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माध्यमिक विद्यालयों से हटाई जाए बायोमेट्रिक मशीन
Updated Thu, 10 Aug 2017 12:16 AM IST
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मऊ। उत्तर प्रदेेश माध्यमिक शिक्षक संघ (चेतनारायण गुट) के तत्वावधान में शिक्षकों ने बुधवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित जिला विद्यालय निरीक्षक को ज्ञापन सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष शैलेश कुमार सिंह ने कहा कि बायोमेट्रिक मशीन की व्यवस्था न तो बेसिक शिक्षा विभाग में लागू किया गया और न ही उच्च शिक्षा विभाग में लागू किया गया। सरकार माध्यमिक शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को बदनाम करने की साजिश रच रही है। दोहरी नीति का विरोध जारी रहेगा। बायोमेट्रिक प्रणाली व्यवस्था को समाप्त किया जाए।
उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि माध्यमिक विद्यालयों में लंबे समय से शिक्षकों की कमी बनी हुई है। विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति न होने से छात्रों को गुणवत्तापरक शिक्षा नहीं मिल पा रही है। शिक्षा का बाजारीकरण हो रहा है। वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को मानदेय देने से वंचित कर दिया गया है। जनता का ध्यान हटाने के लिए सरकार तुगलकी फरमान जारी कर रही है। डॉ. राकेश सिंह ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय मेें भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। कहा कि तदर्थ शिक्षकों का विनिमितीकरण किया जाए। सेवारत तथा सेवानिवृत्त शिक्षकों तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को चिकित्सकीय सहायता नहीं मिल रही है। शासन की तरफ से पुरानी पेंशन बहाल करने में आनाकानी की जा रही है।संगठन की तरफ से वार्ता होने के बाद भी मांगों को लटकाया गया है। अंत में मुख्यमंत्री को संबोधित जिला विद्यालय निरीक्षक को ज्ञापन सौंपा। धरने को राजेंद्र सिंह, राजनाथ सिंह, जगदीश सिंह, नसीम अहमद, योगेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, जयनारायण पांडेय, अवनींद्र सिंह, विजय बहादुर सिंह, विद्याशंकर गुप्त आदि ने संबोधित किया।
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धरने को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष शैलेश कुमार सिंह ने कहा कि बायोमेट्रिक मशीन की व्यवस्था न तो बेसिक शिक्षा विभाग में लागू किया गया और न ही उच्च शिक्षा विभाग में लागू किया गया। सरकार माध्यमिक शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को बदनाम करने की साजिश रच रही है। दोहरी नीति का विरोध जारी रहेगा। बायोमेट्रिक प्रणाली व्यवस्था को समाप्त किया जाए।
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उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि माध्यमिक विद्यालयों में लंबे समय से शिक्षकों की कमी बनी हुई है। विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति न होने से छात्रों को गुणवत्तापरक शिक्षा नहीं मिल पा रही है। शिक्षा का बाजारीकरण हो रहा है। वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को मानदेय देने से वंचित कर दिया गया है। जनता का ध्यान हटाने के लिए सरकार तुगलकी फरमान जारी कर रही है। डॉ. राकेश सिंह ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय मेें भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। कहा कि तदर्थ शिक्षकों का विनिमितीकरण किया जाए। सेवारत तथा सेवानिवृत्त शिक्षकों तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को चिकित्सकीय सहायता नहीं मिल रही है। शासन की तरफ से पुरानी पेंशन बहाल करने में आनाकानी की जा रही है।संगठन की तरफ से वार्ता होने के बाद भी मांगों को लटकाया गया है। अंत में मुख्यमंत्री को संबोधित जिला विद्यालय निरीक्षक को ज्ञापन सौंपा। धरने को राजेंद्र सिंह, राजनाथ सिंह, जगदीश सिंह, नसीम अहमद, योगेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, जयनारायण पांडेय, अवनींद्र सिंह, विजय बहादुर सिंह, विद्याशंकर गुप्त आदि ने संबोधित किया।
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