों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने डीएम से कहा कि नहर में पानी न आने से धान की फसल सूख रही है।
ज्ञापन में किसानों ने कहा है कि इस साल बारिश कम होने के कारण धान की फसल पानी के अभाव में सूखने के कगार पर पहुंच गई है। गांव के लोग नहर में पानी न होने के कारण सिंचाई विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों से बार-बार आग्रह करने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। जिलाधिकारी ने पांच अक्टूबर से कुशाडीह नहर में पानी छोड़वाने का आश्वासन दिया था। लेकिन डीएम के आदेश का अनुपालन भी नहीं किया गया। किसानों की शिकायत है कि नहर में दो सालों से कभी भी भरपूर पानी नहीं छोड़ा गया है। वर्तमान में बारिश न होने और अघोषित बिजली कटौती के चलते धान की फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में खेतों में सिंचाई का एकमात्र संसाधन नहर है। लेकिन इसमें भी पानी नहीं छोड़े जाने से खेतों में लगी फसल सूखने के कगार पर पहुंच चुकी है। किसानों ने जिलाधिकारी से अविलंब नहर में पानी छोड़े जाने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में हरींद्र चौबे, विनय कुमार पांडेय, अंतू, अमर जीत यादव ,श्रीभगवान पांडेय, नरेश, रानू, राजेंद्र, घूरा, श्याम बिहारी मौर्य, राजू आदि किसान मौजूद रहे।
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ज्ञापन में किसानों ने कहा है कि इस साल बारिश कम होने के कारण धान की फसल पानी के अभाव में सूखने के कगार पर पहुंच गई है। गांव के लोग नहर में पानी न होने के कारण सिंचाई विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों से बार-बार आग्रह करने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। जिलाधिकारी ने पांच अक्टूबर से कुशाडीह नहर में पानी छोड़वाने का आश्वासन दिया था। लेकिन डीएम के आदेश का अनुपालन भी नहीं किया गया। किसानों की शिकायत है कि नहर में दो सालों से कभी भी भरपूर पानी नहीं छोड़ा गया है। वर्तमान में बारिश न होने और अघोषित बिजली कटौती के चलते धान की फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में खेतों में सिंचाई का एकमात्र संसाधन नहर है। लेकिन इसमें भी पानी नहीं छोड़े जाने से खेतों में लगी फसल सूखने के कगार पर पहुंच चुकी है। किसानों ने जिलाधिकारी से अविलंब नहर में पानी छोड़े जाने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में हरींद्र चौबे, विनय कुमार पांडेय, अंतू, अमर जीत यादव ,श्रीभगवान पांडेय, नरेश, रानू, राजेंद्र, घूरा, श्याम बिहारी मौर्य, राजू आदि किसान मौजूद रहे।
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