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अब परिषदीय विद्यालयों के बच्चे बोलेंगे गुडमार्निंग
Updated Wed, 24 Jan 2018 12:12 AM IST
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नए शिक्षा सत्र से अब परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चे भी कान्वेंट स्कूलों के बच्चों की तरह ही एस सर, नो सर, गुड मार्निंग बोलेंगे। जिले के प्रत्येक ब्लॉक में पांच-पांच परिषदीय विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई होगी। शासन की इस नई योजना के तहत स्कूलों के चयन के लिए चार सदस्यीय टीम भी बना दी गई है। चयन टीम द्वारा छात्र संख्या और शिक्षण व्यवस्था के आधार पर स्कूलों का चयन किया जाएगा। इन स्कूलों में पढ़ाने के इच्छुक शिक्षकों को डायट में प्रशिक्षित भी किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग को अब तक 50 विद्यालयों का प्रस्ताव मिल चुका है।
सरकार की तरफ से परिषदीय विद्यालयों को निजी विद्यालयों के समकक्ष खड़ा करने की कवायद तेज हो गई है। जिले के प्रत्येक ब्लॉकों में पांच-पांच यानि 50 परिषदीय विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई होगी। छात्र संख्या और स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था के तहत चयन किया जाएगा। स्कूलों के चयन के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, डायट प्राचार्य, अंग्रेजी विषय के विशेषज्ञ और राजकीय बालिका इंटर कालेज के अंग्रेजी विषय के प्रवक्ता टीम में शामिल किए गए हैं। गठित टीम हर ब्लॉक के स्कूलों का सर्वे करेगी। जिस स्कूल में छात्र संख्या और शैक्षणिक व्यवस्था बेहतर होगी उसकी सूची तैयार की जाएगी। इनमें से जिन स्कूलों का बेहतर परिणाम होगा उनमें इंग्लिश मीडियम से पढ़ाई कराई जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्र में बने इंग्लिश मीडियम के स्कूलों में और शहरी स्कूलों में शहर के शिक्षकों को तैनात किया जाएगा। विभाग को अब तक 50 विद्यालयों का प्रस्ताव मिल चुका है। इस बाबत प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार गौतम का कहना है कि इस मामले मेें प्रक्रिया चल रही है। एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए शिक्षा सत्र से प्रत्येक ब्लॉक के पांच-पांच परिषदीय विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी।
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सरकार की तरफ से परिषदीय विद्यालयों को निजी विद्यालयों के समकक्ष खड़ा करने की कवायद तेज हो गई है। जिले के प्रत्येक ब्लॉकों में पांच-पांच यानि 50 परिषदीय विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई होगी। छात्र संख्या और स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था के तहत चयन किया जाएगा। स्कूलों के चयन के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, डायट प्राचार्य, अंग्रेजी विषय के विशेषज्ञ और राजकीय बालिका इंटर कालेज के अंग्रेजी विषय के प्रवक्ता टीम में शामिल किए गए हैं। गठित टीम हर ब्लॉक के स्कूलों का सर्वे करेगी। जिस स्कूल में छात्र संख्या और शैक्षणिक व्यवस्था बेहतर होगी उसकी सूची तैयार की जाएगी। इनमें से जिन स्कूलों का बेहतर परिणाम होगा उनमें इंग्लिश मीडियम से पढ़ाई कराई जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्र में बने इंग्लिश मीडियम के स्कूलों में और शहरी स्कूलों में शहर के शिक्षकों को तैनात किया जाएगा। विभाग को अब तक 50 विद्यालयों का प्रस्ताव मिल चुका है। इस बाबत प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार गौतम का कहना है कि इस मामले मेें प्रक्रिया चल रही है। एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए शिक्षा सत्र से प्रत्येक ब्लॉक के पांच-पांच परिषदीय विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी।
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