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चार दंपती साथ रहने को हुए राजी
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पुलिस लाइन में आयोजित महिला ऐच्छिक ब्यूरो की बैठक रविवार को सीओ मधुबन श्वेता आशुतोष की देखरेख में में हुई। इसमें कुल बीस पारिवारिक मामले आए, जिसमें ब्यूरो के सदस्यों के प्रयास से नौ मामलों का निस्तारण हुआ। जिसमें चार दंपती मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को तैयार हो गए। शेष मामलो में बैठक की अगली तिथि सात जुलाई नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजेे जाने का निर्देश दिया गया।
ऐच्छिक ब्यूरो के सदस्यों के प्रयास से किरन यादव और सरवन यादव, लक्ष्मी और आकांक्षा पांडेय, वृजेश और माधुरी तथा वहीदा और राजकुमार आपसी मतभेद भुलाकर साथ रहने को तैयार हो गए। वही अबू तलहा और राशिद, हसीना और जलालुद्दीन तथा चांदनी और संतोष वर्मा का मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के चलते तथा साजिमा और सुनील के मामले में पक्षकारों के लगातार अनुपस्थित रहने के चलते पत्रावली निस्तारित कर दी गई। वही पुष्पा सोनकर और लालबचन के मामले में पत्रावली अग्रिम कार्यवाही के लिए भेज दी गई। इस दौरान सावित्री और अजय तथा समीना और अमन आजमी के मामले में पक्षकारों ने सुलह के लिए समय की मांग किया।
वही सुनीता और रविंद्र , शहनाज और एकबाल, फातमा और पप्पू उर्फ शहजादे, रामअशीष और प्रीति के मामलें में एक-एक पक्षकार उपस्थित हुए। तथा संगीता सिंह और सोनू सिंह, महिमा देवी और विजय कुमार, सोनू देवी और उपेंद्र चौहान, मंजू और रामभवन तथा रेखा पांडये और दिनेश के मामले में कोई पक्षकार हाजिर नहीं हुआ। जिसके चलते बैठक की अगली तिथि सात जुलाई 2019 नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया। इस दौरान ब्यूरो के सदस्यगण सर्वेश दूबे, इब्राहिम सेवक ,अर्चना उपाध्याय, विनोद कुमार सिंह, मौलवी अरशद, इशरावती यादव के साथ ही पक्षकार और उनके परिजन उपस्थित रहे।
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ऐच्छिक ब्यूरो के सदस्यों के प्रयास से किरन यादव और सरवन यादव, लक्ष्मी और आकांक्षा पांडेय, वृजेश और माधुरी तथा वहीदा और राजकुमार आपसी मतभेद भुलाकर साथ रहने को तैयार हो गए। वही अबू तलहा और राशिद, हसीना और जलालुद्दीन तथा चांदनी और संतोष वर्मा का मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के चलते तथा साजिमा और सुनील के मामले में पक्षकारों के लगातार अनुपस्थित रहने के चलते पत्रावली निस्तारित कर दी गई। वही पुष्पा सोनकर और लालबचन के मामले में पत्रावली अग्रिम कार्यवाही के लिए भेज दी गई। इस दौरान सावित्री और अजय तथा समीना और अमन आजमी के मामले में पक्षकारों ने सुलह के लिए समय की मांग किया।
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वही सुनीता और रविंद्र , शहनाज और एकबाल, फातमा और पप्पू उर्फ शहजादे, रामअशीष और प्रीति के मामलें में एक-एक पक्षकार उपस्थित हुए। तथा संगीता सिंह और सोनू सिंह, महिमा देवी और विजय कुमार, सोनू देवी और उपेंद्र चौहान, मंजू और रामभवन तथा रेखा पांडये और दिनेश के मामले में कोई पक्षकार हाजिर नहीं हुआ। जिसके चलते बैठक की अगली तिथि सात जुलाई 2019 नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया। इस दौरान ब्यूरो के सदस्यगण सर्वेश दूबे, इब्राहिम सेवक ,अर्चना उपाध्याय, विनोद कुमार सिंह, मौलवी अरशद, इशरावती यादव के साथ ही पक्षकार और उनके परिजन उपस्थित रहे।
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