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सीडीओ ने फीता काटकर किया सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा की शुरुआत
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मऊ। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से जनपद के नगरीय एवं ग्रामीण स्तर पर सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा की शुरुआत की गई। यह पखवाड़ा नौ जून तक चलाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य शिशु एवं बाल मृत्यु दर में कमी लाना है। नगर पालिका के अंतर्गत के भरहु का पूरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार मिश्रा ने फीता काटकर सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने कहा कि यदि किसी भी बच्चे को दस्त हो तो उसे दस्त के दौरान ओआरएस एवं तरल पदार्थ दिया जाना चाहिए। दस्त के दौरान जिंक का उपयोग अवश्य किया जाए। दो माह से पांच वर्ष तक के बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार कुल 14 दिनों तक इसे देना चाहिए। दो से छह माह तक के बच्चों को आधी गोली, छह माह से पांच वर्ष तक के बच्चे को एक गोली जिंक का देना चाहिए। बताया कि जिंक और ओआरएस के उपयोग के बाद भी यदि डायरिया से पीड़ित बच्चा ठीक न हो तो उसे नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र पर अवश्य ले जाएं। बीमारी के दौरान बच्चे को उसकी आयु के अनुसार स्तनपान एवं ऊपरी आहार तथा भोजन अवश्य दें। बच्चे को पीने के लिए स्वच्छ पेयजल ही दिया जाए। डायरिया होने पर ओआरएस और जिंक का उपयोग करने से बच्चे में सुधार होता है। इस पखवाड़े के अंतर्गत समस्त ऐसे परिवार को लक्षित करना है जिसमें पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे हों और दस्त रोग से ग्रसित हों। साथ ही इस उम्र के कुपोषित बच्चे वाले परिवार को चिंहित करना प्राथमिकता में है।इस दौरान डॉ. एम लाल, डॉ. वकील अली, सरोज राना, कामाख्या मौर्य, समशेर अली, यूनिसेफ से सबरीन और रजिया एवम समस्त स्टाफ उपस्थित रहे। वलीदपुर संवाददाता के अनुसार शिशु एवं बाल्यावस्था मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से भारत सरकार की ओर से नौ जून तक मुहम्मदाबादगोहना तहसील क्षेत्र में सघन दस्त नियंत्रण पखवारा कार्यक्रम चलाया जाएगा। मुहम्मदाबाद गोहना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. एपी सिंह ने बताया कि शिशु एवं बाल्यावस्था मृत्यु दर में कमी लाना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का एक प्रमुख लक्ष्य है।
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इस अवसर पर सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने कहा कि यदि किसी भी बच्चे को दस्त हो तो उसे दस्त के दौरान ओआरएस एवं तरल पदार्थ दिया जाना चाहिए। दस्त के दौरान जिंक का उपयोग अवश्य किया जाए। दो माह से पांच वर्ष तक के बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार कुल 14 दिनों तक इसे देना चाहिए। दो से छह माह तक के बच्चों को आधी गोली, छह माह से पांच वर्ष तक के बच्चे को एक गोली जिंक का देना चाहिए। बताया कि जिंक और ओआरएस के उपयोग के बाद भी यदि डायरिया से पीड़ित बच्चा ठीक न हो तो उसे नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र पर अवश्य ले जाएं। बीमारी के दौरान बच्चे को उसकी आयु के अनुसार स्तनपान एवं ऊपरी आहार तथा भोजन अवश्य दें। बच्चे को पीने के लिए स्वच्छ पेयजल ही दिया जाए। डायरिया होने पर ओआरएस और जिंक का उपयोग करने से बच्चे में सुधार होता है। इस पखवाड़े के अंतर्गत समस्त ऐसे परिवार को लक्षित करना है जिसमें पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे हों और दस्त रोग से ग्रसित हों। साथ ही इस उम्र के कुपोषित बच्चे वाले परिवार को चिंहित करना प्राथमिकता में है।इस दौरान डॉ. एम लाल, डॉ. वकील अली, सरोज राना, कामाख्या मौर्य, समशेर अली, यूनिसेफ से सबरीन और रजिया एवम समस्त स्टाफ उपस्थित रहे। वलीदपुर संवाददाता के अनुसार शिशु एवं बाल्यावस्था मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से भारत सरकार की ओर से नौ जून तक मुहम्मदाबादगोहना तहसील क्षेत्र में सघन दस्त नियंत्रण पखवारा कार्यक्रम चलाया जाएगा। मुहम्मदाबाद गोहना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. एपी सिंह ने बताया कि शिशु एवं बाल्यावस्था मृत्यु दर में कमी लाना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का एक प्रमुख लक्ष्य है।
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