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खसरा रूबेला के प्रति किया जागरूक
Updated Wed, 31 Oct 2018 11:53 PM IST
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26 नवंबर से शुरू होने वाले खसरा और रूबेला अभियान को सफल बनाने के लिए मुहम्मदाबाद गोहना तहसील क्षेत्र में तैयारियां चल रही हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में खसरा और रूबेला अभियान के तहत बच्चों के एमआर टीकाकरण के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर प्रभारी डॉ. एपी सिंह ने बच्चों को खसरा और रूबेला से बचाने वाले टीका के बारे में संबंधित कर्मचारियों को अवगत कराया। साथ ही घर घर जाकर लोगों को इस नए टीके के बारे में जानकारी देने को कहा। डॉ. एपी सिंह ने बताया कि इस अभियान में 9 माह से 15 वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण होना है। इसके लिए सरकारी और गैर सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय के साथ इंटर कॉलेज, मदरसा आदि को चयनित करना है। इन स्कूलों के तहत बच्चों को लाभ पहुंचाया जा सकता है। डॉ. एपी सिंह ने बताया कि खसरा एक जानलेवा बीमारी है। यह वायरस से फैलता है, खसरा के शिकार बच्चों में विकलांगता आ सकती है। भारत में प्रतिवर्ष 49200 बच्चों की मौत खसरा से होती है। इसीक्रम में रूबेला में बुखार, मिचली आंखों में लालपन आदि के लक्षण होते है। इस अवसर पर रामकुंवर यादव, डॉ रत्नाकर, डॉ रंजू मौर्या, सर्वेश कुमार सिंह, एआरओ एके राय, संजय मिश्रा आदि लोग उपस्थित रहें।
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इस अवसर पर प्रभारी डॉ. एपी सिंह ने बच्चों को खसरा और रूबेला से बचाने वाले टीका के बारे में संबंधित कर्मचारियों को अवगत कराया। साथ ही घर घर जाकर लोगों को इस नए टीके के बारे में जानकारी देने को कहा। डॉ. एपी सिंह ने बताया कि इस अभियान में 9 माह से 15 वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण होना है। इसके लिए सरकारी और गैर सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय के साथ इंटर कॉलेज, मदरसा आदि को चयनित करना है। इन स्कूलों के तहत बच्चों को लाभ पहुंचाया जा सकता है। डॉ. एपी सिंह ने बताया कि खसरा एक जानलेवा बीमारी है। यह वायरस से फैलता है, खसरा के शिकार बच्चों में विकलांगता आ सकती है। भारत में प्रतिवर्ष 49200 बच्चों की मौत खसरा से होती है। इसीक्रम में रूबेला में बुखार, मिचली आंखों में लालपन आदि के लक्षण होते है। इस अवसर पर रामकुंवर यादव, डॉ रत्नाकर, डॉ रंजू मौर्या, सर्वेश कुमार सिंह, एआरओ एके राय, संजय मिश्रा आदि लोग उपस्थित रहें।
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