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Mau News: जिले की परिषदीय स्कूलों में दो वर्षों में घट गए 35168 बच्चे
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मऊ। सरकार की ओर से निजी स्कूलों की तरह जिले के परिषदीय स्कूलों में अत्याधुनिक सुविधाएं बहाल करने के बाद भी हर साल बच्चों का नामांकन कम हो रहा है। दो सालों में 35168 बच्चों का नामांकन घट गया। शिक्षा सत्र 2024-25 के 109 दिन बीत गए अभी तक एक लाख 26 हजार 343 बच्चों का नामांकन हो पाया है।
2023-24 में एक लाख 53 हजार 912 बच्चों का नामांकन हुआ था। वहीं वर्ष 2022-23 में 161511 बच्चों का नामांकन हुआ था। हालांकि वर्तमान सत्र में सितंबर एडमिशन प्रक्रिया चलेगी। आला अधिकारी कई तकनीकी पेच आने की बात कहकर मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं। जिले में 1208 परिषदीय स्कूल हैं। शासन स्तर से स्कूलों में ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से सुविधाएं बहाल की जा रही हैं। शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। उनकी उपस्थिति की जांच के लिए हर दिन ऑनलाइन निगरानी की जा रही है। बावजूद अभिभावक बच्चों को परिषदीय स्कूलों में न भेजकर निजी स्कूलों को प्राथमिकता दे रहे हैं। अधिकारियों की मानें तो नामांकन घटने में कई कारण हैं। पहला कारण 2023-24 से आधार अनिवार्य हो जाने तथा विद्यालयों में एडमिशन लेने वाले बच्चों की यूनिक आईडी जारी की गई है। बच्चा सरकारी तथा निजी विद्यालयों में से किसी एक में ही दाखिला ले सकता है। दूसरा कारण इस वर्ष पहली कक्षा में छह वर्ष के बच्चों का नामांकन किया जाना है। जबकि पहले पांच वर्ष का नियम था। इसके चलते बच्चे निजी स्कूल की तरफ रुख कर ले रहे हैं।
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कोट
पहली कक्षा में छह वर्ष के बच्चों का ही नामांकन होने से नामांकन पर असर पड़ रहा है। 30 सितंबर तक एडमिशन प्रक्रिया चलेगी। बच्चों का शत प्रतिशत नामांकन कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया गया है।
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आलोक कुमार सिंह, जिला समन्वयक
126343
समग्र शिक्षा, बेसिक शिक्षा विभाग
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2023-24 में एक लाख 53 हजार 912 बच्चों का नामांकन हुआ था। वहीं वर्ष 2022-23 में 161511 बच्चों का नामांकन हुआ था। हालांकि वर्तमान सत्र में सितंबर एडमिशन प्रक्रिया चलेगी। आला अधिकारी कई तकनीकी पेच आने की बात कहकर मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं। जिले में 1208 परिषदीय स्कूल हैं। शासन स्तर से स्कूलों में ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से सुविधाएं बहाल की जा रही हैं। शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। उनकी उपस्थिति की जांच के लिए हर दिन ऑनलाइन निगरानी की जा रही है। बावजूद अभिभावक बच्चों को परिषदीय स्कूलों में न भेजकर निजी स्कूलों को प्राथमिकता दे रहे हैं। अधिकारियों की मानें तो नामांकन घटने में कई कारण हैं। पहला कारण 2023-24 से आधार अनिवार्य हो जाने तथा विद्यालयों में एडमिशन लेने वाले बच्चों की यूनिक आईडी जारी की गई है। बच्चा सरकारी तथा निजी विद्यालयों में से किसी एक में ही दाखिला ले सकता है। दूसरा कारण इस वर्ष पहली कक्षा में छह वर्ष के बच्चों का नामांकन किया जाना है। जबकि पहले पांच वर्ष का नियम था। इसके चलते बच्चे निजी स्कूल की तरफ रुख कर ले रहे हैं।
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कोट
पहली कक्षा में छह वर्ष के बच्चों का ही नामांकन होने से नामांकन पर असर पड़ रहा है। 30 सितंबर तक एडमिशन प्रक्रिया चलेगी। बच्चों का शत प्रतिशत नामांकन कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया गया है।
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आलोक कुमार सिंह, जिला समन्वयक
126343
समग्र शिक्षा, बेसिक शिक्षा विभाग