{"_id":"5c211012bdec2257043b7dda","slug":"181545670674-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘इल्म को दीन की खिमत में लगाएं’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘इल्म को दीन की खिमत में लगाएं’
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मदरसा शमसुल उलूम निस्वां का सालाना जलसा सोमवार को सम्पन्न हुआ। जिसमें 281 छात्राओं की दस्तारबंदी की गई। इस दौरान दीनी तालीम पूरा कर चुकीं छात्राओं से इल्म को दीन की खिदमत में लगाने का आह्वान किया गया। जलसे का आगाज तिलावत-ए-कलाम पाक से किया गया।
मुख्य अतिथि शाइस्ता परवीन शम्सी बलियावी ने कहा कि इल्म दुनिया की बेहतरीन नेमतों में से एक है। इससे हर कोई से इज्जत पा सकता है। कहा कि लड़कियों को शिक्षित करना बहुत जरूरी है। एक लड़की शिक्षित होती है तो उससे एक परिवार शिक्षित होता है। उन्होनें लड़कियों को दीनी तालीम के साथ आधुनिक शिक्षा देने पर बल दिया। कहा कि अभिभावक अपनी जरूरतों को भले कम कर दें,परन्तु लड़कियों की पढ़ाई को रोके नहीं। कानपुर से आई मशहूर नातख़्वाना अफरोज सिद्दीकी ने नाते कलाम पेश कर सबका मनमोह लिया। छात्राओं ने भी अपनी तकरीर से लोगों का दिल जीता।
इस दौरान फजीलत की140, किरत की 134, हिफ़्ज की सात छात्राओं को नक़ाब, जुब्बा और सनद देकर उनकी दस्तारबंदी की गई।
जलसे की सदारत प्रिंसिपल आसिया खातून और निजामत फरहत जहां शम्सी ने किया। इस अवसर पर पूर्वांचल के साथ नेपाल, बिहार और दिल्ली से आए छात्राओं के अभिभावकों के साथ स्थानीय लोग भी शामिल रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में नाजिम हाफिज नासीर, नायब सदर मो यूनुस, महफूज, रूना खातून, महजबी, जैनम, नरगीस खातून, रुनखातून का विशेष सहयोग रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्य अतिथि शाइस्ता परवीन शम्सी बलियावी ने कहा कि इल्म दुनिया की बेहतरीन नेमतों में से एक है। इससे हर कोई से इज्जत पा सकता है। कहा कि लड़कियों को शिक्षित करना बहुत जरूरी है। एक लड़की शिक्षित होती है तो उससे एक परिवार शिक्षित होता है। उन्होनें लड़कियों को दीनी तालीम के साथ आधुनिक शिक्षा देने पर बल दिया। कहा कि अभिभावक अपनी जरूरतों को भले कम कर दें,परन्तु लड़कियों की पढ़ाई को रोके नहीं। कानपुर से आई मशहूर नातख़्वाना अफरोज सिद्दीकी ने नाते कलाम पेश कर सबका मनमोह लिया। छात्राओं ने भी अपनी तकरीर से लोगों का दिल जीता।
विज्ञापन
इस दौरान फजीलत की140, किरत की 134, हिफ़्ज की सात छात्राओं को नक़ाब, जुब्बा और सनद देकर उनकी दस्तारबंदी की गई।
जलसे की सदारत प्रिंसिपल आसिया खातून और निजामत फरहत जहां शम्सी ने किया। इस अवसर पर पूर्वांचल के साथ नेपाल, बिहार और दिल्ली से आए छात्राओं के अभिभावकों के साथ स्थानीय लोग भी शामिल रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में नाजिम हाफिज नासीर, नायब सदर मो यूनुस, महफूज, रूना खातून, महजबी, जैनम, नरगीस खातून, रुनखातून का विशेष सहयोग रहा।
विज्ञापन