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तमसा सफाई अभियान
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मऊ। प्रदूषित हो चली जिले के लिए जीवनदायनी तमसा की सफाई का कार्य 13 हवें दिन भी चलाया गया। इस दौरान पोकलैन और जेसीबी ने नगर क्षेत्र के रामघाट और भीटी घाट पर तमसा के मलबे को निकालने के साथ जमा सिल्ट को हटाने का काम की। योग दिवस के चलते अधिकारियों और कर्मचारियों के व्यस्त रहने के कारण 13 हवे दिन का सफाई अभियान मशीनरी पावर के नाम रहा।
जीवनदायनी तमसा को अविरल निर्मल बनाए रखने के लिए एनजीटी के आदेश पर जिला प्रशासन ने बीते नौ जून से तमसा निर्मल अभियान का शुभारंभ किया। इस कार्य में जिले के सभी नगर पंचायतों, नगर पालिका के साथ ग्राम पंचायतों के कर्मचारियों को लगाया गया था। शुुरु शुरु में निर्मल तमसा अभियान में विभिन्न संगठनों ने भाग लिया। चार दिनों तक चले अभियान के बाद पांचवें दिन अभियान को गति देने के लिए डीएम ने पोकलैन के साथ जेसीबी को लगावाया। इस दौरान मैन पावर जहां तमसा को साफ करने का काम किया। वहीं जेसीबी और पोकलैन ने तमसा के अवरोध को हटाने में काफी हद तक सफल रही। इस दौरान डीएम ने नदी में जमा सिल्ट को हटावाने से लेकर नदी को सीधी कराने में पोकलैन और जेसीबी को लगाया। दोनों मशीनरी पावर नदी की धारा में अवरोध पैदा करने वाले जमा सिल्ट को भी हटाने का काम किया। इससे नदी की धारा को गति मिली। साथ ही साथ तमसा के प्रवाह में भी अंतर आया। इसमें श्रीराम घाट, बम घाट, सांई घाट, ढेकुलिया घाट, भीटी घाट से जमा सिल्ट को हटाया जा सका। शुक्रवार को 13 हवें दिन पोकलैन और जेसीबी श्री राम घाट के साथ भीटी घाट पर लगी थी। यहां मशानों ने नदी में जमा सिल्ट को हटाने के साथ नदी की धारा को अविरल बनाने का काम दोनों मशीनों ने किया।
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जीवनदायनी तमसा को अविरल निर्मल बनाए रखने के लिए एनजीटी के आदेश पर जिला प्रशासन ने बीते नौ जून से तमसा निर्मल अभियान का शुभारंभ किया। इस कार्य में जिले के सभी नगर पंचायतों, नगर पालिका के साथ ग्राम पंचायतों के कर्मचारियों को लगाया गया था। शुुरु शुरु में निर्मल तमसा अभियान में विभिन्न संगठनों ने भाग लिया। चार दिनों तक चले अभियान के बाद पांचवें दिन अभियान को गति देने के लिए डीएम ने पोकलैन के साथ जेसीबी को लगावाया। इस दौरान मैन पावर जहां तमसा को साफ करने का काम किया। वहीं जेसीबी और पोकलैन ने तमसा के अवरोध को हटाने में काफी हद तक सफल रही। इस दौरान डीएम ने नदी में जमा सिल्ट को हटावाने से लेकर नदी को सीधी कराने में पोकलैन और जेसीबी को लगाया। दोनों मशीनरी पावर नदी की धारा में अवरोध पैदा करने वाले जमा सिल्ट को भी हटाने का काम किया। इससे नदी की धारा को गति मिली। साथ ही साथ तमसा के प्रवाह में भी अंतर आया। इसमें श्रीराम घाट, बम घाट, सांई घाट, ढेकुलिया घाट, भीटी घाट से जमा सिल्ट को हटाया जा सका। शुक्रवार को 13 हवें दिन पोकलैन और जेसीबी श्री राम घाट के साथ भीटी घाट पर लगी थी। यहां मशानों ने नदी में जमा सिल्ट को हटाने के साथ नदी की धारा को अविरल बनाने का काम दोनों मशीनों ने किया।
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