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बेसलाइन सूची में नाम न होने से परेशान हैं लोग
Updated Sun, 07 Oct 2018 12:28 AM IST
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दुबारी। स्थानीय गांव के कई पुरवों के लोगों का नाम बेसलाइन सर्वे की सूची में शामिल नहीं किया जा सका है। इसके चलते लोग शौचालय का निर्माण नहीं करा पा रहे हैं। परेशान ग्रामीणों ने आला अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया जा सका है।
दुबारी गांव में टमठा, बइरकंटा, कौड़ीपुर, हरिलाल का पुरा, सुन्नर का पुरा पुरवे में काफी संख्या में पात्र लाभार्थियों का नाम बेसलाइन सूची में नहीं है। बजट के अभाव में शौचालय का निर्माण नहीं करा पा रहे हैं। पात्र लाभार्थी ब्लॉक कार्यालय का चक्कर लगाने को विवश हैं। स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत खुले में शौच से मुक्ति के लिए प्रशासन की तरफ से शौचालय निर्माण कराने पर जोर दिया जा रहा है। विभागीय अभिलेेखों में वर्ष 2011 की बेसलाइन सर्वे सूची के अनुसार ही पात्र लाभार्थियों को शौचालय निर्माण के लिए धन दिया जाना है। 1306 लाभार्थियों को शामिल किया गया है। 900 लाभार्थियों के खाते में धन जारी कर दिया है। लगभग 406 पात्रों को चिह्नित करके चेक जारी करने की कवायद चल रही है। इस संबंध में वीरेंद्र, बेचू, फतेहबहादुर, श्रीकांत, चंद्रमा, धर्मदेव यादव, सिंहासन, पतिराज, रामसरीख, श्रीकांत, रामदेव, शकलदेव, बदन, लालजी, सुबाष का कहना है कि पात्र होने के बाद भी सूची से नाम गायब है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत योजना में नाम शामिल किया जाए। इस बाबत ग्राम प्रधान रंजना सिंह का कहना है कि सर्वे प्रक्रिया चल रही है। छूटे हुए लाभार्थियों का नाम शामिल किया जाएगा।
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दुबारी गांव में टमठा, बइरकंटा, कौड़ीपुर, हरिलाल का पुरा, सुन्नर का पुरा पुरवे में काफी संख्या में पात्र लाभार्थियों का नाम बेसलाइन सूची में नहीं है। बजट के अभाव में शौचालय का निर्माण नहीं करा पा रहे हैं। पात्र लाभार्थी ब्लॉक कार्यालय का चक्कर लगाने को विवश हैं। स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत खुले में शौच से मुक्ति के लिए प्रशासन की तरफ से शौचालय निर्माण कराने पर जोर दिया जा रहा है। विभागीय अभिलेेखों में वर्ष 2011 की बेसलाइन सर्वे सूची के अनुसार ही पात्र लाभार्थियों को शौचालय निर्माण के लिए धन दिया जाना है। 1306 लाभार्थियों को शामिल किया गया है। 900 लाभार्थियों के खाते में धन जारी कर दिया है। लगभग 406 पात्रों को चिह्नित करके चेक जारी करने की कवायद चल रही है। इस संबंध में वीरेंद्र, बेचू, फतेहबहादुर, श्रीकांत, चंद्रमा, धर्मदेव यादव, सिंहासन, पतिराज, रामसरीख, श्रीकांत, रामदेव, शकलदेव, बदन, लालजी, सुबाष का कहना है कि पात्र होने के बाद भी सूची से नाम गायब है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत योजना में नाम शामिल किया जाए। इस बाबत ग्राम प्रधान रंजना सिंह का कहना है कि सर्वे प्रक्रिया चल रही है। छूटे हुए लाभार्थियों का नाम शामिल किया जाएगा।
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