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परिवार परामर्श केंद् की बैठक चार मामलों का हुआ निस्तारण
Updated Sun, 09 Sep 2018 11:33 PM IST
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परिवार परामर्श केंद्र की बैठक रविवार को पुलिस लाइन स्थित महिला थाना में हुई। इसमें कुल 12 पारिवारिक मामले आए जिसमें चार मामलों का निस्तारण हुआ। इसमें तीन मामलों में पक्षकारों को समझा बुझाकर उनका विवाद हल करा दिया गया। शेष मामलों में बैठक की अगली तिथि 16 सितंबर नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया।
परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से ममता चौहान और उसके पति अजय कुमार तथा ससुर रामलोचन के बीच चल रहा विवाद हल करा दिया गया। रामलोचन के चार लड़के थे। उनमें अजय कुमार कुछ माह पूर्व कहीं चला गया था। जिसके चलते पत्नी ममता को चार बच्चों के साथ परेशानहाल जीवन बिता रही थी। साथ ही उसने परिवार परामर्श केंद्र में हर्जे खर्चे के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। जिस पर सुनवाई चल रही थी। रविवार को हुई सुनवाई में उसके ससुर रामलोचन ने जायदाद में से बहू को हर्जे खर्चे के लिए 10 बिस्वा जमीन लिख दी।
वही भारती और अजीत तथा सावित्री और अंजू और मंजू के बीच चल रहे विवाद को पक्षकारों को समझा बुझाकर हल करा दिया गया। वही मंजू और अजीत सोनकर के मामले में मंजूू के लगातार अनुपस्थित रहने के चलते पत्रावली निस्तारित कर दी गई। वही चमेली और अनिल, निशा और सनोज, हेमवंती और उदयनरायन, के मामले में एक-एक पक्ष उपस्थित रहां।
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वही लक्ष्मीना और राजेश के मामले में पक्षकारों ने सुलह के लिए समय की मांग किया। तथा संगीता और हरिकेश, रामप्रताप और सुमन तथा अशोक पांडेय और इंदूमती के मामलें में कोई पक्षकार उपस्थित नहीं हुआ। जिसमें चलते बैठक की अगली तिथि 16 सितंबर 2018 नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया। बैठक में परामर्श केंद्र के सदस्यगण अर्चना उपाध्याय, विनोद कुमार सिंह, दरोगा विन्ध्यवासिनी पांडेय, दीवान चंदा सिंह, महिला आरक्षी पुष्पा गुप्ता, पूनम पाल, बरखा ने अपना सहयोग दिया।
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परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से ममता चौहान और उसके पति अजय कुमार तथा ससुर रामलोचन के बीच चल रहा विवाद हल करा दिया गया। रामलोचन के चार लड़के थे। उनमें अजय कुमार कुछ माह पूर्व कहीं चला गया था। जिसके चलते पत्नी ममता को चार बच्चों के साथ परेशानहाल जीवन बिता रही थी। साथ ही उसने परिवार परामर्श केंद्र में हर्जे खर्चे के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। जिस पर सुनवाई चल रही थी। रविवार को हुई सुनवाई में उसके ससुर रामलोचन ने जायदाद में से बहू को हर्जे खर्चे के लिए 10 बिस्वा जमीन लिख दी।
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वही भारती और अजीत तथा सावित्री और अंजू और मंजू के बीच चल रहे विवाद को पक्षकारों को समझा बुझाकर हल करा दिया गया। वही मंजू और अजीत सोनकर के मामले में मंजूू के लगातार अनुपस्थित रहने के चलते पत्रावली निस्तारित कर दी गई। वही चमेली और अनिल, निशा और सनोज, हेमवंती और उदयनरायन, के मामले में एक-एक पक्ष उपस्थित रहां।
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वही लक्ष्मीना और राजेश के मामले में पक्षकारों ने सुलह के लिए समय की मांग किया। तथा संगीता और हरिकेश, रामप्रताप और सुमन तथा अशोक पांडेय और इंदूमती के मामलें में कोई पक्षकार उपस्थित नहीं हुआ। जिसमें चलते बैठक की अगली तिथि 16 सितंबर 2018 नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया। बैठक में परामर्श केंद्र के सदस्यगण अर्चना उपाध्याय, विनोद कुमार सिंह, दरोगा विन्ध्यवासिनी पांडेय, दीवान चंदा सिंह, महिला आरक्षी पुष्पा गुप्ता, पूनम पाल, बरखा ने अपना सहयोग दिया।