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दीपावली पर्व में चंद दिन शेष, बाजारों से गायब है रौनक
Updated Sun, 15 Oct 2017 11:18 PM IST
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मऊ। दीपावली पर्व में चंद दिन ही बचे है लेकिन बाजार से रौनक गायब दिख रही है। पेंट, चूनाकली की दूकानों पर बिक्री मेें जबरदस्त घटाव दर्ज किया गया है। पेंट, चूना आदि के रेट में इजाफा न होने के बाद भी बिक्री में कमी आई है। रंगाई-पुताई के दामों में बाजार की स्थति को देखकर यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि महंगाई के चलते लोग रंगाई-पुताई की जगह साफ-सफाई से ही काम चलाना चाहते हैं। बाजार में कारोबार की स्थिति को देखकर पेंट व्यवसाइयों में जहां उदासी है। वहीं माल भी डंप पड़े है।
नगरपालिका कम्युनिटी सेंटर स्थित पेंट व्यवसायी संजीव उपाध्याय का कहना है कि रंगाई पुताई के सामानों का दाम न बढ़ने के बाद भी पेंट, चूना आदि की बिक्री घट गई है। रंगाई पुताई के सामानों के भाव पर नजर डाला जाए तो एनएमएल पेंट 250 से 300 रुपया प्रति लीटर, इमरसन 200 रुपये से 250 रुपया प्रति लीटर, तारपीन तेल 70 रुपया से 80 रुपया प्रति लीटर, चूना 70 से 100 रुपया प्रति पांच किग्रा, पुट्टी 740 रुपये से 800रुपया प्रति 30 किग्रा, स्टेनर 85 से 100 रुपया प्रति 100 एमएल, फेवीकोल 200 रुपया से 250 प्रति किग्रा मिल रहा था। सिंधी कालोनी के पेंट व्यवसायी चंद्रजीत गुप्ता का कहना है कि महंगा पेंट बहुत कम बिक रहा है। रेट न बढ़ने के बाद भी अपेक्षाकृत बिक्री नहीं हो रही है। मजदूरों की मानें तो उन्हें अपेक्षाकृत इस वर्ष काम कम निकल रहा। मझवारा। दीपों के त्योहार दीपावली की तैयारी जोरों पर चल रही हैं, बाजारो में झालरों की मांग बढ़ती जा रही हैं, इसके बाद भी कुम्हार दीयों को बनाने का क्रम जारी रखे हैं। साथ ही दीयों की डिमांड कम होने से चितिंत भी नजर आए। दीपावली की तैयारी मेें सफाई सबसे महत्वपूर्ण है। ऐसे में रंगाई पुताई तो कम लेकिन दूकान से लेकर मकान तक की धुलाई और साफ सफाई की जा रही है। दीपावली के दिन दीपों का स्थान झालरों के ले लेने से मिट्टी के दीयों की मांग घटी हैं ,सुग्रीव कुंहार ने बताया कि अब दीयों की पूछ पहले जैसी कहां रही। पहले एक घर में तीन सौ से चार सौ दीप जलाए जाते थे। अब लोग दीप जलाने की फर्मेल्टी करते हैं।
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नगरपालिका कम्युनिटी सेंटर स्थित पेंट व्यवसायी संजीव उपाध्याय का कहना है कि रंगाई पुताई के सामानों का दाम न बढ़ने के बाद भी पेंट, चूना आदि की बिक्री घट गई है। रंगाई पुताई के सामानों के भाव पर नजर डाला जाए तो एनएमएल पेंट 250 से 300 रुपया प्रति लीटर, इमरसन 200 रुपये से 250 रुपया प्रति लीटर, तारपीन तेल 70 रुपया से 80 रुपया प्रति लीटर, चूना 70 से 100 रुपया प्रति पांच किग्रा, पुट्टी 740 रुपये से 800रुपया प्रति 30 किग्रा, स्टेनर 85 से 100 रुपया प्रति 100 एमएल, फेवीकोल 200 रुपया से 250 प्रति किग्रा मिल रहा था। सिंधी कालोनी के पेंट व्यवसायी चंद्रजीत गुप्ता का कहना है कि महंगा पेंट बहुत कम बिक रहा है। रेट न बढ़ने के बाद भी अपेक्षाकृत बिक्री नहीं हो रही है। मजदूरों की मानें तो उन्हें अपेक्षाकृत इस वर्ष काम कम निकल रहा। मझवारा। दीपों के त्योहार दीपावली की तैयारी जोरों पर चल रही हैं, बाजारो में झालरों की मांग बढ़ती जा रही हैं, इसके बाद भी कुम्हार दीयों को बनाने का क्रम जारी रखे हैं। साथ ही दीयों की डिमांड कम होने से चितिंत भी नजर आए। दीपावली की तैयारी मेें सफाई सबसे महत्वपूर्ण है। ऐसे में रंगाई पुताई तो कम लेकिन दूकान से लेकर मकान तक की धुलाई और साफ सफाई की जा रही है। दीपावली के दिन दीपों का स्थान झालरों के ले लेने से मिट्टी के दीयों की मांग घटी हैं ,सुग्रीव कुंहार ने बताया कि अब दीयों की पूछ पहले जैसी कहां रही। पहले एक घर में तीन सौ से चार सौ दीप जलाए जाते थे। अब लोग दीप जलाने की फर्मेल्टी करते हैं।
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