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ज्ञान का मार्ग प्रशस्त करती हैं पुस्तकें
Updated Thu, 10 May 2018 11:24 PM IST
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मऊ। नगर के कंधेरी स्थित केंद्रीय विद्यालय के पुस्तकालयकक्ष में पुस्तक उपहार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें पूर्ववर्ती कक्षा के विद्यार्थियाें ने अपने बाद की कक्षा के विद्यार्थियों को पुस्तकें उपहार में दीं। प्रधानाचार्य ने कहा कि पुस्तक ही ज्ञान का मार्ग प्रशस्त करती हैं।
गुुरुवार को विद्यालया में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्राचार्य बी राम ने कहा कि वर्तमान समय की एक ज्वलंतसमस्या है पर्यावरण अस्थिरता। इस अस्थिरता के कारणों में से एक कारण वनों का कटना है। केंद्रीय विद्यालय संगठन इस पर गंभीर है और इसी दिशा में पहल की शुरुआत की है। जिसमें पुस्तकों के पुन: उपयोग पर बल दिया जा रहा है। पूर्ववर्ती कक्षाओं के विद्यार्थी अपने बाद की कक्षा के विद्यार्थियों को पुस्तक उपहार देतें हैं। ताकि पुस्तकों का पुन: उपयोग हो सके और कागज की बचत हो। इससे पेड़ों का संरक्षण हो सकेगा। यह पुस्तकों का उपहार विद्यार्थी स्वेच्छा से करतें हैं। इस कार्य से निर्धन विद्यार्थियों की मदद भी होती है। कहा कि पुस्तक दान महादान है। क्योंकि पुस्तक ही ज्ञान का मार्ग प्रशस्त करती है। यह आने वाले समय के लिए एक अनूठा उदाहरण होगा कि अभिभावक अपने किसी भी किसी भी प्रिय या स्वजन को कुछ भेंट करना चाहतें हैं तो उपहार स्वरुप पुस्तक भेंट करें। इस अवसर पर मुख्य अध्यापक बी प्रसाद और पुस्तकालय प्रभारी एमएस यादव मौजूद रहे।
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गुुरुवार को विद्यालया में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्राचार्य बी राम ने कहा कि वर्तमान समय की एक ज्वलंतसमस्या है पर्यावरण अस्थिरता। इस अस्थिरता के कारणों में से एक कारण वनों का कटना है। केंद्रीय विद्यालय संगठन इस पर गंभीर है और इसी दिशा में पहल की शुरुआत की है। जिसमें पुस्तकों के पुन: उपयोग पर बल दिया जा रहा है। पूर्ववर्ती कक्षाओं के विद्यार्थी अपने बाद की कक्षा के विद्यार्थियों को पुस्तक उपहार देतें हैं। ताकि पुस्तकों का पुन: उपयोग हो सके और कागज की बचत हो। इससे पेड़ों का संरक्षण हो सकेगा। यह पुस्तकों का उपहार विद्यार्थी स्वेच्छा से करतें हैं। इस कार्य से निर्धन विद्यार्थियों की मदद भी होती है। कहा कि पुस्तक दान महादान है। क्योंकि पुस्तक ही ज्ञान का मार्ग प्रशस्त करती है। यह आने वाले समय के लिए एक अनूठा उदाहरण होगा कि अभिभावक अपने किसी भी किसी भी प्रिय या स्वजन को कुछ भेंट करना चाहतें हैं तो उपहार स्वरुप पुस्तक भेंट करें। इस अवसर पर मुख्य अध्यापक बी प्रसाद और पुस्तकालय प्रभारी एमएस यादव मौजूद रहे।
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