{"_id":"5ceecbc0bdec22076759fe71","slug":"1559153647420-mau-news112","type":"story","status":"publish","title_hn":"मॉडल स्कूल बनेंगे 20 परिषदीय विद्यालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मॉडल स्कूल बनेंगे 20 परिषदीय विद्यालय
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निजी विद्यालयों के तर्ज पर जिले के 20 परिषदीय माडल स्कूल के रुप में विकसित किए जाएंगे। प्रथम चरण में प्रत्येक ब्लाक में हिंदी व अंग्रेजी माध्यम के एक-एक माडल स्कूल खुलेंगे। विद्यालयों के भौतिक परिवेश को आकर्षक बनाया जाएगा। स्कूल में अध्ययनरत बच्चे डिजिटल क्लास रुम, व्हाइट बोर्ड, साइंस, मैथ, लैंग्वेज लैब के जरिए पढ़ाई करेंगे। शासन के निर्देश पर बीएसए ने बीईओ से दो-दो विद्यालयों की सूची मांगा है।
जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक हैं। सरकार की तरफ से प्राथमिक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए जिले के 114 परिषदीय विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू की गई। इससे बच्चों का अंग्रेजी माध्यम के परिषदीय विद्यालयों में रुझान बढ़ा है। इसके साथ ही विद्यालयों के भौतिक परिवेश का बच्चों तथा उनके अभिभावकों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। जिन विद्यालयों में बिजली, पानी, डेस्क-बेंच, कंप्यूटर, स्मार्ट क्लास, व्हाइट बोर्ड सहित अन्य भौतिक संसाधन उपलब्ध हैं। उन विद्यालयों में छात्रसंख्या बढ़ी है। वहीं अधिकारियों, प्रधानाध्यापकों तथा शिक्षकों के प्रयासों से कुछ परिषदीय विद्यालयों को डिजिटल लर्निंग से सुसज्जित किया गया है। इन विद्यालयों में भी बच्चों व उनके अभिभावकों का झुकाव बढ़ा हैै। इसे देखते हुए शासन की तरफ से चरणबद्ध तरीके से परिषदीय विद्यालयों को चमकाने की योजना है। अब शासन की तरफ से प्रथम चरण में जुलाई से शुरू होने वाले शिक्षा सत्र से प्रत्येक विकास खंड में एक हिंदी तथा एक अंग्रेजी माध्यम के स्कूल को माडल स्कूल के रुप में विकासित किया जाएगा।
विद्यालय में बाउंड्रीवाल, शौचालय, टाइल्स, फर्नीचर, 10केवीए का सोलर सिस्टम, खेल सामग्री, माइक सिस्टम, वाटर कूलर, झूला, खिलौना, अग्निशम यंत्र सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध होगी। इसके लिए बजट जारी किया जाएगा। बीईओ परदहां रमेश सिंह ने बताया कि दो माडल स्कूलों की सूची बीएसए कार्यालय को भेज दी गई है।
विज्ञापन
प्रत्येक ब्लाक में हिंदी व अंग्रेजी माध्यम के एक-एक माडल स्कूल खोले जाएंगे। 20 माडल स्कूलों का प्रस्ताव शीघ्र ही भेज दिया जाएगा।
ओपी त्रिपाठी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक हैं। सरकार की तरफ से प्राथमिक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए जिले के 114 परिषदीय विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू की गई। इससे बच्चों का अंग्रेजी माध्यम के परिषदीय विद्यालयों में रुझान बढ़ा है। इसके साथ ही विद्यालयों के भौतिक परिवेश का बच्चों तथा उनके अभिभावकों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। जिन विद्यालयों में बिजली, पानी, डेस्क-बेंच, कंप्यूटर, स्मार्ट क्लास, व्हाइट बोर्ड सहित अन्य भौतिक संसाधन उपलब्ध हैं। उन विद्यालयों में छात्रसंख्या बढ़ी है। वहीं अधिकारियों, प्रधानाध्यापकों तथा शिक्षकों के प्रयासों से कुछ परिषदीय विद्यालयों को डिजिटल लर्निंग से सुसज्जित किया गया है। इन विद्यालयों में भी बच्चों व उनके अभिभावकों का झुकाव बढ़ा हैै। इसे देखते हुए शासन की तरफ से चरणबद्ध तरीके से परिषदीय विद्यालयों को चमकाने की योजना है। अब शासन की तरफ से प्रथम चरण में जुलाई से शुरू होने वाले शिक्षा सत्र से प्रत्येक विकास खंड में एक हिंदी तथा एक अंग्रेजी माध्यम के स्कूल को माडल स्कूल के रुप में विकासित किया जाएगा।
विज्ञापन
विद्यालय में बाउंड्रीवाल, शौचालय, टाइल्स, फर्नीचर, 10केवीए का सोलर सिस्टम, खेल सामग्री, माइक सिस्टम, वाटर कूलर, झूला, खिलौना, अग्निशम यंत्र सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध होगी। इसके लिए बजट जारी किया जाएगा। बीईओ परदहां रमेश सिंह ने बताया कि दो माडल स्कूलों की सूची बीएसए कार्यालय को भेज दी गई है।
विज्ञापन
प्रत्येक ब्लाक में हिंदी व अंग्रेजी माध्यम के एक-एक माडल स्कूल खोले जाएंगे। 20 माडल स्कूलों का प्रस्ताव शीघ्र ही भेज दिया जाएगा।
ओपी त्रिपाठी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी